भारत और स्पेन आतंकवाद के शिकार? एस. जयशंकर ने स्पेन के विदेश मंत्री के साथ की बैठक
सारांश
Key Takeaways
- भारत और स्पेन के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर दिया गया।
- आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का समर्थन किया गया।
- द्विपक्षीय व्यापार 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर चुका है।
- पहला 'मेड इन इंडिया' सी295 एयरक्राफ्ट जल्द ही आने की उम्मीद है।
- संस्कृति पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सहयोग बढ़ाने की योजना है।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को दिल्ली में स्पेन के विदेश मंत्री जोसे मैनुअल अल्बेरेस के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर गहन चर्चा हुई।
बैठक में अपने प्रारंभिक भाषण में जयशंकर ने कहा, "विश्व एक बड़े परिवर्तन से गुजर रहा है। देशों के लिए साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होना पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। यह विशेष रूप से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में लागू होता है, क्योंकि भारत और स्पेन दोनों ही इसके शिकार रहे हैं। सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का प्रदर्शन करना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच गर्मजोशीमित्रतासाझा लोकतांत्रिक मूल्योंबहुपक्षवाद के प्रति सम्मान में निहित हैं। इस वर्ष, भारत और स्पेन साथ में राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ भी मनाएंगे।
जयशंकर ने कहा, "हमारी राजनीतिक भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो कि उच्च स्तरीय बातचीत से स्पष्ट होती है। दोनों देश 2026 में डिप्लोमैटिक संबंधों की 70वीं सालगिरह मनाएंगे, साथ ही संस्कृति पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दोहरा साल भी होगा। यह पहल हमारी सांस्कृतिक विरासत को भविष्य-उन्मुख सहयोग से जोड़ने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"
उन्होंने आगे कहा कि भारत अगले महीने 'एआई इम्पैक्ट समिट' की मेज़बानी करेगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मानव-केंद्रित, समावेशी और नैतिक उपयोग पर चर्चा होगी। यह दृष्टिकोण यूरोप के साथ मेल खाता है।
आर्थिक साझेदारी पर जयशंकर ने कहा कि यह द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। स्पेन ईयू में भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है, और हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर चुका है। स्पेन की कंपनियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी गतिशीलता, जल प्रबंधन और स्मार्ट सिटीज में अच्छी उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय कंपनियां भी स्पेन में आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हमें इस बिजनेस सहयोग को और गहरा करने की संभावनाएं दिखती हैं।"
दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग पर जयशंकर ने कहा, "हमें उम्मीद है कि पहला 'मेड इन इंडिया' सी295 एयरक्राफ्ट इस साल सितंबर से पहले सामने आएगा। यह हमारे रक्षा औद्योगिक सहयोग की बढ़ती गहराई और मजबूत निर्माण क्षमताएं दर्शाता है।"
उन्होंने कहा कि हमारे द्विपक्षीय साझेदारी में मजबूत सांस्कृतिक संबंध भी शामिल हैं। उन्होंने स्पेन में योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति की लोकप्रियता का उल्लेख किया, साथ ही भारत में स्पेनिश भाषा और संस्कृति में बढ़ती रुचि का भी हवाला दिया।
उन्होंने कहा, "पर्यटन भी हमारी साझेदारी का एक महत्वपूर्ण और बढ़ता हुआ स्तंभ है। लोगों के बीच संबंध भारत और स्पेन के बीच एक जीवित पुल का काम करते हैं। हम गतिशीलता, शिक्षा, आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारियों को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"