मैसूर दशहरा 2026: गवीमठ के श्री अभिनव गवीसिद्धेश्वर महास्वामीजी करेंगे उद्घाटन, सीएम शिवकुमार ने की घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 24 सितंबर 2026 को विधानसभा में घोषणा की कि इस वर्ष के मैसूर दशहरा का उद्घाटन कोप्पल स्थित गवीमठ के पूजनीय संत श्री अभिनव गवीसिद्धेश्वर महास्वामीजी करेंगे। राज्य के सबसे भव्य 'नाडा हब्बा' के उद्घाटन के लिए धार्मिक हस्ती का यह चयन कर्नाटक सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक निर्णय है।
विधानसभा में हुई घोषणा
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने सूखे की स्थिति पर चर्चा का जवाब देते हुए यह ऐलान किया। उन्होंने विधानसभा और विधान परिषद — दोनों सदनों के सदस्यों को इस ऐतिहासिक समारोह में उपस्थित रहने का व्यक्तिगत निमंत्रण भी दिया।
शिवकुमार ने अपने संबोधन में कहा, "इस साल नाडा हब्बा मैसूर दशहरा का उद्घाटन कोप्पल गवीमठ के पूज्य श्री अभिनव गवीसिद्धेश्वर महास्वामीजी करेंगे।" उन्होंने बताया कि महास्वामीजी को निमंत्रण पहले ही भेजा जा चुका है और गुरुवार सुबह फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने यह निमंत्रण स्वीकार भी कर लिया।
किसानों के लिए सरकारी पहल
उसी दिन चित्रदुर्ग में किसानों के सम्मान समारोह में बोलते हुए शिवकुमार ने कहा कि सरकार सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने भद्रा अपर बैंक प्रोजेक्ट का विशेष उल्लेख किया, जिसके ज़रिए भद्रा नदी का पानी चित्रदुर्ग तक पहुँचाया गया — उन्होंने इसे 60 साल पुराने सपने का साकार होना बताया।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 2028 से पहले पूरे सूखाग्रस्त क्षेत्र तक पानी पहुँचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की पाँच गारंटी योजनाओं के अंतर्गत छोटे किसानों को विशेष सहायता, कृषि गतिविधियों के लिए अनुदान और आजीविका सुधार के उपाय शामिल हैं।
नदी जल और पश्चिमी घाट के मुद्दे
शिवकुमार ने कृष्णा, कावेरी, तुंगभद्रा और महादयी नदियों में कर्नाटक के जल हिस्से की रक्षा करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बताया कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने तुंगभद्रा बेसिन में जल संरक्षण पर सहमति जताई है, और गाद जमा होने से करीब 30 टीएमसी पानी की बर्बादी रोकने के लिए एक समानांतर जलाशय बनाने पर विचार विमर्श जारी है।
कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी घाट और मलनाड क्षेत्रों के किसानों पर इसके प्रभाव की चर्चा के लिए विधानसभा का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था। उन्होंने जोड़ा कि एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से मिलकर पीढ़ियों से जंगलों के आसपास रहने वाले किसानों के हितों की रक्षा की माँग करेगा।
सिरिगेरे में पुण्यतिथि कार्यक्रम
सिरिगेरे में मुख्यमंत्री ने तरालाबालु जगद्गुरु मठ के श्री शिवकुमार शिवाचार्य महास्वामीजी की 35वीं पुण्यतिथि समारोह में भी हिस्सा लिया। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सेवा, समानता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में इस संस्था की भूमिका की सराहना की।
आगे क्या होगा
गवीमठ के श्री अभिनव गवीसिद्धेश्वर महास्वामीजी के उद्घाटन के साथ इस वर्ष का मैसूर दशहरा अक्टूबर में आयोजित होगा। राज्य के दोनों सदनों के सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किए जाने से यह स्पष्ट है कि सरकार इस आयोजन को विशेष महत्व दे रही है। यह उत्सव कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है और हर वर्ष लाखों पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।