मैसूरु दशहरा: सीएम डी.के. शिवकुमार ने नंदी ध्वज पूजा की, बोले — नफरत मिटे, अन्याय खत्म हो
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को मैसूरु दशहरा जुलूस से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों के तहत कोटे अंजनेय मंदिर के निकट नंदी ध्वज की विधिवत पूजा-अर्चना की। इस पावन अवसर पर उन्होंने कामना की कि दशहरा पर्व समाज से नफरत को मिटाए, सद्भाव को मजबूत करे और हर स्तर पर व्याप्त अन्याय का अंत हो।
मुख्यमंत्री का संदेश: सद्भाव और न्याय
पूजा के पश्चात मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने इस अवसर को अपने जीवन का अनमोल और अविस्मरणीय क्षण बताया। उन्होंने कहा, 'यह मेरे जीवन का अनमोल क्षण और अविस्मरणीय दिन है। जनता के आशीर्वाद से मुझे राज्य के प्रतिनिधि के रूप में इस भव्य जुलूस में भाग लेने का अवसर मिला है। मां चामुंडेश्वरी का आशीर्वाद हमारी सबसे बड़ी ताकत है।'
उन्होंने आगे कहा, 'इस दशहरा के माध्यम से नफरत खत्म हो और सद्भाव कायम हो। अन्याय का अंत होना चाहिए। राज्य की हर व्यवस्था में अन्याय मौजूद है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। युवाओं का भविष्य उज्ज्वल होना चाहिए।' उन्होंने बताया कि उन्होंने इन सभी विषयों पर देवी से कृपा की प्रार्थना की।
मां चामुंडेश्वरी से प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने मां चामुंडेश्वरी से कर्नाटक में अच्छी वर्षा, बेहतर फसल, शांति, सद्भाव और जन-कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा, 'हमने मां चामुंडी से प्रार्थना की है कि राज्य में अच्छी बारिश हो, फसलें अच्छी हों और हमारी धरती समृद्ध बने।'
शिवकुमार ने कहा कि राज्य की जनता ने उन्हें सेवा करने का अवसर दिया है और वह हमेशा जनता के कल्याण की कामना करते हैं। उन्होंने मां चामुंडेश्वरी के प्रति अपनी गहरी आस्था दोहराई।
जुलूस का उद्घाटन और नया हाथी
शिवकुमार ने बताया कि अभिनव कोप्पल गविसिद्धेश्वर स्वामीजी ने दीप प्रज्ज्वलित कर दशहरा जुलूस का उद्घाटन किया और राज्य को आशीर्वाद दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन की सकारात्मक भावना आगे भी बनी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष मां चामुंडेश्वरी की प्रतिमा को लेकर निकलने वाला भव्य जुलूस एक नए हाथी पर निकाला जाएगा। दशहरा उत्सव के उद्घाटन के दस दिन बाद से अब तक लाखों श्रद्धालु और पर्यटक मैसूरु पहुँच चुके हैं।
समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ
इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया, कृषि मंत्री पी.एम. नरेंद्रस्वामी, कन्नड़ एवं संस्कृति मंत्री शिवराज तंगडगी, मुजराई मंत्री के. बसवंतप्पा और पूर्व मंत्री उमाश्री सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि मैसूरु दशहरा कर्नाटक का सबसे भव्य राजकीय उत्सव है, जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान का केंद्र भी है। मुख्यमंत्री की इस उपस्थिति और उनके संदेश से स्पष्ट है कि सरकार इस उत्सव को सामाजिक एकता के मंच के रूप में भी देखती है।