राजस्थान पंचायत चुनाव: 16 जिलों में कल बैलेट पेपर से मतदान, 85 लाख मतदाता चुनेंगे सरपंच-वार्ड पंच
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए शनिवार, 25 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में आयोजित इस मतदान में करीब 85 लाख मतदाताओं के अपने मताधिकार का उपयोग करने की संभावना है। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।
मतदान की व्यवस्था और प्रक्रिया
पहले चरण के लिए कुल 9,886 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस बार एक उल्लेखनीय बदलाव यह है कि पिछले चुनावों में इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की जगह बैलेट पेपर (मतपत्र) के ज़रिए मतदान होगा। प्रत्येक मतदाता दो वोट डालेगा — एक सरपंच पद के उम्मीदवार के लिए और दूसरा वार्ड पंच पद के उम्मीदवार के लिए।
बैलेट पेपर के उपयोग के कारण मतगणना प्रक्रिया में अपेक्षाकृत अधिक समय लगने की संभावना है। पहले वार्ड पंच उम्मीदवारों के मतों की गिनती होगी, उसके बाद सरपंच उम्मीदवारों के। नतीजे देर शाम या रात तक आने की उम्मीद है।
नतीजों में संभावित देरी
मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाने की उम्मीद है, हालाँकि यह प्रक्रिया देर रात तक खिंच सकती है। जिन सीटों पर मुकाबला कड़ा है या जहाँ किसी तरह का विवाद उत्पन्न होता है, वहाँ पुनर्मतगणना (रीकाउंटिंग) की स्थिति बन सकती है, जिससे अंतिम परिणामों की घोषणा में और देरी हो सकती है।
बाड़मेर सबसे अधिक उम्मीदवारों वाला जिला
पहले चरण में बाड़मेर जिले में सर्वाधिक प्रत्याशी मैदान में हैं — सरपंच पद के लिए 419 और वार्ड पंच पद के लिए 3,029 उम्मीदवारों ने चुनावी दंगल में उतरने का फ़ैसला किया है। जोधपुर जिले की बालेसर पंचायत समिति में भी उम्मीदवारों ने शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किए।
निर्दलीय मुकाबला, फिर भी राजनीतिक दांव
ये चुनाव किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जा रहे हैं और कोई भी दल आधिकारिक प्रत्याशी नहीं उतार रहा। इसके बावजूद, स्थानीय राजनीतिक समीकरण और ग्राम स्तर की आपसी प्रतिद्वंद्विता परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित करती है। गौरतलब है कि पंचायत चुनाव ग्रामीण राजनीति का आईना होते हैं और इनके नतीजे अक्सर राज्य की राजनीति के लिए भी संकेतक माने जाते हैं।
उप-सरपंच चुनाव की प्रक्रिया
उप-सरपंच पद के लिए चुनाव 25 अक्टूबर 2026 को होगा। इस चुनाव में आम मतदाता भाग नहीं लेंगे — चुने हुए वार्ड पंच ही आपस में मिलकर उप-सरपंच का निर्वाचन करेंगे। यह व्यवस्था स्थानीय स्वशासन की संरचना को और मज़बूत बनाने का हिस्सा है।
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के इन चुनावों पर पूरे राज्य की नज़र है, क्योंकि ग्राम पंचायतें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे महत्वपूर्ण इकाई मानी जाती हैं।