6 अक्टूबर 2026
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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: धनतेरस पर धार्मिक भावनाओं के चलते पहले तीन चरणों की तारीखें एक दिन आगे बढ़ीं

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राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: धनतेरस पर धार्मिक भावनाओं के चलते पहले तीन चरणों की तारीखें एक दिन आगे बढ़ीं

सारांश

धनतेरस की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए राजस्थान राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव के पहले तीन चरणों की तारीखें एक-एक दिन आगे खिसका दीं। चौथा चरण पहले की तरह 14 और 16 नवंबर को ही होगा। यह बदलाव लाखों ग्रामीण मतदाताओं और उम्मीदवारों के लिए राहत लेकर आया है।

मुख्य बातें

राजस्थान राज्य चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर 2026 को पंचायत चुनाव के पहले तीन चरणों की तारीखें एक दिन आगे बढ़ाईं।
बदलाव का कारण धनतेरस पर धार्मिक भावनाओं और नागरिकों की चिंताओं को माना गया है।
जिला परिषद व पंचायत समिति मतदान: 22 अक्टूबर , 28 अक्टूबर , 3 नवंबर (पहले तीन चरण); 14 नवंबर (चौथा चरण अपरिवर्तित)।
पंच-सरपंच मतदान: 24 अक्टूबर , 30 अक्टूबर , 5 नवंबर और 16 नवंबर (चौथा चरण अपरिवर्तित)।
चौथे चरण के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

राजस्थान राज्य चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर 2026 को पंचायती राज चुनाव के पहले तीन चरणों की मतदान तारीखें एक-एक दिन आगे खिसका दीं। आयोग ने यह निर्णय धनतेरस के अवसर पर उठी धार्मिक भावनाओं और आम नागरिकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। चौथे चरण का कार्यक्रम पूर्ववत बना रहेगा।

संशोधित मतदान कार्यक्रम

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए नई तारीखें इस प्रकार हैं — पहला चरण 22 अक्टूबर, दूसरा चरण 28 अक्टूबर, तीसरा चरण 3 नवंबर और चौथा चरण 14 नवंबर। इससे पहले ये तारीखें क्रमशः 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर निर्धारित थीं।

पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान अब 24 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 5 नवंबर और 16 नवंबर को होगा, जबकि पूर्व कार्यक्रम में ये तारीखें 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर थीं।

चरण-वार विस्तृत कार्यक्रम

पहले चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए 22 अक्टूबर को मतदान होगा। पंच-सरपंच पदों के लिए 23 अक्टूबर को नामांकन, 24 अक्टूबर को मतदान और 25 अक्टूबर को उपसरपंच का निर्वाचन होगा।

दूसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होगा। पंच-सरपंच पदों के लिए 29 अक्टूबर को नामांकन, 30 अक्टूबर को मतदान और 31 अक्टूबर को उपसरपंच चुनाव होगा।

तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए 3 नवंबर को मतदान होगा। पंच-सरपंच पदों के लिए 4 नवंबर को नामांकन, 5 नवंबर को मतदान और 6 नवंबर को उपसरपंच चुनाव होगा।

चौथे चरण की तारीखें अपरिवर्तित हैं — जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए 14 नवंबर और पंच-सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान होगा।

धनतेरस का कारण और संदर्भ

गौरतलब है कि पंचायती राज चुनावों की मूल तारीखें त्योहारी मौसम के साथ टकरा रही थीं, जिससे मतदाताओं और चुनाव कर्मचारियों दोनों में असुविधा की आशंका थी। धनतेरस को हिंदू परंपरा में अत्यंत शुभ माना जाता है और इस दिन खरीदारी, पूजा-अर्चना तथा पारिवारिक आयोजनों की प्रथा है। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में ग्रामीण स्तर पर चुनावी भागीदारी बढ़ाने पर सरकार और आयोग दोनों का ज़ोर है।

राज्य चुनाव आयोग का यह कदम दर्शाता है कि स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक पंचांग को चुनाव प्रबंधन में प्राथमिकता दी जा रही है। आलोचकों का कहना है कि तारीखें तय करते समय इन पहलुओं पर पहले ही विचार किया जाना चाहिए था ताकि अंतिम समय में बदलाव की नौबत न आए।

आम मतदाताओं पर असर

संशोधित कार्यक्रम से ग्रामीण राजस्थान के लाखों मतदाताओं को राहत मिलेगी, जो त्योहारों के दौरान मतदान और उत्सव के बीच संतुलन बनाने को लेकर चिंतित थे। उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को भी अपनी प्रचार रणनीति और नामांकन की तैयारी को नई तारीखों के अनुसार पुनः व्यवस्थित करना होगा।

आगे की राह

राजस्थान राज्य चुनाव आयोग से अपेक्षा है कि वह अद्यतन अधिसूचना शीघ्र जारी करेगा। सभी उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और मतदाताओं को संशोधित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियाँ सुनिश्चित करनी होंगी। चौथे चरण के शेड्यूल में कोई बदलाव न होने से उससे जुड़ी प्रक्रियाएँ पूर्ववत जारी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल उठाता है कि क्या चुनाव कार्यक्रम तय करते वक़्त त्योहारी पंचांग की अनदेखी हुई थी। पहले से ही सार्वजनिक हिंदू पंचांग में धनतेरस की तारीख स्पष्ट थी — फिर भी अंतिम समय में बदलाव करना पड़ा, जो नियोजन की कमज़ोरी को उजागर करता है। उम्मीदवारों और दलों के लिए प्रचार रणनीति में अचानक फेरबदल की लागत होती है, जो छोटे और निर्दलीय उम्मीदवारों पर असमान रूप से पड़ती है। भविष्य में चुनाव आयोगों को धार्मिक व सांस्कृतिक कैलेंडर को प्रारंभिक तिथि-निर्धारण में ही शामिल करना चाहिए।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 की नई तारीखें क्या हैं?
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए मतदान 22 अक्टूबर, 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 14 नवंबर को होगा। पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 24 अक्टूबर, 30 अक्टूबर, 5 नवंबर और 16 नवंबर को होगा।
राजस्थान पंचायत चुनाव की तारीखें क्यों बदली गईं?
राजस्थान राज्य चुनाव आयोग ने धनतेरस के अवसर पर धार्मिक भावनाओं और आम नागरिकों की चिंताओं का हवाला देते हुए पहले तीन चरणों की तारीखें एक-एक दिन आगे खिसकाई हैं।
क्या राजस्थान पंचायत चुनाव के सभी चरणों की तारीखें बदली हैं?
नहीं, केवल पहले तीन चरणों की तारीखें एक दिन आगे बढ़ाई गई हैं। चौथे चरण का कार्यक्रम पूर्ववत बना हुआ है — जिला परिषद व पंचायत समिति के लिए 14 नवंबर और पंच-सरपंच के लिए 16 नवंबर।
उपसरपंच चुनाव की तारीखें क्या हैं?
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार उपसरपंच का चुनाव पहले चरण में 25 अक्टूबर, दूसरे चरण में 31 अक्टूबर और तीसरे चरण में 6 नवंबर को होगा।
पंच और सरपंच पदों के लिए नामांकन कब दाखिल होंगे?
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पंच और सरपंच पदों के लिए नामांकन पहले चरण में 23 अक्टूबर, दूसरे चरण में 29 अक्टूबर और तीसरे चरण में 4 नवंबर को दाखिल किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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