27 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रांची के नयासराय में पुलिस-राहुल सिंह गिरोह मुठभेड़: शूटर शाहिद गोली लगने से घायल, दो गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रांची के नयासराय में पुलिस-राहुल सिंह गिरोह मुठभेड़: शूटर शाहिद गोली लगने से घायल, दो गिरफ्तार

सारांश

रांची के नयासराय में पुलिस ने कुख्यात राहुल सिंह गिरोह के शूटर शाहिद को मुठभेड़ के दौरान गोली मारकर घायल किया और उसके साथी सहित दो को गिरफ्तार किया। मौके से देशी पिस्टल व दो जिंदा कारतूस भी बरामद हुए। शाहिद पर रांची, गुमला और लोहरदगा क्षेत्रों में कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल होने का संदेह है।

मुख्य बातें

27 अक्टूबर 2026 को रांची के नयासराय रेलवे लाइन के पास पुलिस और राहुल सिंह गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई।
गिरोह का शूटर शाहिद पुलिस की गोली लगने से घायल; उसे RIMS में भर्ती कराया गया।
शाहिद समेत उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार किया गया; मौके से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद।
शाहिद मूल रूप से लोहरदगा जिले का निवासी; उस पर कांके पेट्रोल पंप फायरिंग, बेड़ो लूटकांड और गुमला के शिवालिया कंस्ट्रक्शन साइट गोलीकांड में संलिप्तता का संदेह।
SSP राकेश रंजन ने बताया कि मुठभेड़ पेट्रोल पंप फायरिंग मामले की जाँच के दौरान मिली सूचना के आधार पर हुई।
रांची पुलिस ने गिरोह के शेष सदस्यों की तलाश में शहर में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया।

रांची के विधानसभा थाना क्षेत्र में नयासराय रेलवे लाइन के पास 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस और कुख्यात राहुल सिंह गिरोह के बीच सीधी मुठभेड़ हुई, जिसमें गिरोह का शूटर शाहिद पुलिस की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने घायल शूटर समेत उसके एक अन्य साथी को भी धर दबोचा। घायल अपराधी को उपचार के लिए राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS), रांची में भर्ती कराया गया है।

मुठभेड़ की पृष्ठभूमि

रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन ने मौके पर पहुँचकर बताया कि कुछ दिन पूर्व कांके थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के निकट हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना में राहुल सिंह गिरोह के अपराधियों की संलिप्तता सामने आई थी। इसके बाद से पुलिस लगातार गिरोह के सदस्यों की तलाश में थी।

मंगलवार को सूचना मिली कि शूटर शाहिद अपने एक साथी के साथ बाइक पर दलादली चौक की ओर से विधानसभा क्षेत्र की तरफ किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने आ रहा है। यह सूचना मिलते ही रांची पुलिस की विशेष टीम ने नयासराय इलाके में घेराबंदी की तैयारी शुरू कर दी।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस दल ने नयासराय में जाल बिछाकर संदिग्धों को घेर लिया। खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई के दौरान शूटर शाहिद के पैर में गोली लग गई।

घायल होने के बावजूद शाहिद मौके से भागने की कोशिश करता रहा, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे और उसके साथी को पकड़ लिया। मौके से पुलिस ने एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए।

आरोपी की पृष्ठभूमि और गिरोह की गतिविधियाँ

प्रारंभिक जाँच के अनुसार, गिरफ्तार शूटर शाहिद मूल रूप से लोहरदगा जिले का निवासी है। अधिकारियों के अनुसार, वह और उसका गिरोह राजधानी रांची सहित आसपास के जिलों में कई गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका है।

शाहिद पर कांके थाना क्षेत्र के पेट्रोल पंप पर फायरिंग, बेड़ो के लूटकांड तथा गुमला जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत चल रहे शिवालिया कंस्ट्रक्शन साइट पर हुई गोलीबारी की घटना में भी संलिप्त होने का संदेह है। ये आरोप कथित तौर पर प्रारंभिक जाँच पर आधारित हैं और अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

इस मुठभेड़ के बाद रांची पुलिस ने गिरोह के शेष सदस्यों की धरपकड़ के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। SSP राकेश रंजन ने संकेत दिया कि गिरोह के नेटवर्क की पूरी कड़ी को खंगाला जा रहा है।

यह मुठभेड़ ऐसे समय में हुई है जब झारखंड की राजधानी में संगठित अपराध गिरोहों की सक्रियता को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क थीं। गौरतलब है कि यह रांची में हाल के महीनों में पुलिस और सक्रिय गिरोहों के बीच हुई उल्लेखनीय मुठभेड़ों में से एक है। आने वाले दिनों में गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के बाद गिरोह के व्यापक नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बेड़ो और गुमला तक के मामले जुड़े होने के संदेह से स्पष्ट है कि ये गिरोह अब स्थानीय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर संगठित हैं। सवाल यह है कि राहुल सिंह गिरोह इतने समय तक सक्रिय कैसे रहा — और इसके लिए खुफिया तंत्र की चूक या प्रणालीगत कमज़ोरी की ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए। मुठभेड़ के बाद की सघन चेकिंग तात्कालिक दबाव तो दिखाती है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान गिरोह के वित्तीय और राजनीतिक संरक्षण नेटवर्क को तोड़ने में है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची के नयासराय में पुलिस मुठभेड़ में क्या हुआ?
27 अक्टूबर 2026 को रांची के विधानसभा थाना क्षेत्र में नयासराय रेलवे लाइन के पास पुलिस और राहुल सिंह गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई। गिरोह के शूटर शाहिद के पैर में गोली लगी और उसे उसके एक साथी सहित गिरफ्तार कर लिया गया।
शूटर शाहिद कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
शाहिद मूल रूप से लोहरदगा जिले का निवासी है और कुख्यात राहुल सिंह गिरोह का सदस्य बताया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, उस पर कांके थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप पर फायरिंग, बेड़ो लूटकांड और गुमला जिले के भारतमाला प्रोजेक्ट साइट पर गोलीबारी में संलिप्तता का संदेह है।
मुठभेड़ में पुलिस को क्या सफलता मिली?
पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया और मौके से एक देशी पिस्टल व दो जिंदा कारतूस बरामद किए। घायल शाहिद को RIMS में भर्ती कराया गया है।
रांची पुलिस ने मुठभेड़ के बाद क्या कदम उठाए?
SSP राकेश रंजन के नेतृत्व में रांची पुलिस ने गिरोह के शेष सदस्यों की तलाश के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ जारी है।
यह मुठभेड़ किस घटना की जाँच के दौरान हुई?
कांके थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हाल ही में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की जाँच के दौरान राहुल सिंह गिरोह की संलिप्तता सामने आई थी। इसी कड़ी में सूचना मिलने पर पुलिस ने नयासराय में घेराबंदी की, जिससे यह मुठभेड़ हुई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले