चक्रवात 'अर्नब' का कहर: रांची के सभी स्कूल 28-29 अक्टूबर बंद, 14 ट्रेनें रद्द
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के मद्देनज़र रांची जिला प्रशासन ने 27 अक्टूबर 2026 को आपातकालीन आदेश जारी करते हुए जिले के समस्त विद्यालयों को 28 और 29 अक्टूबर तक बंद रखने का निर्देश दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रांची को ऑरेंज अलर्ट ज़ोन में रखते हुए तेज़ हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा की चेतावनी दी है, जिसके बाद रेलवे ने भी झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल से गुजरने वाली 14 प्रमुख ट्रेनें रद्द कर दी हैं।
स्कूल बंदी का आदेश और नियम
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के अंतर्गत जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को रांची के सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों में कक्षा केजी से 12वीं तक का अध्यापन कार्य पूरी तरह स्थगित रहेगा। यह आदेश जिले के सभी श्रेणी के विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
हालाँकि, जिन निजी स्कूलों में पूर्व-निर्धारित परीक्षाएँ हैं, उनके प्रबंधन को परीक्षा आयोजित करने अथवा स्थगित करने का विवेकाधीन अधिकार दिया गया है। परंतु ऐसे किसी भी निर्णय की लिखित सूचना जिला शिक्षा पदाधिकारी अथवा जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से देनी होगी।
विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि छात्र-छात्राओं की छुट्टी के बावजूद शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहकर गैर-शैक्षणिक प्रशासनिक कार्य निपटाने होंगे और ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अपनी हाजिरी अनिवार्य रूप से दर्ज करानी होगी।
रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें
पूर्व तट रेलवे और दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 27 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच कुल 14 एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन निलंबित किया है। रद्द ट्रेनों में प्रमुख हैं:
हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस (18005) — 27 से 30 अक्टूबर तक; जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस (18006) — 28 से 31 अक्टूबर तक; राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस (18107) — 29 अक्टूबर से 4 नवंबर तक; जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस (18108) — 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक; भुवनेश्वर-जगदलपुर एक्सप्रेस (18447) — 27 से 30 अक्टूबर तक; तथा विशाखापत्तनम-किरंदुल एक्सप्रेस (18515) — 29 अक्टूबर से 4 नवंबर तक।
इसके अलावा विशाखापत्तनम-कोरापुट एक्सप्रेस सहित अन्य पैसेंजर ट्रेनें भी प्रभावित रहेंगी। यह ऐसे समय में हो रहा है जब त्योहारी सीजन के कारण रेल यात्रियों की संख्या सामान्य से काफी अधिक होती है।
यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे स्टेशन के लिए निकलने से पूर्व पूछताछ काउंटर, हेल्पलाइन नंबर या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप के माध्यम से अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति अवश्य जाँच लें। ट्रेन रद्दीकरण की सूची अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि चक्रवात की दिशा और तीव्रता पर IMD की नज़र बनी हुई है।
आगे क्या होगा
चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव क्षेत्र और तीव्रता को देखते हुए प्रशासनिक प्रतिक्रिया आने वाले घंटों में और व्यापक हो सकती है। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवात प्रत्येक वर्ष अक्टूबर-नवंबर में झारखंड, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय व अंतर्देशीय क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे IMD की अद्यतन चेतावनियों पर ध्यान दें और अनावश्यक यात्रा से बचें।