सरसुना परेड कांड: कोलकाता पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर किया क्राइम रिकंस्ट्रक्शन
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के दक्षिणी इलाके सरसुना में एक युवक और उसके पिता को सार्वजनिक रूप से निर्वस्त्र कर घुमाने के चर्चित मामले में कोलकाता पुलिस ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम रिकंस्ट्रक्शन की प्रक्रिया पूरी की। जाँचकर्ताओं ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई ताकि मामले की न्यायालयीय जाँच में ठोस साक्ष्य उपलब्ध हो सकें।
मुख्य घटनाक्रम
गिरफ्तार आरोपियों में प्रदीप सरकार और राहुल बर्मन की पहचान की गई है। पुलिस ने उन्हें शॉर्ट्स पहनाकर और रस्सियों से बाँधकर सरसुना पुलिस स्टेशन क्षेत्र के उस इलाके में ले गई, जहाँ कथित अपराध हुआ था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सरसुना पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि आगे की पूछताछ या आमने-सामने बैठाकर जिरह की आवश्यकता हुई, तो आरोपियों को दोबारा घटनास्थल पर लाया जा सकता है।
क्या हुआ था रविवार को
जाँचकर्ताओं के मुताबिक, यह घटना रविवार को हुई, जब एक युवक कथित तौर पर खुदीराम पल्ली इलाके में अपनी नाबालिग प्रेमिका से मिलने गया था। लड़की के परिजनों ने कथित तौर पर दोनों को एक साथ देख लिया और युवक के पिता को भी वहाँ बुला लिया।
पुलिस के अनुसार, युवक, उसके पिता और एक मित्र को एक स्थान पर बंद कर दिया गया, उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें गालियाँ दी गईं। इसके बाद उन्हें इलाके की सड़क पर निर्वस्त्र चलने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ितों को काँच की बोतलों से पीटा गया और कथित तौर पर बंदूक की नोक पर लगभग 50 मीटर तक घुमाया गया।
युवक की माँ के साथ भी मारपीट हुई, जिनका बाद में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
पीड़ित परिवार का बयान
जाँचकर्ताओं को दिए बयान में पीड़ित परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि लड़की के परिजनों ने उनके सामने तीन विकल्प रखे थे — पहला, पुलिस केस का सामना करें; दूसरा, युवक को गोली मारने दें; या तीसरा, सड़क पर निर्वस्त्र होकर चलें। पीड़ितों का आरोप है कि जान के डर से उन्होंने तीसरा विकल्प चुनने पर मजबूर किया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना, फैला तनाव
घटना के बाद सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल होने से इलाके में तनाव फैल गया। सोमवार की सुबह आक्रोशित लोगों के एक समूह ने युवक के घर पर हमला कर तोड़फोड़ की।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने नाबालिग लड़की के पिता, माँ और चाचा को गिरफ्तार कर लिया। अब तक इस मामले में कुल तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस ने संकेत दिया है कि वीडियोग्राफी किए गए रिकंस्ट्रक्शन को मामले के साक्ष्य के रूप में अदालत में पेश किया जाएगा। आगे की पूछताछ और संभावित अतिरिक्त गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया गया है। यह मामला न केवल पश्चिम बंगाल में बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक अपमान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के उल्लंघन पर बहस को फिर से सामने ला रहा है।