भोपाल में होटल व्यवसायी हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी: मुठभेड़ में लगी गोली
सारांश
Key Takeaways
- मुख्य आरोपी आसिफ को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया।
- विजय मेवाड़ा की हत्या धारदार हथियारों से हुई।
- पुलिस ने अन्य दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया था।
- इस घटना ने जनता में आक्रोश पैदा किया है।
- पुलिस ने मामले में जांच जारी रखी है।
भोपाल, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भोपाल पुलिस ने बुधवार को रातीबड़ क्षेत्र में हुई एक संक्षिप्त गोलीबारी के बाद होटल व्यवसायी विजय मेवाड़ा की हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।
आरोपी आसिफ उर्फ बम को मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी कि आसिफ रातीबड़ के समसपुर/केरवा जंगल में छिपा हुआ है।
जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, तभी उसने अचानक एक पिस्तौल निकाली और दोपहर करीब 12:15 बजे पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिससे उसके पैर में गोली लगी। आसिफ की गिरफ्तारी की सूचना देने वाले के लिए 30,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
गौरतलब है कि दो दिन पहले अशोका गार्डन पुलिस थाना क्षेत्र में प्रगति नगर के पास विजय मेवाड़ा की हत्या हुई थी। 35 वर्षीय विजय का विवाद आसिफ और उसके साथियों के साथ हुआ था, जिसके बाद उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया।
विजय मेवाड़ा को पहले ही वार में गंभीर चोटें आईं और बाद में हमीदिया अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
इस घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दो अन्य आरोपियों, फरमान और इमरान को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी आसिफ तब से फरार था।
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस मुठभेड़ की पुष्टि की है। इस घटना ने जनता में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला, जिसमें उन्होंने त्वरित न्याय की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और पुलिस से आरोपियों को गिरफ्तार करने एवं उनकी संपत्तियों को गिराने की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पॉलीटेक्निक चौराहे पर रोका और उन्हें तितर-बितर कर दिया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।