4 नवंबर 2026
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गुवाहाटी होटल गोलीकांड: मुख्य आरोपी घनाकांत गोगोई पुलिस मुठभेड़ में ढेर, पीड़ित परिवार ने CM सरमा का जताया आभार

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गुवाहाटी होटल गोलीकांड: मुख्य आरोपी घनाकांत गोगोई पुलिस मुठभेड़ में ढेर, पीड़ित परिवार ने CM सरमा का जताया आभार

सारांश

गुवाहाटी होटल बिलास इन में 6 की हत्या के 9 दिन बाद मुख्य आरोपी घनाकांत गोगोई असम पुलिस की ट्रांजिट मुठभेड़ में मारा गया। पीड़ित परिवार ने इसे न्याय बताया — पर एनकाउंटर की परिस्थितियाँ जाँच के दायरे में हैं।

मुख्य बातें

4 नवंबर 2026 की रात असम पुलिस ने गुवाहाटी होटल बिलास इन गोलीकांड के मुख्य आरोपी घनाकांत गोगोई (34) को मुठभेड़ में मार गिराया।
गोगोई को गुवाहाटी से शिवसागर ले जाने के दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसकी मृत्यु हुई।
26 अक्टूबर 2026 को हुई मूल गोलीबारी में होटल मालकिन हेलेना भराली , उनके भाई भूदेव भराली समेत 6 लोगों की हत्या हुई थी।
पीड़ित परिवार की सदस्य अंकित भराली ने एनकाउंटर को 'न्याय' बताते हुए CM हिमंता बिस्वा सरमा और असम पुलिस का आभार जताया।
मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जाँच प्रोटोकॉल के तहत अपेक्षित है; मामले में अन्य आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।

असम पुलिस ने 4 नवंबर 2026 की रात गुवाहाटी होटल बिलास इन गोलीकांड के मुख्य आरोपी घनाकांत गोगोई (34 वर्ष) को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने गुवाहाटी से शिवसागर ले जाए जाने के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की और पुलिस दल पर हमला कर दिया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। एनकाउंटर के बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और असम पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।

गोलीकांड की पृष्ठभूमि

26 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी के लचित नगर स्थित होटल बिलास इन में एक भयावह गोलीबारी की घटना घटी थी। पुलिस के अनुसार, यह वारदात होटल के पट्टे के समझौते को लेकर चल रहे संपत्ति विवाद से उपजी थी। कथित तौर पर इस विवाद को सुलझाने के लिए बुलाई गई बैठक से ठीक पहले विवाद और गहरा हो गया, जिसके बाद मुख्य आरोपी घनाकांत गोगोई ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

इस गोलीबारी में छह लोगों की जान चली गई। मृतकों में होटल की मालकिन हेलेना भराली, उनके भाई भूदेव भराली समेत परिवार के पाँच सदस्य और एक अन्य व्यक्ति शामिल थे। गोलीकांड के कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने गोगोई को गिरफ्तार कर लिया था।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, 4 नवंबर की रात आरोपी को गुवाहाटी से शिवसागर स्थानांतरित किया जा रहा था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर भागने का प्रयास करते हुए पुलिस दल पर हमला किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोगोई को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसने दम तोड़ दिया। इस तरह के 'ट्रांजिट एनकाउंटर' असम में पहले भी हो चुके हैं और इन पर न्यायिक समीक्षा की माँग उठती रही है।

पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया

एनकाउंटर के बाद भूदेव भराली की बेटी अंकित भराली ने बुधवार सुबह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'आज न्याय मिला है। भगवान ने न्याय किया है। पुलिस ने रात में उसका एनकाउंटर किया। जिस तरह बिना किसी दोष के मेरे परिवार की हत्या की गई है, ऐसे ही आरोपी को सजा मिली है।'

अंकित भराली ने आगे कहा, 'मैं मुख्यमंत्री और उन सभी लोगों को भी धन्यवाद देना चाहती हूँ जिन्होंने हमें न्याय दिलाने के लिए प्रयास किए। उन्होंने हर संभव कोशिश की और सभी ज़रूरी कदम उठाए। हम सच में उनके आभारी हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'यह बात मायने रखती है कि हमें न्याय मिला है और आरोपी को मौत के बदले मौत मिली है।'

सरकार और पुलिस की भूमिका

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अगुआई में असम सरकार ने गोलीकांड के तुरंत बाद त्वरित कार्रवाई का संकेत दिया था। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन की तेज़ी और मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की सराहना की। गौरतलब है कि असम में ऐसे हाई-प्रोफाइल मामलों में 'एनकाउंटर जस्टिस' का मुद्दा बार-बार चर्चा में आता है — मानवाधिकार संगठन इन मुठभेड़ों की स्वतंत्र जाँच की माँग करते रहे हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस प्रोटोकॉल के अनुसार, मुठभेड़ की परिस्थितियों की मजिस्ट्रियल जाँच अपेक्षित है। मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी। पीड़ित परिवार के शेष न्यायिक दावे और मुआवज़े की स्थिति भी स्पष्ट होनी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायिक प्रक्रिया को एनकाउंटर से प्रतिस्थापित करना एक संस्थागत प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। ट्रांजिट मुठभेड़ की परिस्थितियों की स्वतंत्र मजिस्ट्रियल जाँच न केवल प्रोटोकॉल की माँग है, बल्कि पुलिस की विश्वसनीयता के लिए भी ज़रूरी है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुवाहाटी होटल बिलास इन गोलीकांड क्या था?
26 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी के लचित नगर स्थित होटल बिलास इन में पट्टे के संपत्ति विवाद को लेकर हुई बैठक के दौरान मुख्य आरोपी घनाकांत गोगोई ने फायरिंग कर दी, जिसमें होटल मालकिन हेलेना भराली और उनके भाई भूदेव भराली समेत 6 लोगों की जान गई।
घनाकांत गोगोई का एनकाउंटर कैसे हुआ?
4 नवंबर 2026 की रात पुलिस गोगोई को गुवाहाटी से शिवसागर ले जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, उसने भागने की कोशिश में पुलिस दल पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हुआ और अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
पीड़ित परिवार ने एनकाउंटर पर क्या कहा?
भूदेव भराली की बेटी अंकित भराली ने एनकाउंटर को 'न्याय' बताया और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा तथा असम पुलिस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 'आरोपी को मौत के बदले मौत मिली है।'
क्या इस मुठभेड़ की जाँच होगी?
पुलिस प्रोटोकॉल के तहत किसी भी मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जाँच अपेक्षित होती है। असम में ऐसे ट्रांजिट एनकाउंटर पहले भी हुए हैं और मानवाधिकार संगठन इनकी स्वतंत्र जाँच की माँग करते रहे हैं।
इस मामले में अब आगे क्या होगा?
मुख्य आरोपी की मृत्यु के बाद भी मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी। एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जाँच और पीड़ित परिवार को मुआवज़े की स्थिति भी आगे स्पष्ट होनी है।
राष्ट्र प्रेस
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