गुवाहाटी ओपन फायरिंग: भूदेव भारली के परिजनों ने माँगा एनकाउंटर, असम की सुरक्षा पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी में 1 नवंबर 2026 को हुई ओपन फायरिंग में बारपेटा (असम) के निवासी भूदेव भारली की हत्या के बाद उनके परिजनों ने गहरी पीड़ा और दहशत के बीच आरोपी के एनकाउंटर तथा मृत्युदंड की माँग की है। भूदेव भारली की बेटी ने मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जाँच, दोषियों को कड़ी सजा और परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की अपील की है।
परिवार की पीड़ा और माँगें
भूदेव भारली की बेटी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'गुवाहाटी में लोग मुख्य रूप से रोजगार, खेल या शिक्षा के लिए आते हैं। यहाँ हर तरह के काम के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में कोई व्यक्ति खुलेआम आकर स्थानीय लोगों पर गोली चलाता है और फिर उसे राजा जैसा बर्ताव और सुरक्षा मिलती है — इस वजह से स्थानीय लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।' परिवार ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने की अपील की है।
शहर में फैला खौफ का माहौल
इस घटना के बाद गुवाहाटी के स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भय व्याप्त हो गया है। भूदेव की बेटी ने बताया कि लोग अपना कारोबार चलाने से डर रहे हैं, घर से बाहर जाने में संकोच कर रहे हैं, और होटल मालिक भी खौफ के साये में जी रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे हालात में बाहरी राज्यों से पर्यटक गुवाहाटी आने से हिचकेंगे।
असम की छवि पर असर
परिजनों ने असम की पर्यटन छवि को होने वाले नुकसान पर भी चिंता जताई। भूदेव की बेटी ने कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों को देश के अन्य हिस्सों में पहले से ही भेदभाव का सामना करना पड़ता है। यदि स्थानीय लोग ही अपने शहर में सुरक्षित नहीं हैं, तो बाहर से आने वाले पर्यटक और भी असुरक्षित महसूस करेंगे। गौरतलब है कि गुवाहाटी पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख प्रवेश द्वार और पर्यटन केंद्र है।
एनकाउंटर और मृत्युदंड की माँग
भूदेव भारली की बेटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जितना जल्द हो सके, उतना जल्दी एक्शन लेना चाहिए। हम आरोपी का एनकाउंटर चाहते हैं। हम मौत की सजा की माँग कर रहे हैं।' परिवार का कहना है कि जब तक दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना वापस नहीं आएगी।
आगे की राह
पुलिस मामले की जाँच कर रही है, हालाँकि अब तक आरोपी की गिरफ्तारी या आगे की कार्रवाई के बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब पूर्वोत्तर राज्यों में कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को लेकर पहले से ही बहस चल रही है। परिजनों की माँग है कि असम सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में तत्काल और पारदर्शी कार्रवाई करे, ताकि अपराधियों में कानून का भय स्थापित हो सके।