17 जुलाई 2026
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दुमका से पॉक्सो गिरफ्तारी: 47 वर्षीय पिता पर 15 वर्षीय बेटी के यौन शोषण का आरोप, दुर्गापुर में FIR

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दुमका से पॉक्सो गिरफ्तारी: 47 वर्षीय पिता पर 15 वर्षीय बेटी के यौन शोषण का आरोप, दुर्गापुर में FIR

सारांश

वेल्लोर में इलाज के दौरान एक 15 वर्षीय लड़की ने डॉक्टरों को बताया कि उसका पिता ही उसका यौन शोषण कर रहा था। इस खुलासे के बाद दुर्गापुर पुलिस ने दुमका से उस 47 वर्षीय पिता को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया — एक अंतर-राज्यीय मामला जो एक साल की चुप्पी के बाद सामने आया।

मुख्य बातें

दुर्गापुर पुलिस ने 1 जून 2026 को झारखंड के दुमका से 47 वर्षीय आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया।
आरोपी पर अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी के यौन शोषण का आरोप है।
पीड़िता ने वेल्लोर, तमिलनाडु में चिकित्सीय काउंसलिंग के दौरान अप्रैल में खुलासा किया।
पीड़िता करीब एक वर्ष से अवसाद में थी और कथित तौर पर उसने आत्मघाती प्रयास भी किया था।
FIR दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाने में पीड़िता की माँ की शिकायत पर दर्ज हुई।
आरोपी ने सभी आरोप नकारे हैं; पुलिस विस्तृत जाँच कर रही है।

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर जिले की पुलिस ने 1 जून 2026 को झारखंड के दुमका जिले से एक 47 वर्षीय व्यक्ति को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने का गंभीर आरोप है। यह मामला आरोपी की पत्नी — यानी पीड़िता की माँ — की लिखित शिकायत पर दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाने में दर्ज किया गया है।

मामले का पृष्ठभूमि और खुलासा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पिछले 12 वर्षों से एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत है और लगभग चार महीने पहले तबादले के बाद बतौर मैनेजर दुमका आया था। नाबालिग पीड़िता करीब एक वर्ष से गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थी। शुरुआत में उसका उपचार दुर्गापुर मिशन अस्पताल में कराया गया, किंतु स्थिति में सुधार न होने पर परिवार उसे अप्रैल माह में वेल्लोर, तमिलनाडु ले गया।

वेल्लोर में चिकित्सीय परामर्श और काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने डॉक्टरों के समक्ष खुलासा किया कि उसका पिता ही उसका यौन शोषण कर रहा था। यह खुलासा मामले की कड़ी बन गया, जिसके बाद वेल्लोर से लौटकर पीड़िता की माँ ने न्यू टाउनशिप थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

धमकी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप

शिकायत में दर्ज विवरण के अनुसार, आरोपी पिता अपनी बेटी पर लगातार दबाव बनाता था और उसे धमकी देता था कि यदि उसने किसी को बताया, तो वह उसकी माँ को छोड़ देगा। इसी भय और मानसिक प्रताड़ना के चलते पीड़िता गहरे अवसाद में चली गई और इस दौरान उसने कथित तौर पर आत्मघाती कदम उठाने का भी प्रयास किया था।

गौरतलब है कि इस तरह के मामलों में पीड़ित बच्चे अक्सर डर और सामाजिक दबाव के कारण लंबे समय तक चुप रहते हैं — और यहाँ भी चिकित्सीय परामर्श के दौरान ही सच्चाई सामने आ सकी।

पुलिस की कार्रवाई

दुर्गापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दुमका से गिरफ्तार कर लिया। अंतर-राज्यीय समन्वय के तहत यह गिरफ्तारी झारखंड में की गई।

आरोपी का पक्ष

गिरफ्तार आरोपी ने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए खुद को बेगुनाह बताया है। उसका दावा है कि उसे झूठा फंसाया गया है और यह उसकी पत्नी द्वारा रची गई साजिश है। पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जाँच कर रही है।

आगे क्या होगा

पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में त्वरित सुनवाई के प्रावधान हैं। जाँच एजेंसियाँ पीड़िता के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप-पत्र तैयार करेंगी। मामले की अगली सुनवाई संबंधित न्यायालय में निर्धारित होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

परिजनों द्वारा ही किए जाते हैं — और पीड़ित बच्चे डर और भावनात्मक ब्लैकमेल के चलते वर्षों तक चुप रहते हैं। यह तथ्य कि सच्चाई एक अस्पताल की काउंसलिंग में सामने आई, स्कूलों और स्वास्थ्य तंत्र में अनिवार्य रिपोर्टिंग प्रशिक्षण की ज़रूरत को रेखांकित करता है। पॉक्सो एक्ट के तहत त्वरित गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि पीड़िता को पर्याप्त मनोवैज्ञानिक सहायता और न्यायिक प्रक्रिया में संरक्षण मिले।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुमका पॉक्सो गिरफ्तारी का मामला क्या है?
दुर्गापुर पुलिस ने झारखंड के दुमका से एक 47 वर्षीय व्यक्ति को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है, जिस पर अपनी 15 वर्षीय बेटी का यौन शोषण करने का आरोप है। पीड़िता ने वेल्लोर में इलाज के दौरान काउंसलिंग में यह खुलासा किया, जिसके बाद उसकी माँ ने दुर्गापुर के न्यू टाउनशिप थाने में FIR दर्ज कराई।
पीड़िता ने इतने समय बाद खुलासा क्यों किया?
शिकायत के अनुसार, आरोपी पिता ने पीड़िता को धमकी दी थी कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसकी माँ को छोड़ देगा। इसी भय और मानसिक प्रताड़ना के कारण पीड़िता लगभग एक वर्ष तक चुप रही और गहरे अवसाद में चली गई। वेल्लोर में चिकित्सीय काउंसलिंग के सुरक्षित माहौल में उसने पहली बार सच्चाई बताई।
आरोपी के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पॉक्सो एक्ट के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के यौन शोषण के मामलों में कठोर दंड का प्रावधान है।
आरोपी का क्या कहना है?
गिरफ्तार आरोपी ने सभी आरोपों को नकारते हुए खुद को बेगुनाह बताया है। उसका दावा है कि उसे झूठा फंसाया गया है और यह उसकी पत्नी की साजिश है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों की जाँच कर रही है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में विशेष न्यायालयों में त्वरित सुनवाई का प्रावधान है। जाँच एजेंसियाँ पीड़िता के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप-पत्र तैयार करेंगी। पीड़िता की पहचान कानूनी रूप से संरक्षित रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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