5 जुलाई 2026
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दिल्ली पुलिस ने गोकलपुरी से 17 वर्षीय अगवा नाबालिग को बचाया, पॉक्सो एक्ट में 22 वर्षीय करण गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस ने गोकलपुरी से 17 वर्षीय अगवा नाबालिग को बचाया, पॉक्सो एक्ट में 22 वर्षीय करण गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली के गोकलपुरी थाने की स्पेशल टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के बल पर 20 जून से लापता 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद किया और आरोपी करण को पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार किया। यह मामला राजधानी में बाल सुरक्षा की चुनौती को एक बार फिर उजागर करता है।

मुख्य बातें

गोकलपुरी पुलिस स्टेशन की स्पेशल टीम ने 5 जुलाई 2026 को 17 वर्षीय अगवा नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद किया।
पीड़िता 20 जून से लापता थी; माँ की शिकायत पर 23 जून को बीएनएस धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज हुआ।
आरोपी की पहचान उत्तम नगर निवासी 22 वर्षीय करण के रूप में हुई; उसने पूछताछ में अपराध स्वीकार किया।
मामले में बीएनएस धारा 64(1), 87 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 जोड़ी गईं; अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद।
पिछले महीने आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने भी एक अलग नाबालिग को बरामद किया था।

दिल्ली के गोकलपुरी पुलिस स्टेशन की एक विशेष टीम ने 5 जुलाई 2026 को 17 वर्षीय एक अगवा नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद किया और पॉक्सो एक्ट के तहत उत्तम नगर निवासी 22 वर्षीय करण को गिरफ्तार किया। पीड़िता 20 जून से लापता थी और परिजनों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसका सुराग नहीं मिल पाया था।

मामले का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 23 जून को पीड़िता की माँ ने गोकलपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि उनकी बेटी 20 जून से घर से गायब है। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और जाँच शुरू की गई।

गोकलपुरी के एसएचओ इंस्पेक्टर उमेद सिंह की अगुवाई में एक स्पेशल टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पीड़िता का पता लगाया।

गिरफ्तारी और बरामदगी

तकनीकी इनपुट के आधार पर टीम ने आरोपी करण को पकड़ा, जो उत्तम नगर का रहने वाला है। पूछताछ में उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी उसके पास से बरामद किया गया।

जाँच के दौरान सामने आए तथ्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में बीएनएस की धारा 64(1) और 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 भी जोड़ी गईं। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट का पिछला मामला

यह ऐसे समय में आया है जब पिछले महीने दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने भी एक लापता नाबालिग लड़की को बरामद कर उसके परिवार से मिलाया था। उस मामले में अलीपुर पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत जून में एफआईआर दर्ज हुई थी।

गौरतलब है कि दिल्ली में नाबालिगों के लापता होने और उनकी बरामदगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो राजधानी में बाल सुरक्षा के मुद्दे को रेखांकित करते हैं।

आगे की कार्रवाई

नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद करने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और जाँच के लिए संबंधित जाँच अधिकारी को सौंप दिया गया है। दोनों मामलों में जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दोषसिद्धि दर अपेक्षाकृत कम बनी हुई है। असली परीक्षा गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अदालत में सफल अभियोजन है — और यही वह बिंदु है जहाँ व्यवस्था अक्सर कमज़ोर पड़ती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के गोकलपुरी में नाबालिग लड़की को कैसे बचाया गया?
गोकलपुरी एसएचओ इंस्पेक्टर उमेद सिंह की अगुवाई में गठित स्पेशल टीम ने तकनीकी निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पीड़िता का पता लगाया और आरोपी करण को गिरफ्तार किया। 20 जून से लापता 17 वर्षीय लड़की को 5 जुलाई 2026 को सकुशल बरामद किया गया।
आरोपी करण पर कौन-कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी करण पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 64(1) और 87 के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया और अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
पॉक्सो एक्ट क्या है और यह मामला इसके तहत क्यों दर्ज हुआ?
पॉक्सो (POCSO) यानी 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों पर सख्त दंड का प्रावधान करता है। इस मामले में पीड़िता 17 वर्षीय नाबालिग है और पीड़िता के बयान तथा जाँच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पॉक्सो एक्ट की धारा 4 जोड़ी गई।
क्या दिल्ली में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं?
हाँ, पिछले महीने दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने भी एक लापता नाबालिग लड़की को बरामद कर उसके परिवार से मिलाया था। उस मामले में जून में अलीपुर पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
बरामद नाबालिग लड़की को अब कहाँ रखा गया है?
नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और जाँच के लिए संबंधित जाँच अधिकारी को सौंप दिया गया है। मामले में जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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