महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि: 'शेर-ए-पंजाब' को देशभर के नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
27 जून को महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें सिख साम्राज्य के महान संस्थापक, वीर योद्धा तथा कुशल प्रशासक के रूप में स्मरण किया। नेताओं ने एकमत से कहा कि 'शेर-ए-पंजाब' का जीवन साहस, न्याय और सुशासन की अनुपम प्रेरणा है, जो आज भी प्रासंगिक है।
मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सिख साम्राज्य के महान शासक, वीरता और कुशल नेतृत्व के प्रतीक 'शेर-ए-पंजाब' महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। अपनी दूरदर्शिता, पराक्रम और सुशासन से उन्होंने पंजाब को सशक्त शक्ति के रूप में स्थापित किया। उनका योगदान इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।"
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "सिख साम्राज्य के संस्थापक, पराक्रम, सुशासन और राष्ट्र गौरव के प्रतीक महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन! राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक गौरव और जनकल्याण के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।"
केंद्रीय मंत्री और उपमुख्यमंत्री का नमन
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "'शेर-ए-पंजाब' महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन। अपने अदम्य साहस, अद्वितीय वीरता और न्यायप्रिय शासन से एक सशक्त साम्राज्य की स्थापना करने वाले इस महान योद्धा के गौरवशाली इतिहास को राष्ट्र सदैव याद रखेगा।"
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, "सिख साम्राज्य के संस्थापक एवं अद्वितीय योद्धा 'शेर-ए-पंजाब' महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने अपने शौर्य और न्यायप्रिय शासन से एक सशक्त एवं समृद्ध सिख साम्राज्य की स्थापना की। विदेशी हुकूमत के विरुद्ध उनके अदम्य साहस और पराक्रम का इतिहास आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।"
बिहार भाजपा की श्रद्धांजलि
बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपने संदेश में कहा, "अद्वितीय योद्धा महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। वह सिख स्वाभिमान, वीरता और न्याय के प्रतीक रहे। उन्होंने पंजाब ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत की एकता और अखंडता को नया बल दिया।"
महाराजा रणजीत सिंह की विरासत
गौरतलब है कि महाराजा रणजीत सिंह ने 19वीं सदी में एक सशक्त और समावेशी सिख साम्राज्य की नींव रखी थी, जो अपने धर्मनिरपेक्ष प्रशासन और सैन्य कौशल के लिए इतिहास में विख्यात है। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष राजनीतिक दलों के पार नेता एकजुट होकर उनकी स्मृति को नमन करते हैं, जो उनकी राष्ट्रीय स्वीकार्यता का प्रमाण है। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब राष्ट्रीय एकता और सुशासन के मूल्य समकालीन विमर्श के केंद्र में हैं।