27 जून 2026
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महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि: 'शेर-ए-पंजाब' को देशभर के नेताओं ने किया नमन

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महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि: 'शेर-ए-पंजाब' को देशभर के नेताओं ने किया नमन

सारांश

महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर 27 जून को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत देशभर के नेताओं ने 'शेर-ए-पंजाब' को नमन किया और उनके सुशासन व वीरता की विरासत को राष्ट्रीय प्रेरणा बताया।

मुख्य बातें

27 जून को महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें 'दूरदर्शिता और सुशासन का प्रतीक' बताया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें 'राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक गौरव के प्रति समर्पित' बताया।
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक्स पर नमन अर्पित किया।
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें 'भारत की एकता और अखंडता को नया बल देने वाला' बताया।

27 जून को महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर के वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें सिख साम्राज्य के महान संस्थापक, वीर योद्धा तथा कुशल प्रशासक के रूप में स्मरण किया। नेताओं ने एकमत से कहा कि 'शेर-ए-पंजाब' का जीवन साहस, न्याय और सुशासन की अनुपम प्रेरणा है, जो आज भी प्रासंगिक है।

मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सिख साम्राज्य के महान शासक, वीरता और कुशल नेतृत्व के प्रतीक 'शेर-ए-पंजाब' महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। अपनी दूरदर्शिता, पराक्रम और सुशासन से उन्होंने पंजाब को सशक्त शक्ति के रूप में स्थापित किया। उनका योगदान इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।"

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "सिख साम्राज्य के संस्थापक, पराक्रम, सुशासन और राष्ट्र गौरव के प्रतीक महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन! राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक गौरव और जनकल्याण के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।"

केंद्रीय मंत्री और उपमुख्यमंत्री का नमन

केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "'शेर-ए-पंजाब' महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन। अपने अदम्य साहस, अद्वितीय वीरता और न्यायप्रिय शासन से एक सशक्त साम्राज्य की स्थापना करने वाले इस महान योद्धा के गौरवशाली इतिहास को राष्ट्र सदैव याद रखेगा।"

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, "सिख साम्राज्य के संस्थापक एवं अद्वितीय योद्धा 'शेर-ए-पंजाब' महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने अपने शौर्य और न्यायप्रिय शासन से एक सशक्त एवं समृद्ध सिख साम्राज्य की स्थापना की। विदेशी हुकूमत के विरुद्ध उनके अदम्य साहस और पराक्रम का इतिहास आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।"

बिहार भाजपा की श्रद्धांजलि

बिहार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने अपने संदेश में कहा, "अद्वितीय योद्धा महाराजा रणजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। वह सिख स्वाभिमान, वीरता और न्याय के प्रतीक रहे। उन्होंने पंजाब ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत की एकता और अखंडता को नया बल दिया।"

महाराजा रणजीत सिंह की विरासत

गौरतलब है कि महाराजा रणजीत सिंह ने 19वीं सदी में एक सशक्त और समावेशी सिख साम्राज्य की नींव रखी थी, जो अपने धर्मनिरपेक्ष प्रशासन और सैन्य कौशल के लिए इतिहास में विख्यात है। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष राजनीतिक दलों के पार नेता एकजुट होकर उनकी स्मृति को नमन करते हैं, जो उनकी राष्ट्रीय स्वीकार्यता का प्रमाण है। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब राष्ट्रीय एकता और सुशासन के मूल्य समकालीन विमर्श के केंद्र में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी उल्लेखनीय है कि ऐसे अवसरों पर श्रद्धांजलि से आगे बढ़कर नीतिगत विमर्श — जैसे सिख इतिहास को पाठ्यक्रम में उचित स्थान देना — कम ही होता है। रणजीत सिंह की विरासत का सबसे प्रासंगिक पाठ उनका समावेशी और धर्मनिरपेक्ष प्रशासन था, जिसका उल्लेख आज के राजनीतिक संदेशों में प्रायः पृष्ठभूमि में चला जाता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि कब है?
महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि 27 जून को मनाई जाती है। इस दिन देशभर के नेता और समुदाय उन्हें 'शेर-ए-पंजाब' के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
महाराजा रणजीत सिंह को 'शेर-ए-पंजाब' क्यों कहा जाता है?
महाराजा रणजीत सिंह को उनके अदम्य साहस, सैन्य पराक्रम और पंजाब में एक सशक्त सिख साम्राज्य की स्थापना के कारण 'शेर-ए-पंजाब' की उपाधि दी गई। उन्होंने 19वीं सदी में विदेशी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष करते हुए एक समृद्ध और न्यायप्रिय राज्य का निर्माण किया।
27 जून 2025 को किन नेताओं ने महाराजा रणजीत सिंह को श्रद्धांजलि दी?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक्स पर पोस्ट कर उन्हें नमन किया।
महाराजा रणजीत सिंह की विरासत क्यों महत्वपूर्ण है?
महाराजा रणजीत सिंह ने 19वीं सदी में एक ऐसे सिख साम्राज्य की नींव रखी जो अपने समावेशी प्रशासन, धर्मनिरपेक्षता और सैन्य कौशल के लिए इतिहास में विख्यात है। उनकी विरासत आज भी राष्ट्रीय एकता, सुशासन और न्याय के मूल्यों की प्रेरणा देती है।
महाराजा रणजीत सिंह ने सिख साम्राज्य की स्थापना कब की?
महाराजा रणजीत सिंह ने 19वीं सदी के आरंभ में सिख साम्राज्य की स्थापना की और पंजाब को एक सशक्त, संगठित तथा समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित किया। उनका शासन अपने न्यायप्रिय और दूरदर्शी स्वरूप के लिए जाना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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