बिहार स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का युवाओं से आह्वान: सिगरेट, गुटखा, शराब छोड़ें; 6 करोड़ की NCD स्क्रीनिंग अभियान शुरू
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने 2 सितंबर को पटना में राज्यव्यापी स्वास्थ्य अभियान के शुभारंभ पर प्रदेश के युवाओं से सिगरेट, गुटखा और शराब का सेवन त्यागने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने 'कीमती जीवन की अहमियत समझनी चाहिए और नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।' इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री ने संयुक्त रूप से 38 जिलों के लिए जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाई।
अभियान का स्वरूप और लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित 'जांच एवं उपचार — चिकित्सा आपके द्वार' नामक यह राज्यव्यापी अभियान 30 नवंबर तक संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी और उनका हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि कुल 6 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह अभियान राज्य के 14,500 स्वास्थ्य केंद्रों पर एक साथ संचालित होगा। अभियान के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और कई आधुनिक उपकरण भी खरीदे गए हैं।
किन बीमारियों की होगी पहचान
अभियान के दौरान मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), थायरॉयड, कैंसर, हृदय रोग, सांस एवं फेफड़ों से संबंधित बीमारियाँ तथा फैटी लिवर सहित विभिन्न गैर-संचारी बीमारियों (NCD) की समय रहते पहचान की जाएगी। जिन नागरिकों में इन बीमारियों के लक्षण चिन्हित होंगे, उन्हें उचित उपचार, चिकित्सीय परामर्श और निशुल्क दवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्वास्थ्य मंत्री की युवाओं से अपील
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि युवाओं को इस अभियान में सहभागी बनना चाहिए और सिगरेट, गुटखा तथा शराब के सेवन से बचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'नशे से दूर रहना ही स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य की नींव है।' गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून पहले से लागू है, बावजूद इसके नशे की समस्या सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय बनी हुई है।
आम जनता पर असर
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब गैर-संचारी बीमारियाँ (NCD) भारत में कुल मौतों का एक बड़ा हिस्सा बन चुकी हैं। बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्य में घर-घर स्क्रीनिंग की यह पहल उन लाखों नागरिकों तक पहुँचने का प्रयास है जो अब तक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहे हैं। निशुल्क दवाओं और परामर्श की व्यवस्था से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
क्या होगा आगे
अभियान 30 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ने की अपील की है। स्क्रीनिंग के दौरान तैयार होने वाला हेल्थ रिकॉर्ड भविष्य में स्वास्थ्य नीति निर्माण में भी सहायक हो सकता है।