प्रशांत किशोर का बड़ा हमला: डस्टबिन घोटाले में तेजस्वी और मंगल पांडेय दोनों जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के संस्थापक एवं विधायक प्रशांत किशोर ने बुधवार, 2 सितंबर को मुजफ्फरपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कथित डस्टबिन घोटाले को लेकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव — दोनों पर एक साथ निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि डस्टबिन की खरीद प्रक्रिया तेजस्वी यादव के स्वास्थ्य मंत्री रहते शुरू हुई और पूरी खरीद मंगल पांडेय के कार्यकाल में संपन्न हुई, इसलिए दोनों की भूमिका की जाँच अनिवार्य है।
घोटाले का मूल आरोप
किशोर के अनुसार, मीडिया रिपोर्टों में सामने आया है कि ₹5,000 की बाज़ार कीमत वाले डस्टबिन को ₹15,000 में खरीदा गया। उन्होंने कहा कि यदि यह तथ्य सही है, तो संबंधित विभाग के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सीधे जवाबदेह हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक ऐसे अधिकारी की भूमिका भी सामने आ रही है, जो दोनों स्वास्थ्य मंत्रियों के कार्यकाल में महत्वपूर्ण पद पर रहे।
किशोर का दावा — पहले भी उठाई थी आवाज़
प्रशांत किशोर ने कहा, 'मंगल पांडेय पर सबसे पहले सबूत के साथ भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाला व्यक्ति यही प्रशांत किशोर है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चूँकि मंगल पांडेय अब मंत्री नहीं हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग में कोई राजनीतिक स्वार्थ नहीं है। किशोर ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार करने वाला व्यक्ति चाहे किसी भी दल, जाति या समूह से जुड़ा हो, उसे बचाने का सवाल ही नहीं उठता।
मधुबनी हिरासत मौत और अन्य मुद्दे
किशोर ने मधुबनी में रोशन यादव की कथित हिरासत में पिटाई और बाद में मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कई ऐसे संवेदनशील मामलों में लीपापोती कर रही है। उन्होंने कहा कि जन सुराज जहाँ भी व्यवस्था या व्यवस्था से जुड़े लोगों द्वारा किसी के साथ अन्याय देखता है, वहाँ आवाज़ उठाना उसका दायित्व है।
मुख्यमंत्री पर सीधा प्रहार
दिल्ली में एक मंत्री पर लड़की से कथित छेड़खानी और चप्पल-जूते से मारने के आरोप से जुड़े सवाल पर किशोर ने मुख्यमंत्री को सीधे कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'जब सरकार के मुखिया का चरित्र ही दागदार है, आपराधिक है, तो इस तरह की घटनाएं सरकार के मंत्री, विधायक, व्यवस्था से जुड़े हुए लोग और अधिकारियों से आपको सुनने को मिलती ही रहेंगी।' यह टिप्पणी उनकी व्यापक राजनीतिक आलोचना का हिस्सा थी, जिसमें उन्होंने शासन की नैतिक जवाबदेही पर सवाल उठाए।
आगे की राह
किशोर ने कहा कि वह इस मामले में पूरी जानकारी सामने आने और संबंधित पक्षों की ओर से स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं। जन सुराज के इस आक्रामक रुख से बिहार की राजनीति में डस्टबिन घोटाले पर दबाव और बढ़ने की संभावना है।