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'द ग्रेट इंडियन किचन' देख पुरुषों ने खुद धोया टिफिन — निमिषा सजयन का खुलासा

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'द ग्रेट इंडियन किचन' देख पुरुषों ने खुद धोया टिफिन — निमिषा सजयन का खुलासा

सारांश

'द ग्रेट इंडियन किचन' ने सिनेमा की सीमाएँ तोड़ीं — जब पुरुष दर्शक फिल्म देखकर खुद टिफिन धोने लगें, तो यह महज़ मनोरंजन नहीं रहता। निमिषा सजयन का यह खुलासा बताता है कि एक मलयालम फिल्म ने घरेलू श्रम और लैंगिक समानता पर समाज की सोच को कितनी गहराई से छुआ।

मुख्य बातें

अभिनेत्री निमिषा सजयन ने बताया कि 'द ग्रेट इंडियन किचन' देखने के बाद कई पुरुषों ने उन्हें संदेश भेजकर घर के कामों में बदलाव की जानकारी दी।
फिल्म जनवरी 2021 में सीधे ओटीटी पर रिलीज़ हुई थी और घरेलू श्रम तथा विवाह में महिलाओं की भूमिका पर व्यापक चर्चा छेड़ी।
फिल्म में निमिषा सजयन के साथ सूरज वेंजारामूडु अहम भूमिका में थे।
फिल्म का हिंदी रीमेक 'मिसेज' बना, जिसमें सान्या मल्होत्रा मुख्य किरदार में थीं।
निमिषा के अनुसार फिल्म का मकसद महिलाओं को 'बेचारी' दिखाना नहीं, बल्कि उनकी अदृश्य मेहनत को दृश्यमान बनाना था।

मलयालम अभिनेत्री निमिषा सजयन ने खुलासा किया है कि जनवरी 2021 में ओटीटी पर रिलीज़ हुई फिल्म 'द ग्रेट इंडियन किचन' देखने के बाद कई पुरुषों ने उन्हें संदेश भेजकर बताया कि अब वे घर लौटकर अपना टिफिन खुद साफ करने लगे हैं। मुंबई में एक विशेष बातचीत के दौरान अभिनेत्री ने कहा कि यह फिल्म महिलाओं को 'बेचारी' दिखाने के लिए नहीं, बल्कि घर के भीतर उनकी अनदेखी मेहनत पर समाज का ध्यान खींचने के लिए बनाई गई थी।

फिल्म का असर — दर्शकों में आया बदलाव

निमिषा सजयन ने बताया, 'आज की महिलाएं आत्मनिर्भर और मजबूत हैं। वे खुद का ख्याल रखने के साथ-साथ परिवार और घर की जिम्मेदारियाँ भी संभालती हैं। फिल्म रिलीज़ होने के बाद मुझे पुरुषों की तरफ से कई संदेश मिले, जिनमें बदलाव साफ दिखाई दिया। कुछ पुरुषों ने बताया कि अब वे घर जाकर अपना टिफिन खुद साफ करते हैं और कामों में भी हाथ बंटाते हैं।'

यह प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि फिल्म ने केवल महिला दर्शकों को नहीं, बल्कि पुरुष दर्शकों को भी आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया। गौरतलब है कि 'द ग्रेट इंडियन किचन' ने ओटीटी पर रिलीज़ के बावजूद व्यापक सामाजिक चर्चा छेड़ी थी।

फिल्म की कहानी और उसका मूल सवाल

फिल्म में निमिषा सजयन ने एक पढ़ी-लिखी महिला का किरदार निभाया, जिसकी अरेंज मैरिज होती है। शादी के बाद वह ऐसे घर में पहुँचती है जहाँ उससे अपेक्षा की जाती है कि वह खाना पकाए, घर संभाले और परिवार के पुरुषों की ज़रूरतें पूरी करे। धीरे-धीरे उसे एहसास होता है कि उसकी अपनी पसंद, आज़ादी और इच्छाओं की कोई खास जगह नहीं है।

निमिषा ने इस बारे में कहा, 'फिल्म असल में यह दिखाने की कोशिश करती है कि पुरुष महिलाओं के साथ किस तरह व्यवहार करते हैं और किस तरह कई बार उनकी मेहनत को बिना सोचे-समझे अपना अधिकार समझ लिया जाता है। कहानी का असली सवाल यही था कि क्या घर की जिम्मेदारियाँ सिर्फ महिला की हैं या परिवार के हर सदस्य को इसमें अपना हिस्सा निभाना चाहिए।'

महिलाओं की अदृश्य मेहनत पर फिल्म का संदेश

अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि फिल्म का मकसद महिलाओं को सिर्फ दुख झेलने वाली या 'बेचारी' दिखाना नहीं था। उन्होंने कहा, 'खाना बनाना, सफाई करना, सबको खाना परोसना और घर की बाकी जिम्मेदारियाँ अक्सर महिलाओं की तय जिम्मेदारी मान ली जाती हैं, जबकि यह नहीं सोचा जाता कि वे भी थकती हैं और उन्हें भी आराम की ज़रूरत होती है।'

यह ऐसे समय में प्रासंगिक है जब घरेलू श्रम के बँटवारे को लेकर भारतीय समाज में बहस तेज़ हो रही है और शहरी युवा पीढ़ी पारंपरिक भूमिकाओं पर पुनर्विचार कर रही है।

हिंदी रीमेक 'मिसेज' और निमिषा की प्रतिक्रिया

फिल्म की सफलता के बाद इसका हिंदी रीमेक 'मिसेज' भी बनाया गया, जिसमें अभिनेत्री सान्या मल्होत्रा मुख्य भूमिका में नज़र आईं। फिल्म में निमिषा सजयन के साथ अभिनेता सूरज वेंजारामूडु ने भी अहम किरदार निभाया था। जब निमिषा से पूछा गया कि क्या उन्होंने 'मिसेज' देखी है, तो उन्होंने बताया कि अभी तक उन्हें इसे देखने का मौका नहीं मिला है।

'द ग्रेट इंडियन किचन' जैसी फिल्में यह साबित करती हैं कि सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का एक सशक्त माध्यम भी हो सकता है — और निमिषा सजयन के शब्दों में, जब एक पुरुष अपना टिफिन खुद धोने लगे, तो समझिए कि फिल्म अपना काम कर चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली बात यह है कि यह फिल्म उस 'सामान्यीकृत शोषण' को उजागर करती है जिसे समाज ने परंपरा का नाम दे दिया है। हिंदी रीमेक 'मिसेज' का बनना बताता है कि यह विषय क्षेत्रीय सीमाओं से परे पूरे भारत की कहानी है।
RashtraPress
10 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'द ग्रेट इंडियन किचन' फिल्म किस बारे में है?
यह एक मलयालम फिल्म है जो एक पढ़ी-लिखी महिला की कहानी बताती है, जिसकी अरेंज मैरिज के बाद घर के सभी काम उस पर थोप दिए जाते हैं। फिल्म घरेलू श्रम, विवाह में महिलाओं की भूमिका और उनकी अनदेखी मेहनत पर सवाल उठाती है।
निमिषा सजयन ने पुरुष दर्शकों की क्या प्रतिक्रिया बताई?
निमिषा सजयन ने बताया कि फिल्म देखने के बाद कई पुरुषों ने उन्हें संदेश भेजे कि वे अब घर जाकर अपना टिफिन खुद साफ करते हैं और घर के कामों में भी हाथ बंटाते हैं। यह फिल्म के व्यापक सामाजिक प्रभाव को दर्शाता है।
'द ग्रेट इंडियन किचन' कब और कहाँ रिलीज़ हुई थी?
यह फिल्म जनवरी 2021 में सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ हुई थी। इसमें निमिषा सजयन और सूरज वेंजारामूडु मुख्य भूमिकाओं में थे।
क्या 'द ग्रेट इंडियन किचन' का हिंदी रीमेक बना है?
हाँ, इस फिल्म का हिंदी रीमेक 'मिसेज' के नाम से बना, जिसमें अभिनेत्री सान्या मल्होत्रा मुख्य किरदार में नज़र आईं। निमिषा सजयन ने बताया कि अभी तक उन्हें 'मिसेज' देखने का मौका नहीं मिला है।
फिल्म का मुख्य संदेश क्या था?
निमिषा सजयन के अनुसार फिल्म का मकसद महिलाओं को 'बेचारी' दिखाना नहीं था, बल्कि यह सवाल उठाना था कि घर की जिम्मेदारियाँ केवल महिलाओं की क्यों मानी जाती हैं और उनकी मेहनत को इतना सामान्य क्यों समझ लिया जाता है कि वह दिखती ही नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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