कस्तूरबा बालिका विद्यालयों के कायाकल्प को ₹101.49 करोड़, योगी सरकार ने 2026-27 में जारी किए
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के आधारभूत ढाँचे के उन्नयन के लिए ₹101.49 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य प्रदेश भर की छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त आवासीय शिक्षा वातावरण उपलब्ध कराना है। लखनऊ से जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार निर्माण कार्य अब धरातल पर उतारे जाने की प्रक्रिया में हैं।
किन निर्माण कार्यों को मिली मंज़ूरी
स्वीकृत धनराशि से छह प्रमुख निर्माण कार्य कराए जाएँगे — अतिरिक्त डॉरमेट्री, जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण, टॉयलेट ब्लॉक, गार्ड रूम, सेप्टिक टैंक और बाउंड्री वॉल। अतिरिक्त डॉरमेट्री से विद्यालय परिसरों की आवासीय क्षमता में सीधा विस्तार होगा, जबकि जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण से छात्राओं को संरचनात्मक रूप से सुरक्षित परिसर मिलेंगे।
टॉयलेट ब्लॉक और सेप्टिक टैंक के निर्माण से स्वच्छता व्यवस्था को बल मिलेगा, वहीं गार्ड रूम और बाउंड्री वॉल परिसर की भौतिक सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। गौरतलब है कि ये सुविधाएँ उन छात्राओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं जो दूरदराज़ के क्षेत्रों से आकर इन विद्यालयों में आवासीय रूप से पढ़ती हैं।
कार्यदायी संस्था और क्रियान्वयन तंत्र
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशों के अनुक्रम में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को इन निर्माण कार्यों की कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया है। राज्य स्तर से स्वीकृत कार्यों को जिला स्तर पर तेज़ी से शुरू कराने के लिए संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कार्यदायी संस्था के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर बालिका शिक्षा में ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए आवासीय सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। आवासीय सुविधाओं की कमी को ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के विद्यालय छोड़ने के प्रमुख कारणों में गिना जाता रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधायुक्त विद्यालयी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का यह विस्तार उसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है।
आम जनता और छात्राओं पर असर
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मुख्यतः अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों की वंचित छात्राओं को निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करते हैं। बेहतर आवासीय क्षमता और सुरक्षा ढाँचे से इन विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और छात्राओं की शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या
स्वीकृत लागत के सापेक्ष धनराशि अवमुक्त होने के बाद निर्माण कार्यों को विद्यालयवार प्रगति के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। यह पहल उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को नई दिशा देने का प्रयास है।