उत्तर प्रदेश सरकार ने केजीबीवी प्रणाली में अभूतपूर्व सुधार किए

Click to start listening
उत्तर प्रदेश सरकार ने केजीबीवी प्रणाली में अभूतपूर्व सुधार किए

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय प्रणाली में सुधारों के माध्यम से छात्राओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया है। रिक्त पदों की भरपाई और आधारभूत ढांचे का विस्तार एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key Takeaways

  • केजीबीवी के तहत आधारभूत ढांचे का विस्तार हुआ है।
  • रिक्त पदों की भरपाई की प्रक्रिया तेज हो रही है।
  • छात्राओं के लिए नई सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
  • खेलकूद और समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
  • प्रदेश की बेटियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

लखनऊ, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) व्यवस्था में अभूतपूर्व और ठोस सुधार किए हैं। हाल के आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश में एक ओर जहां रिक्त पदों को तेजी से भरने की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी ओर छात्राओं की दैनिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विस्तार में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसके अतिरिक्त, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

अब बेसिक शिक्षा विभाग खाद्यान्न, दैनिक उपयोग की वस्तुएं एवं स्टेशनरी की आपूर्ति को सुनिश्चित कर रहा है। नीतिगत सख्ती, सतत निगरानी और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के चलते केजीबीवी अब आवासीय विद्यालयों के साथ-साथ सुरक्षित, सुसज्जित और आधुनिक शैक्षिक परिसरों के रूप में विकसित हो रहे हैं। यह परिवर्तन प्रदेश की बेटियों को बेहतर अवसर, सुविधाएं और सशक्त भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभिन्न जनपदों में केजीबीवी के अंतर्गत एकेडमिक हॉस्टल, अतिरिक्त डॉरमेट्री, कंप्यूटर लैब और टॉयलेट ब्लॉक जैसी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है।

आंकड़ों के अनुसार, कई जिलों में इन कार्यों को पूर्ण करके छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि केजीबीवी के रिक्त पदों में सुधार की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। आंकड़े बताते हैं कि प्रयागराज (43), बलिया (42), उन्नाव (39) और एटा (35) जैसे जनपदों में उच्च रिक्तियों को चिह्नित कर उनकी पूर्ति की प्रक्रिया को तेज किया गया है।

वहीं, श्रावस्ती, रायबरेली, आजमगढ़, ललितपुर जैसे कई जनपदों में कोई भी पद रिक्त नहीं है। ऐसे जिलों में रिक्तियों की संख्या शून्य होना प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेही आधारित व्यवस्था का संकेत है। छात्राओं के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए रोटी मेकिंग मशीन, सोलर गीजर, जेनसेट एवं वाशिंग मशीन जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही फोक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट, ओपन जिम और 'एक केजीबीवी-एक खेल' जैसी पहलें भी छात्राओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही हैं। भवन मरम्मत कार्यों में भी तेजी आई है। वर्ष 2025-26 में बलरामपुर में 80 फीसदी कार्य प्रगति दर्ज की गई है। अन्य जनपदों में भी मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं।

निर्माण कार्यों से जुड़े आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश में केजीबीवी के अंतर्गत आधारभूत ढांचे का विस्तार तेज गति से हुआ है और अब अधिकांश कार्य हैंडओवर की अंतिम प्रक्रिया में हैं। आंकड़ों के अनुसार बाराबंकी में कुल 34 कार्य (20 अतिरिक्त डॉरमिटरी, 13 कंप्यूटर लैब, 1 टॉयलेट ब्लॉक), हरदोई में 33 कार्य (4 हॉस्टल, 16 डॉरमिटरी, 6 कंप्यूटर लैब, 7 टॉयलेट ब्लॉक) और लखीमपुर खीरी में 27 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

इसी क्रम में बरेली (25), गोंडा (22), देवरिया (18) और लखनऊ (17) सहित कई जनपदों में भी निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। बड़ी संख्या में निर्माण कार्य धरातल पर पूर्ण हो चुके हैं और अब हैंडओवर की प्रक्रिया प्रगति पर है। योगी सरकार ने पहले चरण में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और अब उसे व्यवस्थित रूप से विद्यालयों को सौंपकर छात्राओं के उपयोग में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे शीघ्र ही इन सुविधाओं का पूर्ण लाभ बालिकाओं को मिल सकेगा।

Point of View

जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सुधारों के प्रयासों की सराहना की जा रही है। यह कदम न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि सामाजिक सुधारों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
14/04/2026

Frequently Asked Questions

केजीबीवी का उद्देश्य क्या है?
केजीबीवी का उद्देश्य गरीब और ग्रामीण लड़कियों को शिक्षा प्रदान करना और उनके विकास में मदद करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने केजीबीवी में क्या सुधार किए हैं?
सरकार ने रिक्त पदों की भरपाई, आधारभूत ढांचे का विस्तार और छात्राओं के लिए नई सुविधाओं का प्रावधान किया है।
क्या केजीबीवी में छात्राओं की संख्या बढ़ी है?
हां, सुधारों के चलते केजीबीवी में छात्राओं की संख्या में वृद्धि हुई है।
केजीबीवी की सुविधाओं में क्या शामिल है?
फ्रिज, वाशिंग मशीन, कंप्यूटर लैब, टॉयलेट ब्लॉक आदि जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
क्या केजीबीवी में खेलकूद की सुविधाएं हैं?
जी हां, 'एक केजीबीवी-एक खेल' जैसी पहलें भी छात्राओं के समग्र विकास के लिए लागू की गई हैं।
Nation Press