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यूपी में केजीबीवी वार्डनों के लिए विशेष प्रशिक्षण, बालिका शिक्षा को मिलेगा नया बल

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यूपी में केजीबीवी वार्डनों के लिए विशेष प्रशिक्षण, बालिका शिक्षा को मिलेगा नया बल

सारांश

उत्तर प्रदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डनों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। यह पहल बालिका शिक्षा को सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

सुरक्षित वातावरण का निर्माण बालिका सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता नेतृत्व विकास कौशल का प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न बैचों में सामाजिक रूप से वंचित बेटियों के लिए अवसर

लखनऊ, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में पढ़ाई कर रही बेटियों के लिए सुरक्षित, अनुशासित और प्रेरक आवासीय वातावरण सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके तहत सोमवार से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़, गाजियाबाद तथा अयोध्या में केजीबीवी वार्डनों का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया।

यह प्रशिक्षण एनआईईपीए (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन) और भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में वार्डनों की भूमिका, दायित्वों और छात्रावास प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।

उद्घाटन सत्र में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार से अंडर सेक्रेटरी रामनिवास ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि उन बेटियों के लिए अवसर का मंच हैं जो सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आती हैं। ऐसे में वार्डनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे छात्राओं के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और अनुशासित वातावरण सुनिश्चित करने की अग्रिम पंक्ति में होती हैं।

उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण वार्डनों की नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन कौशल और बालिका संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को और सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर एनआईईपीए की ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सांत्वना मिश्रा तथा उनकी टीम भी प्रशिक्षण सत्र में शामिल हुई।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान वार्डनों को बालिका सुरक्षा, बाल संरक्षण, जीवन कौशल, नेतृत्व विकास, परामर्श, मानसिक-सामाजिक सहयोग, छात्रावास प्रबंधन तथा संवेदनशील विद्यालय वातावरण के निर्माण से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक और नीतिगत दृष्टिकोण के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न बैचों में आयोजित किया जा रहा है। गाजियाबाद और अयोध्या में प्रथम बैच 9 मार्च से 13 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है, जिसके बाद क्रमशः 16 से 20 मार्च, 23 से 27 मार्च तथा 28 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक अन्य बैच आयोजित किए जाएंगे।

इसी प्रकार अन्य प्रशिक्षण केंद्रों पर भी चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से वार्डन प्रतिभाग कर रही हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार यह प्रशिक्षण केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को बालिका सुरक्षा, संवेदनशीलता और नेतृत्व विकास के सशक्त केंद्रों के रूप में विकसित करना है।

इससे विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को एक सुरक्षित, आत्मविश्वासपूर्ण और प्रेरक वातावरण मिलेगा, जो उनके समग्र व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बनेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि की बेटियों के लिए शिक्षा के सशक्त केंद्रों का निर्माण करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का उद्देश्य क्या है?
इन विद्यालयों का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित बेटियों को शिक्षा और विकास के अवसर प्रदान करना है।
इस प्रशिक्षण में किन विषयों पर ध्यान दिया जा रहा है?
प्रशिक्षण में बालिका सुरक्षा, नेतृत्व विकास, और छात्रावास प्रबंधन जैसे विषयों पर ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम कब तक चलेगा?
यह प्रशिक्षण विभिन्न बैचों में मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में एक सुरक्षित और प्रेरक वातावरण सुनिश्चित करना है।
यह कार्यक्रम किसके सहयोग से आयोजित किया जा रहा है?
यह कार्यक्रम एनआईईपीए और भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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