29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए सीएम धामी ने अधिकारियों के साथ बैठक की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए सीएम धामी ने अधिकारियों के साथ बैठक की?

सारांश

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। जानें, क्या कदम उठाए गए हैं और कैसे प्रभावित लोगों को सहायता दी जा रही है।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्देश आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान चिकित्सकों और मनोचिकित्सकों की तैनाती 108 एम्बुलेंस सेवा की चौबीसों घंटे उपलब्धता

देहरादून, 6 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना के मद्देनजर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर उसे प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पतालों में चिकित्सकमनोचिकित्सक भी धराली भेजे गए हैं, ताकि इस हादसे से प्रभावित लोगों की मानसिक स्वास्थ्य का भी उपचार किया जा सके।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि देहरादून, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं, ताकि आपदाग्रस्त क्षेत्र से लाए गए घायलों को तुरंत उपचार मिल सके।

उन्होंने बताया कि आपदा से प्रभावित लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद का होना सामान्य है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने विशेष रूप से तीन मनोचिकित्सकों को धराली क्षेत्र में तैनात किया है ताकि जरूरतमंदों को तात्कालिक काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) और आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं। 108 एम्बुलेंस सेवा को भी चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, "यह एक संवेदनशील समय है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि एक भी घायल या जरूरतमंद व्यक्ति को उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति के लिए तैयार है।

इससे पहले, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदाग्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।

दूसरी ओर, बादल फटने की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री धामी से फोन पर बात की और स्थिति की जानकारी ली।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यमंत्री धामी की पहल एक सकारात्मक कदम है। स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करना और प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह स्थिति न केवल क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण पेश करती है। सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता सराहनीय है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तराखंड में बादल फटने की घटना क्या है?
उत्तराखंड में बादल फटने की घटना एक प्राकृतिक आपदा है, जिसके कारण जनहानि और संपत्ति को नुकसान हुआ है।
मुख्यमंत्री धामी ने स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री धामी ने सभी अधिकारियों को अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक तैनात करने और बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए।
आपदा के दौरान मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखा जा रहा है?
सरकार ने तीन मनोचिकित्सकों को धराली क्षेत्र में तैनात किया है ताकि प्रभावित लोगों को काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता मिल सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 10 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले