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ग्रेटर नोएडा: संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग से दो बच्चों की मौत, माँ आईसीयू में

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ग्रेटर नोएडा: संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग से दो बच्चों की मौत, माँ आईसीयू में

सारांश

ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक परिवार के लिए रविवार की शाम का खाना जानलेवा बन गया — 8 वर्षीया दीपांशी और उसके 5 वर्षीय भाई की मौत हो गई, माँ आईसीयू में जिंदगी से जूझ रही हैं। कारण अभी संदिग्ध, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा कस्बे में 8 जून 2026 को संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग की घटना सामने आई।
8 वर्षीया दीपांशी और 5 वर्षीय भाई की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
करीब 35 वर्षीया माँ की हालत गंभीर, आईसीयू में गहन चिकित्सा जारी।
परिजनों के अनुसार परिवार ने पपीता, नारियल पानी, जूस और पास्ता का सेवन किया था।
मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जाँच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रबूपुरा थाना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त जाँच में जुटे; परिजनों ने किसी साजिश से इनकार किया।

गौतमबुद्ध नगर जिले के रबूपुरा कस्बे में 8 जून 2026 को संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग के एक दर्दनाक मामले में एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी माँ की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। ग्रेटर नोएडा की इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

घटनाक्रम: कैसे बिगड़ी तबीयत

परिजनों के अनुसार रबूपुरा निवासी करीब 35 वर्षीया महिला ने रविवार शाम अपने दोनों बच्चों के साथ भोजन किया था। रात तक तीनों सामान्य थे, लेकिन सोमवार सुबह अचानक तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी, बेचैनी और अन्य गंभीर लक्षण उभरने पर परिजन तत्काल तीनों को अस्पताल ले गए।

अस्पताल में सबसे पहले 8 वर्षीया बच्ची दीपांशी को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। इसके बाद इलाज जारी रहने के बावजूद 5 वर्षीय बेटे ने भी दम तोड़ दिया। माँ अभी भी आईसीयू में गहन चिकित्सा के अधीन हैं।

संदिग्ध खाद्य पदार्थ

परिजनों के बयान के अनुसार परिवार ने घटना से पहले पपीता, नारियल पानी, जूस और पास्ता का सेवन किया था। प्रारंभिक जाँच में फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालाँकि चिकित्सकों का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत मेडिकल जाँच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही रबूपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार परिजनों ने किसी साजिश या संदिग्ध गतिविधि की आशंका से इनकार किया है। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटे हैं कि किस खाद्य पदार्थ के सेवन से तीनों की तबीयत इतनी गंभीर रूप से बिगड़ी। यह ऐसे समय में आया है जब गर्मियों में खाद्य पदार्थों के जल्दी खराब होने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं।

आगे क्या होगा

जाँच एजेंसियाँ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और खाद्य नमूनों की फोरेंसिक जाँच का इंतजार कर रही हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी और आगे की कार्रवाई तय होगी। दो बच्चों की असमय मौत से परिवार टूट गया है और पूरे क्षेत्र में गहरे दुख का माहौल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक प्रणालीगत जवाबदेही का सवाल बना रहता है। असली परीक्षा यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस घटना को एक अलग-थलग मामला मानकर बंद कर देगा, या क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा ऑडिट की माँग उठेगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा फूड प्वाइजनिंग मामले में क्या हुआ?
गौतमबुद्ध नगर के रबूपुरा कस्बे में एक परिवार के तीन सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसमें 8 वर्षीया दीपांशी और उसके 5 वर्षीय भाई की अस्पताल में मौत हो गई। माँ आईसीयू में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बच्चों की मौत का कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जाँच में संदिग्ध फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। परिजनों के अनुसार परिवार ने घटना से पहले पपीता, नारियल पानी, जूस और पास्ता खाया था। हालाँकि डॉक्टरों का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जाँच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
रबूपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार परिजनों ने किसी साजिश या संदिग्ध गतिविधि की आशंका से इनकार किया है और सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं।
माँ की वर्तमान स्थिति क्या है?
करीब 35 वर्षीया महिला की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर गहन चिकित्सा दी जा रही है। उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है।
आगे जाँच में क्या होगा?
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से खाद्य नमूनों की फोरेंसिक जाँच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सटीक कारण और आगे की कार्रवाई तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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