दिल्ली के रानी बाग में कारोबारी बृजकेश मिश्रा की जहर खाने से मौत, परिवार सदमे में
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के रानी बाग थाना इलाके में 17 मई 2025 की देर रात एक दुखद घटना सामने आई, जब नाइट पेट्रोलिंग पर निकले पुलिसकर्मियों को एपीजे स्कूल के सामने सड़क किनारे एक कार के पास बृजकेश मिश्रा (35 वर्ष), निवासी रोहिणी, नशे जैसी हालत में मिले। थाने ले जाने पर उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने जहर खा लिया है, जिसके बाद उन्हें तत्काल नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घटनाक्रम: कैसे सामने आई पूरी बात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रानी बाग थाने का पेट्रोलिंग दल देर रात गश्त पर था, जब उन्हें एपीजे स्कूल के सामने एक व्यक्ति अस्वाभाविक अवस्था में मिला। पुलिसकर्मी उसे किसी अनहोनी से बचाने के इरादे से थाने ले आए। पूछताछ में बृजकेश ने स्वयं खुलासा किया कि उन्होंने जहर का सेवन कर लिया है।
मामले की गंभीरता को भाँपते हुए पुलिस ने बिना देर किए उन्हें पास के अस्पताल पहुँचाया, लेकिन इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। जाँच में सामने आया कि मृतक ने अपने घर के पते पर ऑनलाइन सल्फास (एक जहरीला पदार्थ) मँगाया था।
परिवार से संपर्क और पहचान
पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन में मिले नंबरों के आधार पर परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कई बार कॉल करने पर भी परिवार के किसी सदस्य ने फोन नहीं उठाया। बाद में मृतक की पहचान बृजकेश मिश्रा के रूप में हुई, जो ऑनलाइन कारोबार से जुड़े थे।
बृजकेश के परिवार में उनके माता-पिता, एक छोटा भाई, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। परिवार ने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया और वे स्वयं इस बात से हैरान हैं कि बृजकेश ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया।
गुरुग्राम से लौट रहे थे बृजकेश
जानकारी के अनुसार, बृजकेश मिश्रा घटना वाले दिन अपने घर से गुरुग्राम गए थे और वहाँ से वापस लौट रहे थे। उनके इस कदम के पीछे की असली वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई व्यावसायिक, पारिवारिक या अन्य कारण इस दुखद निर्णय के पीछे था।
पुलिस की जाँच जारी
रानी बाग थाना पुलिस मामले की हर पहलू से गहन जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन जहरीला पदार्थ मँगाने की जानकारी जाँच में अहम साक्ष्य के रूप में सामने आई है। पुलिस मृतक के डिजिटल फुटप्रिंट, बैंक खाते और हाल के संपर्कों की भी जाँच कर रही है। यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि ऑनलाइन माध्यम से जहरीले पदार्थों की उपलब्धता एक गंभीर चिंता का विषय है।