16 अगस्त 2026
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मुदकी नगर परिषद चुनाव स्थगित करे आयोग — पंजाब भाजपा की माँग, हिंसा और धमकियों का आरोप

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मुदकी नगर परिषद चुनाव स्थगित करे आयोग — पंजाब भाजपा की माँग, हिंसा और धमकियों का आरोप

सारांश

मुदकी में नामांकन केंद्र के बाहर कथित हिंसा और धमकियों के बाद पंजाब भाजपा ने राज्य चुनाव आयोग से नगर परिषद चुनाव स्थगित करने की माँग की है। ~300 अज्ञात पर FIR दर्ज, पर पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठे हैं।

मुख्य बातें

पंजाब भाजपा ने 17 मई को राज्य चुनाव आयोग और DGP गौरव यादव को शिकायत सौंपकर मुदकी नगर परिषद चुनाव स्थगित करने की माँग की।
16 मई को गुरप्रीत सिंह सेखों के नेतृत्व में हथियारबंद समर्थकों ने कथित तौर पर नामांकन केंद्र के पास हिंसा फैलाई; कई उम्मीदवार घायल।
जनता के विरोध के बाद 17 मई को ~300 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज।
भाजपा ने फिरोजपुर के संबंधित अधिकारियों को तत्काल हटाने और स्वतंत्र जाँच की माँग की।
पार्टी ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस घटना के दौरान मूकदर्शक बनी रही।

पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार, 17 मई को राज्य चुनाव आयोग और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को औपचारिक शिकायत सौंपकर फिरोजपुर जिले के मुदकी नगर परिषद चुनाव तत्काल स्थगित करने की माँग की। शिकायत में बड़े पैमाने पर हिंसा, उम्मीदवारों को धमकाने और नामांकन प्रक्रिया को बाधित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

भाजपा के कार्यालय सचिव सुनील दत्त भारद्वाज द्वारा दायर शिकायत के अनुसार, 16 मई को गुरप्रीत सिंह सेखों के नेतृत्व में हथियारबंद समर्थकों ने कथित तौर पर मुदकी स्थित नामांकन केंद्र के इर्द-गिर्द आतंक का माहौल बनाया। भाजपा का आरोप है कि इस दौरान कई उम्मीदवार और उनके समर्थक घायल हुए तथा विपक्षी उम्मीदवारों को जबरन नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन तत्वों को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) का समर्थन प्राप्त है — हालाँकि AAP की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

भाजपा ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस अधिकारी घटना के दौरान मूकदर्शक बने रहे और निष्पक्ष नामांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रहे। पार्टी के अनुसार, 17 मई को जनता के भारी विरोध के बाद ही प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई, जिसमें लगभग 300 अज्ञात व्यक्तियों के नाम शामिल हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की घटनाएँ पहले भी दर्ज हो चुकी हैं। गौरतलब है कि राज्य में AAP सरकार और भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।

भाजपा की प्रमुख माँगें

पार्टी ने चुनाव आयोग और प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की माँग की है:

फिरोजपुर में तैनात संबंधित अधिकारियों को तत्काल हटाने और स्थानांतरित करने की माँग की गई है। इसके साथ ही पूरी घटना की स्वतंत्र जाँच, उम्मीदवारों को पर्याप्त सुरक्षा, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और कथित तौर पर नामांकन से वंचित उम्मीदवारों को दोबारा अवसर देने की भी माँग रखी गई है।

भाजपा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'भय, धमकी और हिंसा के माहौल में लोकतंत्र काम नहीं कर सकता' और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को हर कीमत पर बनाए रखना होगा।

आगे क्या होगा

भाजपा ने राज्य चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि मुदकी में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बहाल होने तक मतदान की तारीख स्थगित की जाए। अब सभी की नज़रें राज्य चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और पुलिस की जाँच की दिशा पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि स्वतःस्फूर्त पुलिस कार्रवाई से — जो प्रशासनिक तटस्थता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। राज्य चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि क्या संस्थागत निगरानी इस दबाव में काम कर सकती है, या यह मामला भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में दब जाएगा।
RashtraPress
16 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुदकी नगर परिषद चुनाव स्थगन की माँग क्यों की गई?
पंजाब भाजपा ने 16 मई को नामांकन केंद्र के पास हुई कथित हिंसा, उम्मीदवारों को धमकाने और नामांकन प्रक्रिया बाधित करने के आरोपों के आधार पर चुनाव स्थगित करने की माँग की है। पार्टी का कहना है कि मौजूदा माहौल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं।
मुदकी में 16 मई को क्या हुआ था?
भाजपा के अनुसार, 16 मई को गुरप्रीत सिंह सेखों के नेतृत्व में हथियारबंद समर्थकों ने मुदकी नामांकन केंद्र के आसपास आतंक फैलाया, जिससे कई उम्मीदवार और समर्थक घायल हुए। विपक्षी उम्मीदवारों को कथित तौर पर नामांकन पत्र दाखिल करने से जबरन रोका गया।
FIR कब और किसके खिलाफ दर्ज हुई?
जनता के भारी विरोध के बाद 17 मई को FIR दर्ज की गई, जिसमें लगभग 300 अज्ञात व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की।
भाजपा ने प्रशासन से और क्या माँगें रखी हैं?
भाजपा ने फिरोजपुर के संबंधित अधिकारियों को तत्काल हटाने, पूरी घटना की स्वतंत्र जाँच, उम्मीदवारों को सुरक्षा और कथित तौर पर नामांकन से वंचित उम्मीदवारों को दोबारा अवसर देने की माँग की है।
इस मामले में AAP की क्या भूमिका बताई गई है?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि हिंसा करने वाले असामाजिक तत्व सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के समर्थक हैं। हालाँकि AAP की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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