क्या भक्त चरण दास ने बीएमसी अधिकारी पर हमले की निंदा की?

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क्या भक्त चरण दास ने बीएमसी अधिकारी पर हमले की निंदा की?

सारांश

भक्त चरण दास ने बीएमसी के अधिकारी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे शर्मनाक करार देते हुए भाजपा पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। क्या यह घटना लोकतंत्र के लिए खतरा है?

मुख्य बातें

भक्त चरण दास की निंदा ने राजनीतिक चर्चा को गति दी है।
अधिकारी पर हमले का कारण भाजपा के उम्मीदवार को आमंत्रित न करना बताया गया।
इस घटना को लोकतंत्र पर हमला माना गया है।
दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई गई है।
भाजपा की सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।

भुवनेश्वर, 1 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना के बाद राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में बढ़ती अराजकता और गुंडागर्दी के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिम्मेदार है.

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दास ने कहा, "सार्वजनिक सुनवाई के दौरान बीएमसी अधिकारी के साथ जो हुआ, वह शर्मनाक और पूरी तरह से अनुचित था। लगभग आठ से दस भाजपा कार्यकर्ताओं ने अधिकारी पर हमला किया, उसे नीचे खींचा, गालियां दी। अधिकारी का एकमात्र दोष यह था कि उसने उस क्षेत्र के भाजपा उम्मीदवार को सार्वजनिक सुनवाई के लिए आमंत्रित नहीं किया था।"

दास ने इस हमले को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला करार देते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। यह घटना तब सामने आई जब बीएमसी कार्यालय में एक सार्वजनिक सुनवाई के दौरान रत्नाकर साहू पर कथित तौर पर भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उन्होंने कहा, "यह अत्यंत शर्मनाक और अस्वीकार्य है।"

दास ने इस घटना को भाजपा की सत्ता के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या किसी को आमंत्रित न किए जाने पर निर्वाचित नेताओं या पार्टी कार्यकर्ताओं को इस तरह का हिंसक व्यवहार करना चाहिए? यह केवल गुंडागर्दी और प्रभुत्व स्थापित करने की मानसिकता को दर्शाता है।"

उन्होंने कहा कि इस तरह की बाहुबल की राजनीति न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि यह समाज में अराजकता और भय का माहौल भी पैदा करती है। भाजपा की सत्ता में आने के बाद से ओडिशा में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं।

दास ने चेतावनी दी कि अगर इस तरह की घटनाओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया, तो यह राज्य में और अधिक अराजकता को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा, "हम इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि वह निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे।"

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके। देश के नागरिकों को सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भक्त चरण दास ने हमले की निंदा क्यों की?
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला करार दिया और भाजपा पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
क्या इस घटना से ओडिशा में कानून व्यवस्था प्रभावित हुई है?
जी हां, भक्त चरण दास ने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ओडिशा में इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं।
राष्ट्र प्रेस