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ओहियो के वूस्टर मोटल में भीषण आग: गुजरात के खेड़ा जिले के परिवार के तीन सदस्यों की मौत

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ओहियो के वूस्टर मोटल में भीषण आग: गुजरात के खेड़ा जिले के परिवार के तीन सदस्यों की मौत

सारांश

अमेरिका के ओहियो में एक मोटल की आग ने गुजरात के नडियाद के एक परिवार को लील लिया — हितेश, हिना और बेटी ईशानी सुथार बाथरूम में फंसे रहे, मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन बच नहीं सके। दो साल पहले बेहतर जीवन की तलाश में अमेरिका गया यह परिवार अब त्रासदी की कहानी बन गया है।

मुख्य बातें

ओहियो के वूस्टर शहर के एक मोटल में बुधवार रात 1:30 बजे भीषण आग लगी।
मृतकों की पहचान हितेश सुथार , पत्नी हिना और 20 वर्षीय बेटी ईशानी के रूप में हुई — तीनों गुजरात के नडियाद के रहने वाले थे।
परिवार लगभग दो साल पहले अमेरिका गया था; हितेश उसी मोटल में काम करते थे।
माना जा रहा है कि दम घुटने से तीनों की मौत हुई; परिवार बाथरूम में फंसा था।
होटल कर्मचारी अप्रैल ग्रेसर ने बताया कि उन्होंने परिवार को फोन पर रोते-चिल्लाते सुना।
आग के कारणों की जाँच जारी; मोटल क्लीवलैंड से 96 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।

अमेरिका के ओहियो राज्य के वूस्टर शहर में एक मोटल में बुधवार देर रात लगी भीषण आग में गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद के एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान हितेश सुथार, उनकी पत्नी हिना सुथार और उनकी 20 वर्षीय बेटी ईशानी के रूप में हुई है। तीनों हादसे के समय मोटल के कमरे में थे और तमाम बचाव प्रयासों के बावजूद बाहर नहीं निकल सके।

कैसे लगी आग और क्या हुआ उस रात

स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे मोटल में आग भड़की। आग और धुआं तेज़ी से फैलने लगा, तो हितेश सुथार ने मोटल के फ्रंट डेस्क पर फोन कर मदद माँगी। ड्यूटी पर तैनात होटल कर्मचारी अप्रैल ग्रेसर ने बताया कि रात की शिफ्ट सामान्य रूप से शुरू हुई थी, लेकिन अचानक अलार्म बजने लगे।

ग्रेसर के अनुसार, फंसे हुए परिवार को सलाह दी गई कि वे बाथरूम में पानी चालू रखें और वहीं रहें जब तक आपातकालीन सेवाएँ न पहुँच जाएँ। उन्होंने बताया, 'उन्होंने मदद के लिए बहुत विनती की क्योंकि वे इमारत के अंदर फंसे हुए थे और अपने कमरे से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। मैं उन्हें रोते और चिल्लाते हुए सुन सकती थी।'

परिवार ने धुएँ और आग से बचने के लिए बाथरूम में शरण ली, लेकिन आग पर काबू पाने में काफी समय लग गया। माना जा रहा है कि दम घुटने से तीनों की मौत हुई।

बचाव प्रयास और दमकल की कार्रवाई

दमकलकर्मी जब मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि इमारत की छत से भारी धुआं और आग निकल रही थी। अधिकारियों ने बताया, 'कई यूनिट्स में आग लगी थी, छत से आग निकल रही थी, कई बार बचाव प्रयास किए गए, लेकिन दुर्भाग्यवश वे सफल नहीं हो सके और मोटल से तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।' स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बचाव दल ने कई बार अंदर फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

घटनास्थल की तस्वीरों में मोटल के पिछले हिस्से को भारी नुकसान दिखा। यह मोटल क्लीवलैंड से लगभग 96 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।

परिवार की पृष्ठभूमि

सुथार परिवार मूल रूप से गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद का रहने वाला था और लगभग दो साल पहले अमेरिका आया था। हितेश सुथार उसी मोटल में काम करते थे जहाँ परिवार रह रहा था। यह ऐसे समय में आया है जब विदेशों में बसे भारतीय परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं।

जाँच जारी, कारण अज्ञात

आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अधिकारी मामले की जाँच कर रहे हैं। गुजरात और नडियाद में परिवार के परिजनों तक यह दुखद खबर पहुँची है और स्थानीय स्तर पर शोक की लहर है। जाँच के नतीजे सामने आने के बाद ही आग की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न विकल्प का। गौरतलब है कि अमेरिका में पुराने मोटलों में अग्नि-सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल पहले भी उठते रहे हैं। यह घटना भारत सरकार और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालय के लिए भी एक संकेत है कि विदेशों में बसे कामगार भारतीयों की सुरक्षा निगरानी को और मज़बूत करने की ज़रूरत है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओहियो के वूस्टर मोटल में आग कब और कैसे लगी?
आग स्थानीय समयानुसार बुधवार रात करीब 1:30 बजे लगी। आग और धुएँ के तेज़ी से फैलने के कारण मोटल की कई यूनिट्स और छत प्रभावित हुई। आग लगने के सटीक कारणों की अभी जाँच जारी है।
मृतक गुजरात के किस परिवार से थे?
मृतक गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद के हितेश सुथार, उनकी पत्नी हिना और 20 वर्षीय बेटी ईशानी थे। यह परिवार लगभग दो साल पहले अमेरिका गया था और हितेश उसी मोटल में काम करते थे।
तीनों की मौत कैसे हुई?
माना जा रहा है कि तीनों की मौत दम घुटने से हुई। परिवार ने धुएँ और आग से बचने के लिए बाथरूम में शरण ली थी, लेकिन आग पर काबू पाने में देरी हुई और बचाव दल उन्हें समय पर नहीं निकाल सका।
क्या बचाव के प्रयास किए गए थे?
हाँ, अधिकारियों के अनुसार कई बार बचाव प्रयास किए गए, लेकिन छत से आग और भारी धुएँ के कारण वे सफल नहीं हो सके। होटल कर्मचारी ने परिवार को फोन पर बाथरूम में रहने की सलाह दी थी।
क्या आग के कारणों का पता चला है?
अभी तक आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी मामले की जाँच कर रहे हैं और जाँच के नतीजे सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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