शाहदरा पुलिस की बहादुरी: जलते मकान से बचाए तीन लोग, एक साल के अरमान की जान बची
सारांश
मुख्य बातें
शाहदरा पुलिस के चार जवानों ने 23 मई 2026 को अजीत नगर, गली नंबर 9 स्थित एक आवासीय मकान में लगी भीषण आग में फंसे तीन लोगों को सकुशल बाहर निकाला — जिनमें एक साल का शिशु भी शामिल था। गैस सिलेंडर में लीकेज से भड़की इस आग ने मकान की पहली मंजिल को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग
मकान नंबर 4332, अजीत नगर में खाना पकाने के दौरान गैस सिलेंडर में लीकेज के चलते अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते पहली मंजिल का एक कमरा लपटों में घिर गया। उस वक्त कमरे के भीतर अरशद अली (34 वर्ष), उनकी पत्नी अरशाना (28 वर्ष) और उनका एक वर्षीय पुत्र अरमान अली मौजूद थे और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही इलाके में गश्त पर तैनात शाहदरा जिला पुलिस का बीट स्टाफ — एएसआई कुलदीप, एचसी राहुल, कांस्टेबल विपिन और कांस्टेबल सनी — तत्काल मौके पर पहुँच गया। अतिरिक्त सहायता का इंतजार किए बिना इन चारों जवानों ने जलते मकान में प्रवेश किया और सूझबूझ के साथ तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घायलों को अस्पताल पहुँचाया
बचाव के तुरंत बाद तीनों घायलों को ऑटो रिक्शा से जग प्रवेश चंद्र अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। चिकित्सक उनकी स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया और जाँच
इलाके के निवासियों ने पुलिस जवानों के साहस की मुक्तकंठ से सराहना की है। यह ऐसे समय में आया है जब आम जनता और पुलिस के बीच विश्वास को लेकर बहस अक्सर सुर्खियों में रहती है। गौरतलब है कि इस बार जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कर्तव्य की मिसाल पेश की। पुलिस अब आग की असली वजह की जाँच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
क्या होगा आगे
जाँच के नतीजों के आधार पर संबंधित अधिकारी इमारत की सुरक्षा स्थिति का मूल्यांकन कर सकते हैं। तीनों पीड़ितों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार की खबरें आने पर पुलिस विभाग बहादुर जवानों को सम्मानित करने पर भी विचार कर सकता है।