21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

CWG 2026: मुरली श्रीशंकर की नजर मेडल पर, बोले — 'प्रक्रिया सही रही तो बड़ी जंप तय'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
CWG 2026: मुरली श्रीशंकर की नजर मेडल पर, बोले — 'प्रक्रिया सही रही तो बड़ी जंप तय'

सारांश

घुटने की चोट से वापसी के बाद मुरली श्रीशंकर ग्लासगो CWG 2026 में उतरने को तैयार हैं। 8.42 मीटर का आँकड़ा नजर में है, लेकिन दांव प्रक्रिया पर — क्योंकि तकनीक और फिटनेस का संगम ही उन्हें पोडियम तक ले जाएगा।

मुख्य बातें

मुरली श्रीशंकर 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 के बीच ग्लासगो, स्कॉटलैंड में होने वाले 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेंगे।
उनका ध्यान 8.42 मीटर के आँकड़े की बजाय तकनीकी प्रक्रिया — बॉडी पोजिशन और लैंडिंग — को दुरुस्त करने पर है।
श्रीशंकर पहले ही 8.38 मीटर की जंप लगा चुके हैं और चेन्नई ट्रेनिंग में 8.42 मीटर के निशान को छू चुके हैं।
घुटने की चोट के कारण वे पेरिस ओलंपिक 2024 से बाहर रहे थे; अब वे पूरी तरह वापसी की राह पर हैं।
उनके नाम कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स दोनों में सिल्वर मेडल दर्ज हैं।

भारतीय लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले स्पष्ट किया है कि उनका ध्यान 8.42 मीटर के आँकड़े का पीछा करने पर नहीं, बल्कि तकनीकी प्रक्रिया को दुरुस्त रखने पर है। 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 के बीच स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होना है, और 27 वर्षीय केरल के इस एथलीट की नजरें एक बार फिर पोडियम पर टिकी हैं।

मुख्य घोषणा: प्रक्रिया पर फोकस

प्रतियोगिता से पहले श्रीशंकर ने कहा, 'मुझे पता है कि इसमें समय लगता है। मैं सिर्फ एक दूरी पर ध्यान देकर दूसरी चीजों से समझौता नहीं करना चाहता। मैं प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि टेक्निकल स्किल्स सही हों। अगर उचित समय पर तीनों पहलू एक साथ आ जाएं, तो बड़ी जंप मुमकिन है।'

उनका यह नजरिया उस मानसिकता को दर्शाता है जो शीर्ष एथलीट अक्सर बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनाते हैं — परिणाम की बजाय प्रक्रिया को प्राथमिकता।

8.42 मीटर का लक्ष्य: संभव लेकिन परिस्थिति-निर्भर

श्रीशंकर ने माना कि 8.42 मीटर की जंप हासिल की जा सकती है, लेकिन इसके लिए अनुकूल परिस्थितियाँ जरूरी होंगी। उन्होंने कहा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में बेहतरीन जंप लगाना माहौल पर निर्भर करता है, क्योंकि 8.42 मीटर बहुत बड़ी जंप है। इतनी दूरी से शायद पिछले 50 ओलंपिक या वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल मिला होगा। मुझे निश्चित तौर पर नहीं पता कि इस सीजन में ऐसा होगा या नहीं।'

गौरतलब है कि श्रीशंकर पहले ही 8.38 मीटर की जंप लगा चुके हैं, जो राष्ट्रीय रिकॉर्ड के बेहद करीब है। उन्होंने बताया कि चेन्नई में ट्रेनिंग के दौरान उनकी एक जंप 8.42 मीटर पर रखे रेड कोन को छू गई थी — जो इस बात का संकेत है कि वह दूरी उनकी क्षमता के भीतर है।

तकनीकी सुधार पर जोर

श्रीशंकर ने कहा कि अभी उनका सारा ध्यान हवा में बॉडी पोजिशन और लैंडिंग को बेहतर बनाने पर है। उन्होंने कहा, 'इंटर-स्टेट चैंपियनशिप और स्पला में ट्रेनिंग के दौरान मेरा दृष्टिकोण बहुत अच्छा रहा है। भुवनेश्वर से मुझे यही मुख्य सीख मिली। जब मैं इन तकनीकी चीजों को बेहतर बना लूंगा और उन्हें अपने असरदार दृष्टिकोण के साथ मिला लूंगा, तो मैं एक बड़ी जंप लगा पाऊंगा।'

चोट से वापसी और आगे का सफर

यह ऐसे समय में आया है जब श्रीशंकर घुटने की गंभीर चोट से वापसी कर रहे हैं — इसी चोट के कारण वे पेरिस ओलंपिक 2024 में हिस्सा नहीं ले पाए थे। केरल के इस एथलीट के नाम पहले से कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल दर्ज हैं। ग्लासगो के बाद उनकी नजर नागोया (जापान) में होने वाले एशियन गेम्स 2026 और वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल पर भी है।

श्रीशंकर ने आत्मविश्वास के साथ कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि मैं जल्द ही वह जंप लगा लूंगा।' यदि तकनीकी पहलू और शारीरिक फिटनेस एक साथ क्लिक हुई, तो ग्लासगो में भारत के लिए एक और पदक संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस एथलीट की परिपक्वता है जो चोट और अनुपस्थिति के बाद खुद को नए सिरे से गढ़ रहा है। असली सवाल यह है कि घुटने की चोट से उबरने के बाद उनकी विस्फोटक टेकऑफ क्षमता कितनी बहाल हुई है — क्योंकि 8.42 मीटर की जंप के लिए सिर्फ तकनीक नहीं, पूरी शारीरिक ताकत चाहिए। पेरिस से अनुपस्थिति के बाद ग्लासगो उनके लिए पुनर्वापसी का मंच है, न केवल मेडल का। यदि वे यहाँ फॉर्म में दिखे, तो नागोया और वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भारतीय एथलेटिक्स की उम्मीदें कहीं अधिक ठोस हो जाएंगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरली श्रीशंकर CWG 2026 में क्या लक्ष्य लेकर उतर रहे हैं?
श्रीशंकर का लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेडल जीतना है। उन्होंने कहा है कि वे 8.42 मीटर के आँकड़े का पीछा करने की बजाय तकनीकी प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे हैं, ताकि सही समय पर सब कुछ एक साथ क्लिक हो सके।
CWG 2026 कब और कहाँ होगा?
23वाँ कॉमनवेल्थ गेम्स 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 के बीच स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होगा।
श्रीशंकर पेरिस ओलंपिक में क्यों नहीं खेल पाए थे?
घुटने की गंभीर चोट के कारण मुरली श्रीशंकर पेरिस ओलंपिक 2024 में हिस्सा नहीं ले पाए थे। अब वे उसी चोट से उबरते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी कर रहे हैं।
श्रीशंकर की अब तक की सर्वश्रेष्ठ जंप कितनी है?
श्रीशंकर 8.38 मीटर की जंप लगा चुके हैं, जो राष्ट्रीय रिकॉर्ड के करीब है। चेन्नई में ट्रेनिंग के दौरान उनकी एक जंप 8.42 मीटर के निशान को छू गई थी।
श्रीशंकर के नाम कौन-कौन से अंतरराष्ट्रीय मेडल हैं?
मुरली श्रीशंकर के नाम कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स दोनों में सिल्वर मेडल दर्ज हैं। वे भारत के शीर्ष लॉन्ग जंपरों में से एक हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले