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मुरली श्रीशंकर का एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर, टखने की चोट के बावजूद 8.07 मीटर की ऐतिहासिक छलांग

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मुरली श्रीशंकर का एशियन गेम्स 2026 में सिल्वर, टखने की चोट के बावजूद 8.07 मीटर की ऐतिहासिक छलांग

सारांश

टखने की चोट, चौथे राउंड में दर्दनाक गिरावट — और फिर भी मैदान पर डटे रहना। मुरली श्रीशंकर ने नागोया में 8.07 मीटर की छलांग से एशियन गेम्स 2026 का सिल्वर जीता। यह लगातार दूसरे एशियन गेम्स में सिल्वर है — एक खिलाड़ी की जीवटता की कहानी जो आँकड़ों से कहीं बड़ी है।

मुख्य बातें

मुरली श्रीशंकर ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीता।
श्रीशंकर की सर्वश्रेष्ठ छलांग 8.07 मीटर रही, जो उन्होंने अपनी दूसरी कोशिश में लगाई।
चीन के शी युहाओ ने 8.17 मीटर के साथ गोल्ड और उज्बेकिस्तान के अनवर अनवरोव ने 8.06 मीटर के साथ ब्रॉन्ज जीता।
चौथे राउंड में मार्क से फिसलकर गिरने के बाद श्रीशंकर को टखने की चोट लगी; उन्होंने पाँचवीं और छठी छलांग नहीं लगाई।
श्रीशंकर लगातार दो एशियन गेम्स में इसी इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाले भारतीय बने।
भारत के डेविड सोलोमन पट्टुराज 7.70 मीटर के साथ सातवें स्थान पर रहे।

भारत के स्टार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर देश का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया। नागोया में 28 सितंबर 2026 को खेले गए इस फाइनल में श्रीशंकर ने अपनी दूसरी छलांग में 8.07 मीटर की सर्वश्रेष्ठ दूरी तय की — और यह उपलब्धि उन्होंने टखने की गंभीर चोट झेलते हुए हासिल की।

मुख्य घटनाक्रम: चोट से जंग, मेडल से जीत

श्रीशंकर ने अपनी दूसरी कोशिश में 8.07 मीटर की छलांग लगाई जो इन एशियन गेम्स में उनकी पहली आठ मीटर से ज़्यादा की छलांग थी। चौथे राउंड में मार्क से फिसलने के बाद वे बुरी तरह गिर पड़े, जिसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें टखने की जाँच कराने की सलाह दी। दर्द के बावजूद वे मैदान पर डटे रहे।

श्रीशंकर ने अपनी पाँचवीं छलांग न लगाने का फैसला किया। जब पीछे चल रहे एथलीट उनके 8.07 मीटर के प्रदर्शन को पार नहीं कर सके, तो फाइनल राउंड से पहले ही उनका सिल्वर मेडल सुनिश्चित हो गया। इसके बाद उन्होंने छठी छलांग भी नहीं लगाई और उनकी प्रतियोगिता समाप्त हुई। मेडल की स्थिति तय होने के बाद श्रीशंकर को लंगड़ाते हुए देखा गया।

स्कोरबोर्ड: कौन कहाँ रहा

चीन के शी युहाओ ने 8.17 मीटर (सीजन का सर्वश्रेष्ठ) की छलांग के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उज्बेकिस्तान के अनवर अनवरोव ने 8.06 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया — वे श्रीशंकर से महज़ एक सेंटीमीटर पीछे रहे।

चीनी ताइपे के लिन यू-तांग 8.05 मीटर (सीजन का सर्वश्रेष्ठ) के साथ चौथे स्थान पर रहे। जापान के रिकू इटो (7.97 मीटर) और युकी हाशिओका (7.94 मीटर) क्रमशः पाँचवें और छठे स्थान पर रहे। भारत के दूसरे प्रतिभागी डेविड सोलोमन पट्टुराज 7.70 मीटर के साथ सातवें स्थान पर रहे।

ऐतिहासिक संदर्भ: लगातार दो एशियन गेम्स में सिल्वर

गौरतलब है कि श्रीशंकर पिछले एशियन गेम्स में भी इसी इवेंट में दूसरे स्थान पर रहे थे। यानी लगातार दो एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने भारतीय लॉन्ग जंप में अपनी विशिष्ट पहचान मज़बूत की है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय ट्रैक-एंड-फील्ड एथलेटिक्स में नई पीढ़ी उभर रही है और एशियाई स्तर पर प्रतिस्पर्धा तेज़ हुई है।

नागोया में उनका प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि चोट के बावजूद उन्होंने मेडल की दौड़ में बने रहने का संकल्प नहीं छोड़ा। चोट की वजह से आखिरी राउंड में उनकी मूवमेंट सीमित हो गई थी, फिर भी उनकी 8.07 मीटर की दूसरे राउंड की छलांग पूरी प्रतियोगिता में निर्णायक साबित हुई।

आम जनता पर असर और आगे की राह

श्रीशंकर की यह जीत भारत के उन युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा है जो शारीरिक चुनौतियों के बीच अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना परचम लहराने का सपना देखते हैं। उनकी चोट की स्थिति और रिकवरी पर अगले कुछ दिनों में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। भारतीय एथलेटिक्स संघ के लिए यह एशियन गेम्स प्रदर्शन ट्रैक-एंड-फील्ड में निरंतरता का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय ट्रैक-एंड-फील्ड की उस मानसिकता का प्रतीक है जो दर्द में भी पोडियम नहीं छोड़ती। लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या चोटिल खिलाड़ी को मैदान पर बनाए रखने का दबाव — चाहे वह खुद का हो या तंत्र का — दीर्घकालिक करियर के लिए उचित है। लगातार दो एशियन गेम्स में सिल्वर जीतना श्रीशंकर की निरंतरता को रेखांकित करता है, पर गोल्ड से एक-एक कदम पीछे रहना यह भी बताता है कि एशियाई लॉन्ग जंप में अभी भारत को और बड़ा दांव खेलना होगा — चाहे वह प्रशिक्षण ढाँचे में हो, या चोट प्रबंधन में।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुरली श्रीशंकर ने एशियन गेम्स 2026 में कितने मीटर की छलांग लगाई?
मुरली श्रीशंकर ने एशियन गेम्स 2026 में अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग 8.07 मीटर लगाई, जो उन्होंने दूसरी कोशिश में हासिल की। यह इन एशियन गेम्स में उनकी पहली आठ मीटर से अधिक की छलांग थी।
एशियन गेम्स 2026 लॉन्ग जंप में गोल्ड किसने जीता?
चीन के शी युहाओ ने 8.17 मीटर (सीजन का सर्वश्रेष्ठ) की छलांग के साथ गोल्ड मेडल जीता। उज्बेकिस्तान के अनवर अनवरोव ने 8.06 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
श्रीशंकर को एशियन गेम्स 2026 में चोट कैसे लगी?
चौथे राउंड में मार्क से फिसलने के बाद श्रीशंकर बुरी तरह गिर पड़े, जिससे उनके टखने में चोट आई। मेडिकल टीम ने उन्हें जाँच कराने की सलाह दी, लेकिन वे दर्द के बावजूद मैदान पर डटे रहे।
क्या मुरली श्रीशंकर पहले भी एशियन गेम्स में मेडल जीत चुके हैं?
हाँ, मुरली श्रीशंकर पिछले एशियन गेम्स में भी पुरुषों की लॉन्ग जंप स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। 2026 में भी सिल्वर जीतकर वे लगातार दो एशियन गेम्स में इसी इवेंट में सिल्वर मेडलिस्ट बने।
एशियन गेम्स 2026 लॉन्ग जंप में भारत के डेविड सोलोमन पट्टुराज का प्रदर्शन कैसा रहा?
भारत के डेविड सोलोमन पट्टुराज 7.70 मीटर की छलांग के साथ सातवें स्थान पर रहे। वे मेडल की दौड़ में शामिल नहीं हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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