11 अगस्त 2026
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झारखंड छात्र आंदोलन: CM हेमंत सोरेन बोले — 'छात्रों की बात' अभियान में 8,500 से अधिक सुझाव मिले

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झारखंड छात्र आंदोलन: CM हेमंत सोरेन बोले — 'छात्रों की बात' अभियान में 8,500 से अधिक सुझाव मिले

सारांश

19 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच CM हेमंत सोरेन ने तीन दिनों में तीसरी बार सोशल मीडिया पर युवाओं को संबोधित किया। 'छात्रों की बात' अभियान में 8,500 से अधिक सुझाव आ चुके हैं, लेकिन विधानसभा घेराव के बाद छात्र-पुलिस टकराव ने दबाव और बढ़ा दिया है।

मुख्य बातें

CM हेमंत सोरेन ने 11 अगस्त को सोशल मीडिया पर युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि 'छात्रों की बात-छात्रों के साथ' अभियान में 8,500 से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं।
सुझाव ओएमआर शीट, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, पारदर्शिता और तकनीक जैसे विषयों पर केंद्रित हैं।
सोरेन ने पिछले तीन दिनों में यह तीसरा सार्वजनिक संबोधन किया है।
जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में 19 दिनों से छात्र आंदोलन जारी है।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद मुद्दा और गरमाया।

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 19 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार, 11 अगस्त की शाम सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए राज्य के युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 'छात्रों की बात-छात्रों के साथ' अभियान के तहत अब तक 8,500 से अधिक युवाओं ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने सुझाव साझा किए हैं।

तीन दिनों में तीसरा संबोधन

मुख्यमंत्री सोरेन ने पिछले तीन दिनों में यह तीसरी बार युवाओं को सोशल मीडिया पर संबोधित किया है — जो इस बात का संकेत है कि सरकार बढ़ते छात्र दबाव के बीच संवाद की रणनीति पर जोर दे रही है। उनकी पोस्ट में ओएमआर शीट, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र की गोपनीयता, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, तकनीक के बेहतर उपयोग और जेपीएससी सहित दोनों आयोगों में संवैधानिक दायरे में सुधार जैसे विषयों पर युवाओं से सुझाव आने का ज़िक्र किया गया।

सरकार का उद्देश्य

सोरेन ने स्पष्ट किया कि सरकार का इरादा केवल समस्याओं पर चर्चा करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना चाहती है जो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह हो। उन्होंने यह भी कहा कि सुधार की यह प्रक्रिया राज्य सरकार का अकेला प्रयास नहीं होगी — इसमें झारखंड के युवाओं की जनभागीदारी को केंद्रीय भूमिका दी जाएगी।

युवाओं से अपील

मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं से सुझाव देना जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि एक सुझाव केवल आज की परीक्षा व्यवस्था में बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि झारखंड के हजारों-लाखों युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान देगा।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची सहित पूरे झारखंड में 19 दिनों से छात्र आंदोलन जारी है। छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार, विवादित परीक्षाओं की स्वतंत्र जाँच और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की माँग कर रहे हैं। सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद यह मुद्दा और अधिक गरमा गया है।

आगे क्या

सरकार ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के सुझावों को सुधार प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा, हालाँकि अभी तक कोई ठोस समयसीमा या कार्ययोजना सार्वजनिक नहीं की गई है। आंदोलनरत छात्र संगठनों की प्रतिक्रिया और सरकार के अगले कदम पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 सुझावों की संख्या प्रभावशाली है, लेकिन आंदोलनरत छात्रों की मूल माँग — विवादित परीक्षाओं की स्वतंत्र जाँच — अभी भी अनुत्तरित है। विधानसभा घेराव और पुलिस टकराव के बाद यह अपेक्षा और बढ़ गई है कि सरकार केवल 'सुनने' से आगे बढ़कर कार्रवाई दिखाए। बिना जवाबदेही तंत्र के, यह अभियान महज़ एक डिजिटल परामर्श प्रक्रिया बनकर रह सकता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की बात-छात्रों के साथ' अभियान क्या है?
यह झारखंड सरकार द्वारा शुरू किया गया एक सोशल मीडिया अभियान है, जिसके तहत CM हेमंत सोरेन ने युवाओं से परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सुझाव माँगे हैं। 11 अगस्त तक इस अभियान में 8,500 से अधिक सुझाव प्राप्त हो चुके हैं।
झारखंड में छात्र आंदोलन क्यों हो रहा है?
जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। वे परीक्षा व्यवस्था में सुधार, विवादित परीक्षाओं की जाँच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।
विधानसभा घेराव के दौरान क्या हुआ?
10 अगस्त को रांची में छात्रों ने विधानसभा घेराव किया, जिसके दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। इस घटना के बाद आंदोलन और तेज़ हो गया है।
CM सोरेन ने परीक्षा सुधार पर क्या कहा?
सोरेन ने कहा कि सरकार ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना चाहती है जो पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित और जवाबदेह हो। उन्होंने यह भी कहा कि यह सुधार प्रक्रिया केवल सरकार का प्रयास नहीं होगी — इसमें युवाओं की जनभागीदारी को अहम भूमिका दी जाएगी।
परीक्षा सुधार में युवाओं के सुझाव किन विषयों पर हैं?
प्राप्त सुझाव ओएमआर शीट, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र की गोपनीयता, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, तकनीक के बेहतर उपयोग और जेपीएससी सहित दोनों आयोगों में संवैधानिक दायरे में सुधार से जुड़े हैं।
राष्ट्र प्रेस
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