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जेपीएससी-जेएसएसी आंदोलन: झारखंड के राज्यपाल गंगवार की अपील — हेमंत सोरेन पर रखें भरोसा

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जेपीएससी-जेएसएसी आंदोलन: झारखंड के राज्यपाल गंगवार की अपील — हेमंत सोरेन पर रखें भरोसा

सारांश

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएसी अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची के आदिवासी महोत्सव मंच से छात्रों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भरोसा रखने की अपील की। सरकार ने संवाद के रास्ते खुले रखने का आश्वासन दिया है।

मुख्य बातें

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 9 अगस्त को रांची के आदिवासी महोत्सव में जेपीएससी-जेएसएसी अभ्यर्थियों से शांति बनाए रखने की अपील की।
राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं और समाधान के लिए लगातार चर्चा कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों को राज्यपाल या मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात कर अपनी माँगें रखने का खुला निमंत्रण दिया गया।
सरकार ने बातचीत को गतिरोध समाप्त करने का एकमात्र उचित रास्ता बताया।

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएसी अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 9 अगस्त 2026 को रांची में छात्रों से शांति बनाए रखने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भरोसा रखने की अपील की। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सरकार बातचीत के ज़रिए अभ्यर्थियों की हर माँग का समाधान निकालने को तत्पर है।

राज्यपाल का संदेश

रांची में आयोजित आदिवासी महोत्सव के मंच से राज्यपाल गंगवार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आंदोलनरत छात्रों के मुद्दों पर पहले ही विस्तार से अपना पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अनुरोध किया कि वे मुख्यमंत्री की ओर से कही गई बातों पर विश्वास करें।

गंगवार ने कहा, 'मेरी सभी से अपील है कि मुख्यमंत्री ने जो कुछ भी कहा है, उस पर भरोसा रखें। हम अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहते। बातचीत के ज़रिए इसका समाधान निकालें।'

सरकार और अभ्यर्थियों के बीच संवाद

राज्यपाल ने बताया कि आंदोलनकारी छात्र जब चाहें, उनसे या मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याएँ रख सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संवाद के रास्ते पूरी तरह खुले हैं और गतिरोध खत्म करने की कोशिशें जारी हैं।

गौरतलब है कि रांची में अभ्यर्थी अपनी विभिन्न माँगों को लेकर कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्यपाल की यह अपील ऐसे समय आई है जब सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के ज़रिए गतिरोध समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री की चिंता

राज्यपाल गंगवार ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मामले को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं और अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि बातचीत के बाद इस मुद्दे का उचित हल निकाला जा सकेगा।

आगे की राह

राज्यपाल ने दोहराया कि छात्रों की समस्याओं को सरकार पूरी गंभीरता से ले रही है और संवाद ही सबसे उचित रास्ता है। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे राज्य की राजनीति में केंद्रीय स्थान ले चुके हैं। अब नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और अभ्यर्थियों के बीच बातचीत का अगला दौर कब और किन शर्तों पर होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस मूल प्रश्न का उत्तर नहीं देता जो अभ्यर्थी पूछ रहे हैं — उनकी माँगें वास्तव में कब और कैसे पूरी होंगी। 'भरोसा रखें' की अपील तब तक अधूरी रहती है जब तक सरकार कोई ठोस समयसीमा या कार्ययोजना सार्वजनिक नहीं करती। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद नए नहीं हैं — यह आंदोलन उस लंबी कड़ी का हिस्सा है जो भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग से जन्मी है। बिना किसी लिखित आश्वासन या समिति गठन के, संवाद की अपील महज़ समय लेने की रणनीति भी लग सकती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएसी अभ्यर्थी किस बात को लेकर आंदोलन कर रहे हैं?
रांची में जेपीएससी और जेएसएसी अभ्यर्थी अपनी विभिन्न माँगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और लंबित मुद्दों के समाधान की माँग शामिल है। यह आंदोलन कई दिनों से जारी है।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने छात्रों से क्या कहा?
राज्यपाल गंगवार ने 9 अगस्त को रांची के आदिवासी महोत्सव में कहा कि छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भरोसा रखें, क्योंकि सरकार बातचीत के ज़रिए हर मुद्दे का समाधान निकालने को तत्पर है। उन्होंने अभ्यर्थियों को सीधे राज्यपाल या मुख्यमंत्री से मिलने का न्योता भी दिया।
क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले पर कोई बयान दिया है?
राज्यपाल के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही इस मुद्दे पर विस्तार से अपना पक्ष रख चुके हैं और वे अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार चर्चा कर रहे हैं। हालाँकि, कोई लिखित आश्वासन या समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
आंदोलनरत छात्र सरकार से कैसे मिल सकते हैं?
राज्यपाल गंगवार ने स्पष्ट किया कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी जब चाहें, राज्यपाल या मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएँ सीधे रख सकते हैं। संवाद के रास्ते पूरी तरह खुले हैं।
इस आंदोलन का समाधान कब तक निकलने की उम्मीद है?
राज्यपाल ने भरोसा जताया कि बातचीत के बाद इस मुद्दे का समाधान निकाला जा सकेगा, लेकिन कोई निश्चित समयसीमा अभी तक नहीं बताई गई है। सरकार और अभ्यर्थियों के बीच अगले दौर की बातचीत की तारीख की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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