9 अगस्त 2026
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जेपीएससी विवाद: सीएम हेमंत सोरेन ने चार मंत्रियों संग की बैठक, 9 अगस्त को समझौते का ब्लूप्रिंट पेश होने की संभावना

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जेपीएससी विवाद: सीएम हेमंत सोरेन ने चार मंत्रियों संग की बैठक, 9 अगस्त को समझौते का ब्लूप्रिंट पेश होने की संभावना

सारांश

जेपीएससी और जेएसएसी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर 29 जुलाई से जारी छात्र आंदोलन के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने चार मंत्रियों संग अहम बैठक की। छात्र 10 अगस्त तक ठोस फैसले की मांग पर अड़े हैं, वरना विधानसभा घेराव का ऐलान।

मुख्य बातें

सीएम हेमंत सोरेन ने 8 अगस्त को रांची में चार मंत्रियों के साथ लंबी बैठक की, जिसमें छात्र मांगों पर समझौते के प्रारूप पर विचार हुआ।
9 अगस्त को सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर कार्ययोजना का ब्लूप्रिंट पेश होने की संभावना है।
मंत्री समूह के नेतृत्वकर्ता सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार सभी मांगों का तार्किक समाधान निकालने को तत्पर है।
छात्रों ने स्पष्ट किया कि 10 अगस्त तक ठोस निर्णय नहीं होने पर विधानसभा घेराव जारी रहेगा।
आंदोलनकारी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच और भर्ती सुधार की मांग कर रहे हैं।
अनशन पर बैठे कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 8 अगस्त को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में चार सदस्यीय मंत्री समूह के साथ लंबी बैठक की। यह बैठक जेपीएससी और जेएसएसी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के संदर्भ में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता के तुरंत बाद हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में आंदोलित छात्रों की मांगों पर प्रस्तावित समझौते के प्रारूप पर विचार किया गया।

9 अगस्त को ब्लूप्रिंट पेश होने की संभावना

रविवार को अवकाश का दिन होने के बावजूद सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर एक कार्ययोजना — यानी ब्लूप्रिंट — पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान अब तक नहीं आया है।

मंत्री समूह की भूमिका और वार्ता का ब्यौरा

इस मुद्दे पर गठित मंत्री समूह के नेतृत्वकर्ता सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों पर बेहद गंभीर है और सभी मांगों का तार्किक समाधान निकालने को तत्पर है। शनिवार को दिन में दूसरे दौर की बातचीत हुई, जो करीब डेढ़ घंटे चली। इस बैठक में छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार सहित कई मुद्दे सरकार के सामने रखे।

इससे पहले शुक्रवार को भी सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच पहले दौर की बातचीत हुई थी, जिसमें मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव और सुदिव्य कुमार सोनू शामिल हुए थे।

छात्रों का रुख: आश्वासन नहीं, ठोस फैसला चाहिए

वार्ता के बाद छात्रों ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर अभी कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 10 अगस्त तक प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने पर पूर्व घोषित विधानसभा घेराव कार्यक्रम जारी रहेगा।

आंदोलन की पृष्ठभूमि और छात्रों की मांगें

आंदोलनकारी छात्र 29 जुलाई से रांची में धरने पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार शामिल हैं। आंदोलन के दौरान कई छात्र अनशन पर भी बैठे हैं और तबीयत बिगड़ने के बाद कुछ छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सरकार की संवेदनशीलता और आगे की राह

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले कहा था कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है और युवाओं के सुझावों के आधार पर भर्ती व परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। लगातार दो दिनों की वार्ता और अब मुख्यमंत्री स्तर की बैठक को आंदोलन के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजर 9 अगस्त को सरकार की ओर से पेश होने वाले संभावित ब्लूप्रिंट पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब अनशन पर बैठे छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा हो। गौरतलब है कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता का मुद्दा नया नहीं है — पिछले कई वर्षों में जेपीएससी और जेएसएसी दोनों विवादों में रहे हैं। सवाल यह है कि क्या यह ब्लूप्रिंट महज प्रक्रियागत आश्वासन होगा या परीक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव की दिशा में ठोस कदम।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी और जेएसएसी छात्र आंदोलन क्या है?
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएसी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र 29 जुलाई से रांची में आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं — 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार।
9 अगस्त को क्या होने की संभावना है?
सरकार की ओर से 9 अगस्त को छात्रों की मांगों पर एक कार्ययोजना यानी ब्लूप्रिंट पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और भर्ती व परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
10 अगस्त तक फैसला नहीं हुआ तो क्या होगा?
छात्रों ने स्पष्ट किया है कि 10 अगस्त तक प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने पर वे पूर्व घोषित विधानसभा घेराव कार्यक्रम को जारी रखेंगे। यह आंदोलन को और तीव्र करने का संकेत है।
मंत्री समूह में कौन-कौन से मंत्री शामिल हैं?
इस मुद्दे पर गठित चार सदस्यीय मंत्री समूह में दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव और सुदिव्य कुमार सोनू शामिल हैं। सुदिव्य कुमार सोनू इस समूह के नेतृत्वकर्ता हैं।
राष्ट्र प्रेस
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