17 अगस्त 2026
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राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को लिखा पत्र: झारखंड छात्र आंदोलन खत्म कराने के लिए व्यक्तिगत मुलाकात का आग्रह

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राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को लिखा पत्र: झारखंड छात्र आंदोलन खत्म कराने के लिए व्यक्तिगत मुलाकात का आग्रह

सारांश

राहुल गांधी का हेमंत सोरेन को लिखा पत्र महज सलाह नहीं — यह रांची में 24 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक दबाव की रणनीति भी है। जेएसएससी-सीजीएल रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग पर गतिरोध बरकरार है, और सोमवार की वार्ता निर्णायक साबित हो सकती है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 14 अगस्त 2026 को हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्र प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत मुलाकात का आग्रह किया।
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र 24 दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें: जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना और सीबीआई जांच ; इन पर अब भी गतिरोध है।
सरकार पहले ही 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर चुकी है।
राज्य सरकार ने सोमवार, 18 अगस्त को अपराह्न 2 बजे छात्र प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया है।
गांधी ने BJP और RSS पर शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर छात्रों के दमन का आरोप भी लगाया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 14 अगस्त 2026 को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर रांची में पिछले 24 दिनों से जारी छात्र आंदोलन का शीघ्र समाधान निकालने का आग्रह किया है। पत्र में गांधी ने सोरेन से अनुरोध किया कि वे स्वयं आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलें, ताकि लंबित मांगों पर सरकार की प्रतिबद्धता और स्पष्ट हो सके।

पत्र कब और कैसे पहुँचा

यह पत्र रविवार, 17 अगस्त की देर शाम रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा ने मुख्यमंत्री आवास पहुँचकर हेमंत सोरेन को सौंपा। सोमवार को यह पत्र सार्वजनिक हुआ, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में इस पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

आंदोलन की पृष्ठभूमि और छात्रों की मांगें

झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र 24 दिनों से रांची में धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारी मुख्यतः दो मांगें रख रहे हैं — जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना और कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराना।

गौरतलब है कि राज्य सरकार पहले ही 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर चुकी है। इससे पहले हुई वार्ताओं में परीक्षा सुधार से जुड़ी कई मांगों पर सहमति भी बनी थी। हालाँकि जेएसएससी-सीजीएल रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग पर अब भी गतिरोध बना हुआ है।

राहुल गांधी का रुख और तर्क

पत्र में राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि सरकार को उनकी बात संवेदनशीलता के साथ सुननी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध भारतीय संविधान में दिया गया अधिकार है और लोकतंत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

गांधी ने झारखंड सरकार की ओर से बातचीत के लिए समिति गठित करने और संवाद प्रक्रिया शुरू करने की सराहना की, लेकिन साथ ही रेखांकित किया कि कुछ छात्र अब भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और पूरे मामले का जल्द समाधान आवश्यक है।

केंद्र सरकार पर निशाना

पत्र में गांधी ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस (RSS) और BJP का प्रभाव बढ़ा है और इसका इस्तेमाल छात्रों के दमन के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के युवा ही भारत का भविष्य हैं और संकट की इस घड़ी में उनके साथ एकजुटता दिखाना जरूरी है।

आगे क्या

राज्य सरकार ने सोमवार, 18 अगस्त को अपराह्न 2 बजे आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को एक बार फिर वार्ता के लिए बुलाया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राहुल गांधी का यह पत्र इस वार्ता से ठीक पहले आना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है — यह एक तरफ सोरेन सरकार पर दबाव बनाता है, तो दूसरी तरफ विपक्ष को छात्रों के साथ खड़े दिखने का अवसर भी देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ छात्रों के साथ दिखने की जरूरत। पत्र में BJP पर निशाना साधना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस ने राज्य स्तर पर परीक्षा सुधारों के लिए पर्याप्त दबाव बनाया था। जेएसएससी-सीजीएल और सीबीआई जांच की मांग पर गतिरोध बताता है कि संवाद प्रक्रिया अधूरी है; मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत पहल भरोसा बहाल कर सकती है, लेकिन बिना ठोस नीतिगत कदम के यह केवल प्रतीकात्मक रहेगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को पत्र क्यों लिखा?
राहुल गांधी ने झारखंड में 24 दिनों से जारी छात्र आंदोलन का शीघ्र समाधान निकालने के लिए यह पत्र लिखा। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे स्वयं आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत मुलाकात करें, ताकि लंबित मुद्दों पर विश्वास बहाल हो सके।
झारखंड में छात्र किस बात के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं?
छात्र जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची में 24 दिनों से धरने पर हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं — जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना और कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराना।
झारखंड सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है। इसके अलावा, पिछली वार्ताओं में परीक्षा सुधार से जुड़ी कई मांगों पर सहमति भी बनी है, लेकिन जेएसएससी-सीजीएल और सीबीआई जांच पर गतिरोध बना हुआ है।
राहुल गांधी का पत्र हेमंत सोरेन तक कैसे पहुँचा?
14 अगस्त को लिखा गया यह पत्र रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा ने रविवार देर शाम मुख्यमंत्री आवास पहुँचकर हेमंत सोरेन को सौंपा। सोमवार, 18 अगस्त को यह पत्र सार्वजनिक हुआ।
आंदोलन के समाधान के लिए आगे क्या होने वाला है?
राज्य सरकार ने सोमवार, 18 अगस्त को अपराह्न 2 बजे आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को एक बार फिर वार्ता के लिए बुलाया है। राहुल गांधी के पत्र के बाद मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत पहल पर सबकी नजरें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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