11 अक्टूबर 2026
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भुवनेश्वर में इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 13 करोड़ वोट कटने पर उठे सवाल

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भुवनेश्वर में इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 13 करोड़ वोट कटने पर उठे सवाल

सारांश

भुवनेश्वर में इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन सिर्फ एक स्थानीय धरना नहीं था — यह राष्ट्रीय मतदाता सूची विवाद की अगली कड़ी है। कांग्रेस का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए, और अब सीईसी की गिरफ्तारी तक की माँग उठ रही है।

मुख्य बातें

इंडिया ब्लॉक ने 11 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी पर विरोध प्रदर्शन किया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की माँग की।
विपक्ष का आरोप — एसआईआर प्रक्रिया में कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।
ओडिशा में 3,000 से अधिक छूटे हुए मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया बताया गया।
दिल्ली प्रदर्शन में महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के कथित अभद्र व्यवहार पर कानूनी कार्रवाई की माँग।

इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने 11 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर के लोअर पीएमजी पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने एक दिन पहले दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस ज्यादतियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की भी माँग उठाई।

प्रदर्शन का मुख्य घटनाक्रम

वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा ने महात्मा गांधी मार्ग पर आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। सलूजा के अनुसार, उस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी कर रहे थे और उसमें जेन-जी सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए थे।

मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप

सलूजा ने कहा कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में फॉर्म-6 में मनमाने तरीके से काट-छाँट की गई और दो निर्वाचन आयुक्तों के विरोध के बावजूद सीईसी ज्ञानेश कुमार ने अपने फैसले पर अड़े रहे। उन्होंने दावा किया कि इसके परिणामस्वरूप देशभर में कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए।

गौरतलब है कि यह आँकड़ा विपक्ष की ओर से लगाया गया आरोप है और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सलूजा ने कहा, '6 महीने में 13 करोड़ कोई कम आँकड़ा नहीं है। इतने बड़े आँकड़ों के साथ भाजपा ने कई राज्यों में जीत हासिल कर ली।'

ओडिशा में वोटरों को जोड़ने का दावा

सलूजा ने यह भी कहा कि ओडिशा में 3,000 से अधिक ऐसे मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया है जो 18 वर्ष से अधिक आयु के हैं और एसआईआर के दौरान छूट गए थे। उन्होंने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए भी राष्ट्रीय स्तर पर मतदाता सूची की पारदर्शिता और सुरक्षा की माँग दोहराई।

गणतंत्र पर सवाल और कानूनी कार्रवाई की माँग

कांग्रेस नेता ने कहा, 'प्रत्येक व्यक्ति को वोट देने का अधिकार है, जिससे गणतंत्र सुदृढ़ हो और उसकी रक्षा हो।' उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर सीधे निशाना साधते हुए उनकी गिरफ्तारी और इस्तीफे की माँग की। साथ ही, दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसा में संलिप्त होने का आरोप भी लगाया गया — हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर देशभर में राजनीतिक विवाद तेज हो रहा है। इंडिया ब्लॉक के विभिन्न घटक दलों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। मतदाता अधिकार संरक्षण का यह मुद्दा आने वाले चुनावों से पहले केंद्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वतंत्र सत्यापन के बिना यह दावा और खंडन के बीच झूलता रहेगा। असली सवाल यह है कि क्या निर्वाचन आयोग एसआईआर की प्रक्रिया का डेटा सार्वजनिक करेगा — अगर नहीं किया, तो संदेह की राजनीति को खाद-पानी मिलता रहेगा। इंडिया ब्लॉक की माँग में 'सीईसी की गिरफ्तारी' जैसी भाषा मुद्दे को संस्थागत सुधार से हटाकर टकराव की ओर ले जाती है, जो एजेंडा सेटिंग तो कर सकती है लेकिन समाधान की राह कठिन बनाती है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों की?
विपक्ष का आरोप है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार ने विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में मनमाने ढंग से फॉर्म-6 में काट-छाँट की और दो निर्वाचन आयुक्तों के विरोध के बावजूद अपना फैसला नहीं बदला। इसके परिणामस्वरूप कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।
एसआईआर (विशेष सारांश पुनरीक्षण) क्या है और विवाद क्यों है?
एसआईआर मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया है, जिसमें मतदाताओं के नाम जोड़े या हटाए जाते हैं। इंडिया ब्लॉक का आरोप है कि इस बार की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए।
दिल्ली प्रदर्शन में क्या हुआ था जिसका विरोध भुवनेश्वर में हुआ?
कांग्रेस नेता संतोष सिंह सलूजा के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में हो रहे इंडिया ब्लॉक प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। इसी के विरोध में भुवनेश्वर में रविवार को प्रदर्शन आयोजित किया गया।
ओडिशा में मतदाता सूची की क्या स्थिति बताई गई?
सलूजा ने कहा कि ओडिशा में 3,000 से अधिक ऐसे मतदाता जो 18 वर्ष से अधिक आयु के हैं और एसआईआर में छूट गए थे, उन्हें सूची में जोड़ा गया है। हालाँकि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शिता की माँग भी जारी रखी।
इस प्रदर्शन का आगे क्या असर हो सकता है?
इंडिया ब्लॉक ने अलग-अलग राज्यों में इस मुद्दे पर प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर यह विवाद आने वाले चुनावों से पहले केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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