इंडिया ब्लॉक 1 नवंबर को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ करेगा प्रतीकात्मक महाभियोग: जेबी माथेर
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने 31 अक्टूबर 2026 को बताया कि इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से महाभियोग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। माथेर का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि जनता ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्त से तंग आ चुकी है जिसने, उनके अनुसार, अपनी विश्वसनीयता खो दी है और फिर भी पद पर बने हुए हैं।
महाभियोग की प्रतीकात्मक प्रक्रिया
माथेर ने विस्तार से बताया कि 1 नवंबर की रैली में 'तर्क रखे जाएंगे, भाषण होंगे और सार्वजनिक रूप से महाभियोग चलाया जाएगा।' उन्होंने स्पष्ट किया, 'हम प्रतीकात्मक रूप से इस प्रक्रिया का पालन करेंगे और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाया जाएगा।' माथेर के अनुसार यह प्रतीकात्मक कार्रवाई ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देने का कड़ा संदेश देने के लिए की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया ब्लॉक दिवाली के बाद राष्ट्रपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहा है। माथेर ने कहा कि जब तक CEC का इस्तीफा नहीं होता, तब तक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला जारी रहेगी और जिस भी प्राधिकरण के पास जाया जा सकता है, वहाँ जाकर याचिकाएँ दायर की जाएंगी।
सरकार की कथनी-करनी पर सवाल
गृह मंत्री अमित शाह के संसद का विशेष सत्र बुलाने के बयान पर माथेर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'मायने संवादों के नहीं बल्कि उन पर अमल के हैं।' उन्होंने मानसून सत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री संसद में नज़र नहीं आए और अंतिम दिन केवल एक बार आकर चले गए। माथेर का आरोप है कि पेपर लीक, छात्र आंदोलन और युवाओं के विरोध प्रदर्शन से सरकार घबरा गई।
माथेर ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलाई और राष्ट्रीय ध्वज थामने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे की तुलना पेपर लीक से करते हुए कहा कि दोनों में जनता के विश्वास के साथ धोखा होता है।
सरदार पटेल पर कांग्रेस का पक्ष
सरदार वल्लभभाई पटेल को लेकर PM नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर माथेर ने कहा कि सरदार पटेल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के सबसे महान नेताओं में से एक हैं और उनका नाम भारत और कांग्रेस के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि '2014 के बाद सत्ता में आने पर ही लोगों को सरदार पटेल के बारे में पता नहीं चला।'
माथेर ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं के प्रति सम्मान साबित करने के लिए किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. बी.आर. आंबेडकर और मौलाना अबुल कलाम आजाद का नाम लेते हुए कहा कि पार्टी तमाम स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करती है, न कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरह केवल चुनिंदा नेताओं का।
आगे की रणनीति
गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक के घटक दलों ने ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग की स्वायत्तता को कमजोर करने का आरोप लगाया है, हालाँकि इन आरोपों को सरकार ने खारिज किया है। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी राज्य चुनावों से पहले विपक्ष चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को केंद्रीय मुद्दा बनाना चाहता है। माथेर के अनुसार, दिवाली के बाद राष्ट्रपति से मिलने और याचिकाएँ दायर करने का सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक CEC इस्तीफा नहीं दे देते।