29 सितंबर 2026
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CWC बैठक में राहुल गांधी ने उठाया चुनाव आयोग की निष्पक्षता का मुद्दा, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग

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CWC बैठक में राहुल गांधी ने उठाया चुनाव आयोग की निष्पक्षता का मुद्दा, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग

सारांश

कांग्रेस ने CWC बैठक में चुनाव आयोग की निष्पक्षता को सीधे चुनौती दी। राहुल गांधी ने SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का मुद्दा उठाया। पार्टी ने आंदोलन की चेतावनी दी और हरियाणा में पुनः चुनाव की माँग की — यह विपक्ष और संवैधानिक संस्थाओं के बीच बढ़ते टकराव का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

29 सितंबर 2026 को हुई CWC बैठक में राहुल गांधी ने SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का मुद्दा उठाया।
मुकुल वासनिक ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव आयोग के कामकाज को लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते रहे हैं।
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए पुनः चुनाव और भाजपा सरकार की बर्खास्तगी की माँग की।
नसीर हुसैन ने कहा कि पार्टी SIR और CEC के मुद्दे पर लामबंद होकर आंदोलन करेगी।
सुखदेव भगत ने कहा कि राजीव कुमार से लेकर ज्ञानेश कुमार तक, चुनाव आयोग की साख लगातार कमज़ोर हुई है।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की 29 सितंबर 2026 को हुई बैठक में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक ने बताया कि पार्टी चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर अपनी मांगों पर दृढ़ है।

CWC बैठक में क्या हुआ

मुकुल वासनिक ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से यह आरोप लगाते आ रहे हैं कि चुनाव आयोग जिस तरह से चुनाव कराता है, वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों से लेकर कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में कथित गड़बड़ियों तक, राहुल गांधी लगातार इन सभी मुद्दों को सामने लाते रहे हैं।

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने बताया कि बैठक में SIR सहित देश के मौजूदा हालात पर भी विस्तृत चर्चा हुई। कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि पार्टी ने अपनी पुरानी माँगें बरकरार रखी हैं और उन्हें लेकर आंदोलन किया जाएगा।

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर आरोप

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि राहुल गांधी जो मुद्दे लगातार उठाते रहे हैं, वे अब सच साबित हो रहे हैं। उनके अनुसार, यह मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग के कामकाज का है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार हों या उनसे पहले राजीव कुमार, चुनाव आयोग की साख लगातार कमज़ोर होती गई है।

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सीधे आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग ने मिलकर चुनाव चोरी की। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में जनभावना को कुचला गया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया। हुड्डा ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई, उनके इस्तीफे और हरियाणा में पुनः चुनाव कराने की माँग की।

पार्टी की आगामी रणनीति

कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने स्पष्ट किया कि पार्टी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर लामबंद होकर आंदोलन करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच तनाव चरम पर है और कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठाए हों। पार्टी ने पिछले कई वर्षों में ईवीएम, मतदाता सूची और चुनाव कार्यक्रम को लेकर आयोग को घेरा है। CWC बैठक में इस मुद्दे को उठाना दर्शाता है कि पार्टी इसे एक संगठित राजनीतिक अभियान का रूप देने की तैयारी में है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

संवैधानिक विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता लोकतंत्र की नींव है और किसी भी दल द्वारा उठाए गए गंभीर आरोपों की पारदर्शी जाँच ज़रूरी होती है। हालाँकि, आलोचकों का यह भी कहना है कि चुनाव हारने के बाद ईवीएम और संस्थाओं पर सवाल उठाना एक परिचित राजनीतिक पैटर्न बन चुका है, जिससे असली सुधार की बात पीछे रह जाती है।

कांग्रेस की माँगें स्वीकार की जाती हैं या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा — लेकिन यह तय है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता का सवाल अब संसद और सड़क, दोनों पर और तेज़ होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह हार के बाद की परिचित राजनीतिक प्रतिक्रिया है। हरियाणा में पुनः चुनाव और भाजपा सरकार की बर्खास्तगी जैसी माँगें संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया के बिना व्यवहारिक नहीं हैं, जो इन्हें राजनीतिक दबाव की रणनीति के करीब रखती हैं। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का सवाल वैध है — लेकिन उसका जवाब संस्थागत सुधार से आएगा, आंदोलन की घोषणाओं से नहीं।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CWC बैठक में राहुल गांधी ने कौन-से मुद्दे उठाए?
राहुल गांधी ने 29 सितंबर 2026 की CWC बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का मुद्दा उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज को लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया और ईवीएम छेड़छाड़ के आरोप भी दोहराए।
कांग्रेस ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रही है?
कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भाजपा के हित में काम किया और लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया। पार्टी का कहना है कि हरियाणा समेत कई राज्यों के चुनावों में गड़बड़ियाँ हुई हैं, जिनके लिए आयोग जिम्मेदार है।
कांग्रेस ने हरियाणा में पुनः चुनाव की माँग क्यों की?
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में 'वोट चोरी' हुई और भाजपा सरकार अवैध तरीके से सत्ता में आई। उन्होंने भाजपा सरकार की बर्खास्तगी, विधानसभा भंग और नए सिरे से चुनाव कराने की माँग की।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की जाँच और अद्यतन करने की प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के ज़रिए मतदाता सूचियों से कुछ वर्गों के नाम हटाए जा रहे हैं, जो चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करता है।
कांग्रेस आगे क्या कदम उठाएगी?
कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन के अनुसार, पार्टी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर लामबंद होकर आंदोलन करेगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि अपनी पुरानी माँगें बरकरार रखी जाएँगी और जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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