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भारत 'चिप्स से शिप्स तक' मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रहा, 6जी पर भी तेज़ी: PM मोदी

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भारत 'चिप्स से शिप्स तक' मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रहा, 6जी पर भी तेज़ी: PM मोदी

सारांश

मेलबर्न में मोदी का संदेश सिर्फ प्रवासी समुदाय के लिए नहीं था — यह भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा का घोषणापत्र था। 'चिप्स से शिप्स', 6जी, गगनयान और 2 लाख स्टार्टअप — एक ही भाषण में भारत ने दुनिया को बताया कि वह अब सिर्फ बाज़ार नहीं, तकनीकी नेतृत्वकर्ता बनने की राह पर है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 9 जुलाई को मेलबर्न में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया।
भारत 'चिप्स से लेकर शिप्स तक' मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार कर रहा है और 6जी तकनीक पर तेज़ी से काम जारी है।
देश में 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप, हर महीने 4,000+ नए स्टार्टअप; भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम।
एक भारतीय स्पेस स्टार्टअप जल्द अपने रॉकेट से उपग्रह लॉन्च करेगा; गगनयान और भारतीय स्पेस स्टेशन पर काम जारी।
मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध भारत की कार्रवाई को वैश्विक संदेश बताया।
पिछले 12 वर्षों में यह मोदी की तीसरी ऑस्ट्रेलिया यात्रा ; भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊँचाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत 'चिप्स से लेकर शिप्स तक' एक सशक्त मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम खड़ा कर रहा है और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दौड़ में 6जी तकनीक पर भी तेज़ गति से काम जारी है। उन्होंने कहा कि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निर्णायक रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम: कुछ सौ से 2 लाख तक का सफ़र

मोदी ने बताया कि भारत में कुछ सौ स्टार्टअप्स से शुरू हुई यात्रा आज 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स तक पहुँच चुकी है। हर महीने 4,000 से ज़्यादा नए स्टार्टअप देश में रजिस्टर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं की मेहनत और नवाचार की बदौलत देश आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।

गौरतलब है कि यह विस्तार अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहा — प्रधानमंत्री के अनुसार स्टार्टअप संस्कृति देश के लगभग हर ज़िले तक फैल चुकी है, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी उद्यमिता के लिए एक नई लहर का संकेत है।

रक्षा और अंतरिक्ष में स्टार्टअप की छलांग

प्रधानमंत्री ने बताया कि रक्षा और अंतरिक्ष जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में अब सैकड़ों स्टार्टअप सक्रिय हैं। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही भारत का एक स्पेस स्टार्टअप अपने ही रॉकेट से अपना उपग्रह लॉन्च करने की तैयारी में है — जो निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का प्रमाण होगा। इसके साथ ही गगनयान मिशन और भारत के स्वयं के स्पेस स्टेशन की दिशा में भी काम तेज़ी से जारी है।

ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद पर कड़ा संदेश

आतंकवाद के विरुद्ध भारत की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकियों के ठिकानों पर विस्फोट हो रहे थे और उनकी गूंज पूरी दुनिया ने सुनी।' यह बयान ऐसे समय में आया जब भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर वैश्विक चर्चा जारी है।

भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की नई ऊँचाई

मोदी ने 2014 की अपनी पहली ऑस्ट्रेलिया यात्रा को याद किया, जो 28 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऑस्ट्रेलिया यात्रा थी। उन्होंने कहा, 'पिछले 12 वर्षों में यह मेरी ऑस्ट्रेलिया की तीसरी यात्रा है — एक तरह से यह हैट्रिक है।' मोदी ने इसका श्रेय भारतीय प्रवासी समुदाय को देते हुए कहा कि उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को मज़बूत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।

मेलबर्न पहुँचने पर भारतीय समुदाय ने 'मोदी-मोदी' और 'वंदे मातरम्' के नारों के साथ उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, 'मेलबर्न का मौसम भले ही ठंडा हो, लेकिन भारतीय समुदाय के स्वागत की गर्मजोशी अविस्मरणीय रही।' कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के आदिवासी वाद्य यंत्र डिजेरिडू और भारतीय तबले का संगीत संगम, 'माँ तुझे सलाम' की 10-सदस्यीय सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुति तथा कथक नृत्य भी शामिल रहे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 'वी द पीपल' और 'नागरिक देवो भव:' का मंत्र आज देश के सुशासन का मार्गदर्शक सिद्धांत बन चुका है। आने वाले समय में भारत के तकनीकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में और बड़े मील के पत्थर स्थापित होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की है — सेमीकंडक्टर विनिर्माण में भारत अभी भी ताइवान और दक्षिण कोरिया से दशकों पीछे है। 6जी पर शोध और 2 लाख स्टार्टअप की संख्या उत्साहजनक है, पर गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिकाऊपन के आँकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। मेलबर्न जैसे मंचों पर दिए गए भाषण कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन घरेलू नीति-क्रियान्वयन की पारदर्शिता के बिना ये वैश्विक विश्वसनीयता नहीं बनाते। ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ का अंतरराष्ट्रीय मंच पर उल्लेख संकेत देता है कि भारत अपनी कड़ी सुरक्षा नीति को अब सॉफ्ट-पावर कूटनीति के साथ जोड़ रहा है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का 'चिप्स से शिप्स' बयान क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न में कहा कि भारत सेमीकंडक्टर चिप्स से लेकर जहाज़ निर्माण (शिप्स) तक एक व्यापक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। यह बयान भारत की विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं की व्यापकता को दर्शाता है।
भारत में कितने स्टार्टअप हैं और इनकी रफ़्तार क्या है?
मोदी के अनुसार भारत में अब 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं और हर महीने 4,000 से ज़्यादा नए स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं। इस आधार पर भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।
भारत का 6जी तकनीक पर काम कहाँ तक पहुँचा है?
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक तकनीकी नेतृत्व हासिल करने के लिए 6जी तकनीक पर तेज़ी से काम कर रहा है, हालाँकि उन्होंने कोई विशेष समयसीमा या तकनीकी विवरण नहीं दिया। यह घोषणा भारत की दूरसंचार महत्वाकांक्षाओं का संकेत है।
ऑपरेशन सिंदूर का मेलबर्न भाषण में क्या संदर्भ था?
मोदी ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकियों के ठिकानों पर विस्फोट हो रहे थे और उनकी गूंज पूरी दुनिया ने सुनी।' यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आतंकवाद-विरोधी नीति को रेखांकित करने के लिए दिया गया।
मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा का क्या महत्व है?
यह पिछले 12 वर्षों में मोदी की तीसरी ऑस्ट्रेलिया यात्रा है, जिसे उन्होंने 'हैट्रिक' कहा। 2014 में उनकी पहली यात्रा 28 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ऑस्ट्रेलिया यात्रा थी, जो भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों में बढ़ती घनिष्ठता का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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