भारत 'चिप्स से शिप्स तक' मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रहा, 6जी पर भी तेज़ी: PM मोदी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत 'चिप्स से लेकर शिप्स तक' एक सशक्त मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम खड़ा कर रहा है और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दौड़ में 6जी तकनीक पर भी तेज़ गति से काम जारी है। उन्होंने कहा कि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में निर्णायक रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है।
स्टार्टअप इकोसिस्टम: कुछ सौ से 2 लाख तक का सफ़र
मोदी ने बताया कि भारत में कुछ सौ स्टार्टअप्स से शुरू हुई यात्रा आज 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स तक पहुँच चुकी है। हर महीने 4,000 से ज़्यादा नए स्टार्टअप देश में रजिस्टर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं की मेहनत और नवाचार की बदौलत देश आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।
गौरतलब है कि यह विस्तार अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहा — प्रधानमंत्री के अनुसार स्टार्टअप संस्कृति देश के लगभग हर ज़िले तक फैल चुकी है, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी उद्यमिता के लिए एक नई लहर का संकेत है।
रक्षा और अंतरिक्ष में स्टार्टअप की छलांग
प्रधानमंत्री ने बताया कि रक्षा और अंतरिक्ष जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में अब सैकड़ों स्टार्टअप सक्रिय हैं। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही भारत का एक स्पेस स्टार्टअप अपने ही रॉकेट से अपना उपग्रह लॉन्च करने की तैयारी में है — जो निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का प्रमाण होगा। इसके साथ ही गगनयान मिशन और भारत के स्वयं के स्पेस स्टेशन की दिशा में भी काम तेज़ी से जारी है।
ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद पर कड़ा संदेश
आतंकवाद के विरुद्ध भारत की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकियों के ठिकानों पर विस्फोट हो रहे थे और उनकी गूंज पूरी दुनिया ने सुनी।' यह बयान ऐसे समय में आया जब भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर वैश्विक चर्चा जारी है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की नई ऊँचाई
मोदी ने 2014 की अपनी पहली ऑस्ट्रेलिया यात्रा को याद किया, जो 28 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऑस्ट्रेलिया यात्रा थी। उन्होंने कहा, 'पिछले 12 वर्षों में यह मेरी ऑस्ट्रेलिया की तीसरी यात्रा है — एक तरह से यह हैट्रिक है।' मोदी ने इसका श्रेय भारतीय प्रवासी समुदाय को देते हुए कहा कि उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को मज़बूत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।
मेलबर्न पहुँचने पर भारतीय समुदाय ने 'मोदी-मोदी' और 'वंदे मातरम्' के नारों के साथ उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, 'मेलबर्न का मौसम भले ही ठंडा हो, लेकिन भारतीय समुदाय के स्वागत की गर्मजोशी अविस्मरणीय रही।' कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के आदिवासी वाद्य यंत्र डिजेरिडू और भारतीय तबले का संगीत संगम, 'माँ तुझे सलाम' की 10-सदस्यीय सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुति तथा कथक नृत्य भी शामिल रहे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'वी द पीपल' और 'नागरिक देवो भव:' का मंत्र आज देश के सुशासन का मार्गदर्शक सिद्धांत बन चुका है। आने वाले समय में भारत के तकनीकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में और बड़े मील के पत्थर स्थापित होने की उम्मीद है।