क्या बीते एक दशक में स्टार्टअप इंडिया मिशन ने क्रांति पैदा की है?
सारांश
Key Takeaways
- स्टार्टअप इंडिया मिशन ने पिछले 10 वर्षों में एक बड़ा बदलाव लाया है।
- भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।
- लाखों लोगों के सपने इस योजना के माध्यम से पूरे हुए हैं।
- महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
- भविष्य में स्टार्टअप्स को मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान देना चाहिए।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 10 वर्षों में स्टार्टअप इंडिया मिशन ने एक बड़ी क्रांति का रूप ले लिया है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। इस योजना ने लाखों लोगों के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्रीय राजधानी में स्थित भारत मंडपम में स्टार्ट इंडिया मिशन के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज हम स्टार्टअप इंडिया के 10 साल का जश्न मना रहे हैं। यह यात्रा केवल एक सरकारी योजना की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह लाखों सपनों की यात्रा है।"
इस अवसर पर, उन्होंने स्टार्टअप इंडिया मिशन में योगदान देने वाले युवाओं की सराहना की और कहा, "हमारे यंग इनोवेटर्स जिन्होंने नए सपने देखने का साहस दिखाया, मैं उन सभी की बहुत सराहना करता हूं।"
आगे बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "आप सोचिए, 10 साल पहले भारत में हालात क्या थे। व्यक्तिगत प्रयासों और नवाचार के लिए कोई गुंजाइश नहीं थी।
हमने उन चुनौतियों का सामना किया, स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत की और युवाओं को खुला आसमान दिया। आज इसका परिणाम सबके सामने है।
सिर्फ 10 वर्षों में स्टार्टअप इंडिया मिशन ने एक क्रांति का रूप धारण कर लिया है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "10 साल पहले, देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, लेकिन आज यह संख्या बढ़कर दो लाख से अधिक हो गई है। 2014 में भारत में केवल 4 यूनिकॉर्न थे, जबकि आज यह संख्या करीब 125 तक पहुंच गई है।
दुनिया इस सफलता की कहानी को हैरानी से देख रही है। भविष्य में जब भारत की सफलता की बात होगी, तब यहाँ बैठे कई युवा खुद में एक ब्राइट केस स्टडी बनेंगे।"
महिलाओं की भागीदारी पर ध्यान देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान में भारत में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप में से 45 प्रतिशत से अधिक में कम से कम एक महिला निदेशक या भागीदार है। महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को वित्तपोषण देने में भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम है। यह बढ़ती समावेशिता देश की क्षमता को बढ़ा रही है।
आगे उन्होंने स्टार्टअप संस्थापकों से कहा कि हमने पिछले दशकों में डिजिटल स्टार्टअप, सर्विस सेक्टर में बेहतरीन काम किया है। अब समय है कि हमारे स्टार्टअप्स मैन्युफैक्चरिंग पर अधिक ध्यान दें। हमें नए उत्पाद बनाने होंगे। हमें विश्वस्तरीय गुणवत्ता के उत्पाद बनाने होंगे। टेक्नोलॉजी में भी अद्वितीय विचारों पर काम कर हमें लीड लेना होगा। भविष्य इसी का है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, आपकी हर कोशिश में सरकार आपके साथ है।