एआई और सेमीकंडक्टर में भारतीय युवाओं की अगुवाई का सपना: पीएम मोदी का द हेग में संबोधन

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एआई और सेमीकंडक्टर में भारतीय युवाओं की अगुवाई का सपना: पीएम मोदी का द हेग में संबोधन

सारांश

द हेग में प्रवासी भारतीयों से मुखातिब होते हुए पीएम मोदी ने भारत की तकनीकी छलाँग का खाका खींचा — एआई, सेमीकंडक्टर, 125 यूनिकॉर्न और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम। युवाओं की असीमित आकांक्षाओं को उन्होंने भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 मई 2026 को द हेग में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय युवा एआई और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में देश को वैश्विक नेतृत्व दिलाने का सपना देख रहे हैं।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है; देश में करीब 125 सक्रिय यूनिकॉर्न कंपनियाँ हैं।
भारत ने दुनिया के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की और जी-20 का सफल आयोजन किया।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा यूनिक पहचान कार्यक्रम और सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना संचालित कर रहा है।
मोदी ने कहा कि चंद्रमा के अनछुए हिस्सों तक पहुँचना भारत की वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 मई 2026 को द हेग में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज बड़े सपने देख रहा है और देश के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तथा सेमीकंडक्टर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में राष्ट्र को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की आकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत तकनीक, नवाचार और डिजिटलीकरण में एक उभरते वैश्विक नेता के रूप में पहचाना जा रहा है।

युवाओं की आकांक्षाएँ और तकनीकी महत्वाकांक्षा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'आज भारत बड़े सपने देख रहा है। भारत के युवा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में देश को आगे बढ़ाने का सपना रखते हैं।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश में आकांक्षाएँ असीमित हैं और इसीलिए प्रयास भी असीमित होते जा रहे हैं। मोदी के अनुसार, भारतीय युवा देश की भविष्य की विकास यात्रा को नई दिशा दे रहे हैं।

स्टार्टअप और यूनिकॉर्न: भारत की उद्यमशीलता की ताकत

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और देश में अब करीब 125 सक्रिय यूनिकॉर्न कंपनियाँ हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप एआई, रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर तकनीकी प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और भारत अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटा है।

वैश्विक आयोजन और वैज्ञानिक उपलब्धियाँ

मोदी ने कहा कि भारत ने हाल ही में दुनिया के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, और इससे पहले सफलतापूर्वक जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि अब ऐसी उपलब्धियाँ अपवाद नहीं रहीं, बल्कि आधुनिक भारत की पहचान बन चुकी हैं। विज्ञान के मोर्चे पर उन्होंने याद दिलाया कि भारत चंद्रमा के उन हिस्सों तक पहुँचा है जहाँ पहले कोई देश नहीं पहुँच पाया था।

डिजिटल और वित्तीय समावेशन की वैश्विक मिसाल

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा यूनिक पहचान कार्यक्रम चलाया है और विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजना भी लागू की है। इसके साथ ही देश दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना भी संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में डिजिटलीकरण की गति और उसका दायरा अभूतपूर्व है।

भारत की प्रगति का समग्र दृष्टिकोण

मोदी ने रेखांकित किया कि भारत की प्रगति नवाचार, उद्यमिता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और समावेशी विकास योजनाओं के सम्मिलित प्रयास से आगे बढ़ रही है। गौरतलब है कि प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने का यह अवसर ऐसे समय आया जब भारत-यूरोप तकनीकी सहयोग पर नई बातचीत शुरू हो रही है। आने वाले समय में एआई और सेमीकंडक्टर नीतियों के क्रियान्वयन पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्टार्टअप इंडिया, चंद्रयान — लेकिन इस बार एआई और सेमीकंडक्टर को केंद्र में रखना एक सोची-समझी रणनीतिक पुनर्स्थापना है। असली सवाल यह है कि क्या भारत का सेमीकंडक्टर मिशन, जो अभी नींव के चरण में है, उस आकांक्षा की गति से मेल खा पाएगा जो मोदी विदेश में पेश करते हैं। 125 यूनिकॉर्न प्रभावशाली हैं, लेकिन गहरी तकनीक और फैब्रिकेशन क्षमता में भारत अभी भी ताइवान और दक्षिण कोरिया से कोसों दूर है — और यह अंतर भाषणों से नहीं, नीतिगत निरंतरता से पाटा जाएगा।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने द हेग में एआई और सेमीकंडक्टर पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के युवा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में देश को वैश्विक नेतृत्व दिलाने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने यह बात 16 मई 2026 को द हेग में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कही।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम कैसे बना?
पीएम मोदी के अनुसार, भारतीय युवाओं की आकांक्षाएँ और नवाचार इस इकोसिस्टम की सबसे बड़ी ताकत हैं। देश में अब करीब 125 सक्रिय यूनिकॉर्न कंपनियाँ हैं जो एआई, रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
भारत ने हाल ही में किस बड़े वैश्विक आयोजन की मेजबानी की?
मोदी ने बताया कि भारत ने हाल ही में दुनिया के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। इससे पहले भारत जी-20 शिखर सम्मेलन का भी सफलतापूर्वक आयोजन कर चुका है।
डिजिटल और वित्तीय समावेशन में भारत की क्या उपलब्धियाँ हैं?
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा यूनिक पहचान कार्यक्रम और सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजना लागू की है। इसके साथ ही देश दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजना भी संचालित कर रहा है।
अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की क्या उपलब्धि रही है?
पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि भारत चंद्रमा के उन हिस्सों तक पहुँचा है जहाँ पहले कोई देश नहीं पहुँच पाया था। यह उपलब्धि अंतरिक्ष अनुसंधान और नवाचार में भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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