प्रधानमंत्री मोदी ने एआई समिट की सफलता पर जताई गर्व, भारत की क्षमताओं की विश्वव्यापी सराहना
सारांश
Key Takeaways
- एआई समिट ने भारत की तकनीकी क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया।
- समिट में कई देशों के नेता और उद्योग लीडर्स शामिल हुए।
- पीएम मोदी ने इसे एआई के उपयोग में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया।
- अनुसंधान और प्रयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- भारत प्राचीन ज्ञान को आधुनिक तकनीक में समाहित कर रहा है।
नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित एआई समिट की सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक समिट में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की सराहना की है।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से, पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि इस समिट ने यह स्पष्ट किया है कि भारत के युवा तकनीक के क्षेत्र में अपनी सोच को लेकर पूरी मानवता के हित में काम कर सकते हैं।
उन्होंने एक 55 सेकंड का वीडियो भी साझा किया, जिसमें बताया गया कि अज्ञात ज्ञान की खोज के लिए अनुसंधान और प्रयोग आवश्यक हैं। ज्ञात तथ्यों का विश्लेषण और निर्णय लेना शोध की शुरुआत है, और यह अनुभव और अवलोकन से सत्यापित होता है।
रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में, पीएम मोदी ने एआई समिट की सराहना की और कहा कि इसमें दुनिया ने भारत की अद्भुत क्षमताओं को देखा है। उन्होंने इसे एआई की शक्ति के उपयोग में एक टर्निंग प्वाइंट बताया।
इस समिट में कई देशों के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप सेक्टर से जुड़े लोग एकत्र हुए थे। एआई की शक्ति का उपयोग किस प्रकार किया जाएगा, इस दिशा में यह समिट महत्वपूर्ण साबित हुई है।
पीएम मोदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "इस समिट में मुझे वैश्विक नेताओं और तकनीकी CEOs से मिलने का अवसर मिला। एआई समिट की प्रदर्शनी में मैंने कई नई चीजें प्रदर्शित कीं।"
उन्होंने कहा कि वैश्विक नेता यह देखकर हैरान थे कि कैसे एआई की मदद से हम अपने प्राचीन ज्ञान और पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहे हैं और उन्हें आधुनिक पीढ़ी के अनुरूप ढाल रहे हैं।