लेंसकार्ट के स्टाइल गाइड पर अशोक पंडित की कड़ी प्रतिक्रिया: बायकॉट की अपील
सारांश
Key Takeaways
- हिजाब की अनुमति लेकिन हिंदू प्रतीकों पर पाबंदी।
- अशोक पंडित का बायकॉट आह्वान।
- कंपनी के सख्त नियम और प्रतिबंध।
मुंबई, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लेंसकार्ट नामक कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए बनाए गए 'स्टाइल गाइड' पर फिल्म निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पंडित ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कंपनी के बायकॉट की मांग की है।
अशोक पंडित ने कहा कि जबकि कंपनी हिजाब पहनने की इजाजत देती है, वहीं हिंदू कर्मचारियों के पारंपरिक प्रतीकों जैसे बिंदी, तिलक और कलावा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रही है। इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा, "पीयूष बंसल अपने कर्मचारियों से यही कहते हैं कि हिजाब तो ठीक है, लेकिन बिंदी, तिलक, कलावा नहीं।"
उन्होंने यह भी बताया कि लेंसकार्ट के स्टाइल गाइड का 11वां पन्ना इसी विषय पर है। अशोक पंडित ने यह सवाल उठाया कि एक हिंदू-बहुल देश में ऐसी कंपनी जो अधिकांश हिंदू कर्मचारियों और ग्राहकों पर निर्भर है, वह हिंदू प्रतीकों पर प्रतिबंध क्यों लगा रही है?
इसके अलावा, उन्होंने कंपनी के स्टाइल गाइड में दिए गए नियमों को साझा किया, जिसमें कहा गया है कि यदि कर्मचारी हिजाब पहनते हैं, तो उसका रंग काला होना चाहिए। हिजाब का मीडियम चेस्ट कवरेज होना चाहिए और कंपनी का लोगो नहीं ढकना चाहिए। पगड़ी पहनने की अनुमति है, लेकिन वह भी केवल काले रंग की होनी चाहिए। धार्मिक चिह्नों जैसे टीका, तिलक, बिंदी या स्टिकर का उपयोग करने की इजाजत नहीं है। मेहंदी लगाने की भी मनाही है, और विशेष अवसरों पर केवल 10 दिन तक प्रबंधन की अनुमति से ही लगाई जा सकती है।
कंपनी के स्टाइल गाइड के अनुसार किसी भी प्रकार की टोपी या हैट पहनने की भी रोक है। कंपनी ने अन्य नियमों में स्टोर पर ब्लू टॉर्च और स्प्रे बोतल रखने, बालों को व्यवस्थित करने के लिए हेयर नेट का उपयोग करने, और टैटू को छिपाने के लिए काली फिटेड टी-शर्ट पहनने जैसे निर्देश भी दिए हैं।
अशोक पंडित ने इस नीति को हिंदू भावनाओं के प्रति असंवेदनशील बताते हुए कहा कि हिंदू-बहुल देश में हिंदू कर्मचारियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला यह दृष्टिकोण गलत है। उन्होंने लोगों से लेंसकार्ट के उत्पादों का बायकॉट करने की अपील की है।