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गर्मी में पित्त दोष के बढ़ने के कारण और आयुर्वेदिक उपाय

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गर्मी में पित्त दोष के बढ़ने के कारण और आयुर्वेदिक उपाय

सारांश

गर्मी के मौसम में पित्त दोष का बढ़ना एक सामान्य समस्या है। जानें इसके कारण और आयुर्वेदिक उपाय जो आपके स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

मुख्य बातें

पित्त दोष का संतुलन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
गर्मी के मौसम में जलन और एसिडिटी के संकेतों पर ध्यान दें।
आयुर्वेदिक उपायों से पित्त को आसानी से संतुलित किया जा सकता है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जैसे ही गर्मियों की शुरुआत होती है, हमारे शरीर में कई प्रकार के परिवर्तन देखने को मिलते हैं। अत्यधिक गर्मी और पसीने के कारण रैश निकलना आम बात है।

यह केवल गर्मी के प्रभाव से नहीं, बल्कि पित्त के बढ़ने के कारण भी होता है। पित्त के बढ़ने पर हमारे शरीर कई संकेत देता है, जिन्हें अनदेखा करना हानिकारक हो सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार, पित्त का संतुलन बनाना अत्यंत आवश्यक है। पित्त बढ़ने पर शरीर पहले छोटे-छोटे संकेत देता है। जैसे बार-बार एसिडिटी होना, मुंह के छाले, जीभ का लाल होना, हथेली और तलवों में जलन, गर्मी सहन न कर पाना, चेहरे पर लालिमा और पसीने का अधिक आना, और गुस्सा जल्दी आना—all ये पित्त बढ़ने के संकेत हैं। गर्मी में पित्त का प्रभाव अधिक होता है क्योंकि बाहरी तापमान पहले से ही उच्च होता है, जिससे शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है।

अब सवाल यह है कि क्या करें? पित्त को संतुलित करने के लिए शरीर के तापमान को स्थिर रखना आवश्यक है। गर्मी में अपने शरीर को अंदर से ठंडा रखें। तरल पदार्थों और ठंडी चीज़ों का सेवन करें और भरपूर पानी पिएं। रोज़ एक नारियल पानी पीने की कोशिश करें। पित्त के संतुलन के लिए सौंफ का पानी एक प्रभावी उपाय है। रात को सौंफ को पानी में भिगो दें और सुबह हल्का गुनगुना करके पिएं। इससे पाचन अग्नि स्थिर रहेगी और जलन कम होगी। यह पेट में बनने वाले अधिक एसिड को भी नियंत्रित करेगा।

गर्मी में सीधे धूप में अधिक समय बिताने से बचें। इससे शरीर का तापमान बढ़ता है और पित्त पर प्रभाव पड़ता है। गर्मी में तुरंत ठंडी चीज़ों का सेवन न करें, इससे शरीर का ताप असंतुलित हो सकता है और सर्द-गर्म की समस्याएं हो सकती हैं। पित्त बढ़ना कोई बीमारी नहीं है; इसे आसानी से संतुलित किया जा सकता है। लेकिन अगर इसे अनदेखा किया जाए, तो कई अन्य बीमारियों का जन्म हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पित्त का संतुलन बनाए रखना न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गर्मी में पित्त बढ़ने के संकेत क्या हैं?
गर्मी में पित्त बढ़ने के सामान्य संकेतों में बार-बार एसिडिटी, मुंह के छाले, जलन, और गुस्सा जल्दी आना शामिल हैं।
पित्त को संतुलित करने के लिए क्या करना चाहिए?
पित्त को संतुलित रखने के लिए ठंडे तरल पदार्थों का सेवन करें, नारियल पानी पिएं और सौंफ का पानी उपयोग करें।
क्या पित्त बढ़ना एक बीमारी है?
नहीं, पित्त बढ़ना एक समस्या है जिसे उचित उपायों के द्वारा संतुलित किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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