क्या 'चलता है' या 'हो जाएगा' वाला दौर खत्म हुआ? अब गुणवत्ता ही होनी चाहिए भारतीय उत्पादों की पहचान: पीएम मोदी

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क्या 'चलता है' या 'हो जाएगा' वाला दौर खत्म हुआ? अब गुणवत्ता ही होनी चाहिए भारतीय उत्पादों की पहचान: पीएम मोदी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में स्टार्टअप इंडिया और गुणवत्ता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों की पहचान अब गुणवत्ता होनी चाहिए। चलने वाला दौर खत्म, उत्कृष्टता को प्राथमिकता देने का समय है।

Key Takeaways

  • गुणवत्ता: भारतीय उत्पादों की पहचान
  • स्टार्टअप्स: युवा उद्यमियों की सराहना
  • जन-भागीदारी: सामूहिक प्रयासों की ताकत
  • उत्कृष्टता: हर उत्पाद में प्राथमिकता
  • आर्थिक विकास: भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को साल 2026 के पहले 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित किया। 'मन की बात' के 130वें एपिसोड में उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, उद्योग जगत में गुणवत्ता और जन-भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने 'स्टार्टअप इंडिया' की यात्रा को याद करते हुए कहा कि इन दिनों सोशल मीडिया पर लोग 2016 की अपनी यादों को साझा कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने देश के साथ अपनी एक याद साझा की। उन्होंने कहा कि लगभग 10 साल पहले शुरू हुई 'स्टार्टअप इंडिया' की पहल आज एक ऐतिहासिक आंदोलन बन चुकी है। इस यात्रा के असली नायक देश के युवा हैं, जिन्होंने अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर नवाचार किए और देश का नाम रोशन किया।

प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे लगभग हर महत्वपूर्ण सेक्टर में भारतीय स्टार्टअप्स सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि जिस भी सेक्टर का नाम लिया जाए, वहां कोई न कोई भारतीय स्टार्टअप काम करता हुआ दिखाई देता है। पीएम मोदी ने स्टार्टअप से जुड़े युवाओं और नए उद्यम शुरू करने की इच्छा रखने वालों को सलाम करते हुए उनके योगदान की सराहना की।

इसके साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योग जगत और स्टार्टअप्स से गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और पूरी दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। ऐसे समय में उद्योगों और स्टार्टअप्स की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि चलता है या हो जाएगा वाला दौर अब खत्म हो चुका है और अब हर स्तर पर गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जो भी निर्माण हो रहा है, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लेना जरूरी है। चाहे टेक्सटाइल हों, टेक्नोलॉजी हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हों या पैकेजिंग - भारतीय उत्पादों की पहचान ही टॉप क्वालिटी बननी चाहिए। उन्होंने उद्योग और स्टार्टअप्स से अपील की कि वे उत्कृष्टता को अपना बेंचमार्क बनाएं और हर उत्पाद में गुणवत्ता को सर्वोच्च स्थान दें।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने जन-भागीदारी और सामूहिक प्रयासों की ताकत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वभाव से ही इनोवेटिव हैं और समस्याओं का समाधान ढूंढना देशवासियों के खून में है। कुछ लोग यह काम स्टार्टअप के जरिए करते हैं, तो कुछ लोग समाज की सामूहिक भागीदारी से बदलाव लाते हैं।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे स्थानीय लोगों ने तमसा नदी को नया जीवन दिया। अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली यह नदी कभी क्षेत्र के लोगों के जीवन की धुरी थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसका प्रवाह रुक गया था। बाद में स्थानीय लोगों ने मिलकर नदी की सफाई की, किनारों पर छायादार पेड़ लगाए और सामूहिक प्रयासों से नदी का पुनरुद्धार संभव हो सका।

इसी तरह आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में पानी की कमी दूर करने के लिए स्थानीय लोगों ने जलाशयों की सफाई का संकल्प लिया। प्रशासन के सहयोग से 'अनंत नीरू संरक्षण प्रोजेक्ट' की शुरुआत की गई, जिसके तहत 10 से अधिक जलाशयों को पुनर्जीवित किया गया और 7,000 से ज्यादा पेड़ लगाए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से अनंतपुर में जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रीन कवर भी बढ़ा है।

पीएम मोदी ने कहा कि जन-भागीदारी और सामूहिकता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

Point of View

यह दोनों ही भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
NationPress
05/02/2026

Frequently Asked Questions

पीएम मोदी ने 'मन की बात' में किस विषय पर चर्चा की?
पीएम मोदी ने 'मन की बात' में स्टार्टअप इंडिया, गुणवत्ता और जन-भागीदारी पर चर्चा की।
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम किस स्थान पर है?
भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने गुणवत्ता पर क्यों जोर दिया?
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता अब भारतीय उत्पादों की पहचान होनी चाहिए।
क्या 'चलता है' वाला दौर खत्म हो गया है?
जी हाँ, पीएम मोदी ने कहा कि 'चलता है' या 'हो जाएगा' वाला दौर अब खत्म हो चुका है।
जन-भागीदारी का क्या महत्व है?
प्रधानमंत्री ने बताया कि जन-भागीदारी और सामूहिकता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।
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