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मायावती का पलटवार: BSP को बदनाम करने की साजिश है कथित स्टिंग विवाद, मिशन-2027 पर रहें केंद्रित

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मायावती का पलटवार: BSP को बदनाम करने की साजिश है कथित स्टिंग विवाद, मिशन-2027 पर रहें केंद्रित

सारांश

UP चुनाव 2027 की आहट के बीच BSP पर कथित स्टिंग ऑपरेशन का साया — मायावती ने इसे सुनियोजित दुष्प्रचार बताया और पार्टी की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को पारदर्शी करार दिया। एक्स पर लंबी पोस्ट के ज़रिए उन्होंने विरोधियों और मीडिया दोनों को आड़े हाथों लिया।

मुख्य बातें

मायावती ने 19 जून 2026 को कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद को BSP को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि UP विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विरोधी दल और मीडिया का एक वर्ग भ्रामक अभियान चला रहे हैं।
BSP की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और बहुस्तरीय बताया; विश्वनाथ पाल सहित सभी पदाधिकारी स्क्रीनिंग में लगे हैं।
मायावती ने एक्स पर लिखा कि BSP किसी पूंजीपति के इशारे पर नहीं, बल्कि अपने लोगों के 'तन, मन और धन' के बल पर चलती है।
कार्यकर्ताओं से अपील — विरोधियों के षड्यंत्र से गुमराह न हों, मिशन 2027 पर पूरी शक्ति से जुटे रहें।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 19 जून 2026 को एक कथित स्टिंग ऑपरेशन से उपजे विवाद को सिरे से खारिज करते हुए इसे पार्टी और उसके नेतृत्व को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BSP की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से बौखलाए विरोधी दलों और मीडिया के एक वर्ग ने भ्रामक अभियान छेड़ रखा है।

मायावती का एक्स पर सीधा हमला

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि BSP 'बहुजन समाज' और अपरकास्ट समाज के गरीब, शोषित व उपेक्षित वर्गों के संवैधानिक हक और न्याय के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए रास्तों पर चलने वाली 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की ईमानदार अंबेडकरवादी पार्टी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BSP किसी बड़े पूंजीपति या धन्नासेठ के इशारे पर नहीं, बल्कि अपने लोगों के 'तन, मन और धन' के बलबूते चलती है।

उन्होंने आगे लिखा कि यही बात संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक और पूंजीवादी ताकतों को रास नहीं आती, इसीलिए वे चुनाव के नज़दीक आते ही तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर BSP और उसके नेतृत्व को बदनाम करने में जुट जाते हैं।

उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सफाई

मायावती ने पार्टी की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और बहुस्तरीय बताया। उन्होंने कहा कि BSP के पदाधिकारी संभावित प्रत्याशियों की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हैसियत के साथ-साथ पार्टी के प्रति उनकी वफादारी और टिकाऊपन को परखने के लिए 'कोर्ट में जिरह की तरह' सवाल-जवाब करते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपी स्टेट यूनिट के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल सहित पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी इस समय संगठन की मजबूती, जनाधार विस्तार और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग में लगे हैं। इस प्रक्रिया की गहराई को समझे बिना उसे 'फेस वैल्यू' पर अन्यथा लेना उचित नहीं है।

मीडिया और विरोधियों पर निशाना

BSP प्रमुख ने मीडिया के एक वर्ग पर आरोप लगाया कि वह दूसरी पार्टियों की 'चुनावी जुगाड़' से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए BSP के उम्मीदवार चयन पर सवालिया निशान खड़े करता है। उन्होंने कहा कि पार्टी को जो भी आर्थिक सहयोग मिलता है, वह उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने पर कानूनी रूप से खर्च किया जाता है — जो किसी से छिपा नहीं है।

मायावती के अनुसार, ऐसे में इसे लेकर षड्यंत्र के तहत अफवाहें फैलाना मीडिया को शोभा नहीं देता।

कार्यकर्ताओं से मिशन-2027 पर ध्यान केंद्रित रखने की अपील

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे विरोधी दलों के किसी भी प्रायोजित षड्यंत्र का शिकार न हों और मिशन 2027 के लक्ष्य में पूरी शक्ति से जुटे रहें। उन्होंने कहा कि BSP की जबरदस्त तैयारी देखकर ही विरोधियों की नींद उड़ी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब UP में 2027 के विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज़ होती जा रही हैं और सभी प्रमुख दल अपनी रणनीतियाँ साधने में लगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि कथित स्टिंग की विषयवस्तु पर सीधा जवाब देने की बजाय उन्होंने 'षड्यंत्र' की आड़ को प्राथमिकता दी — जो BSP की पुरानी रक्षात्मक शैली है। 2022 के UP चुनाव में BSP के प्रदर्शन के बाद पार्टी पहले से ही विश्वसनीयता की चुनौती झेल रही है; ऐसे में किसी भी नए विवाद का असर जनाधार पर असंगत रूप से अधिक पड़ सकता है। उम्मीदवार चयन में 'आर्थिक हैसियत' को मानदंड बताना पारदर्शिता की दिशा में कदम है, लेकिन इसका सत्यापन-योग्य ढाँचा सार्वजनिक नहीं किया गया है। मिशन-2027 की असली परीक्षा बयानों में नहीं, ज़मीनी संगठन की मज़बूती में होगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायावती ने कथित स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर क्या कहा?
मायावती ने इसे BSP और उसके नेतृत्व को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने कहा कि UP विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विरोधी दल और मीडिया का एक वर्ग भ्रामक अभियान चला रहे हैं।
BSP की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया कैसी है?
मायावती के अनुसार BSP की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पारदर्शी और बहुस्तरीय है। पार्टी पदाधिकारी संभावित प्रत्याशियों की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हैसियत के साथ-साथ पार्टी के प्रति वफादारी को परखने के लिए विस्तृत सवाल-जवाब करते हैं।
मायावती ने मीडिया पर क्या आरोप लगाए?
मायावती ने मीडिया के एक वर्ग पर आरोप लगाया कि वह दूसरी पार्टियों की 'चुनावी जुगाड़' से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए BSP के उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि षड्यंत्र के तहत अफवाहें फैलाना मीडिया को शोभा नहीं देता।
BSP का मिशन 2027 क्या है?
मिशन 2027 BSP की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए रणनीतिक तैयारी है। इसके तहत पार्टी संगठन को मज़बूत करना, जनाधार विस्तार और संभावित उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग शामिल है।
विश्वनाथ पाल कौन हैं और इस विवाद में उनकी क्या भूमिका है?
विश्वनाथ पाल BSP के उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट के अध्यक्ष हैं। मायावती ने स्पष्ट किया कि वे और पार्टी के अन्य सभी पदाधिकारी इस समय संगठन मजबूती और उम्मीदवार स्क्रीनिंग में लगे हैं; उनकी गतिविधियों को संदर्भ से बाहर लेकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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