मायावती का पलटवार: BSP को बदनाम करने की साजिश है कथित स्टिंग विवाद, मिशन-2027 पर रहें केंद्रित
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 19 जून 2026 को एक कथित स्टिंग ऑपरेशन से उपजे विवाद को सिरे से खारिज करते हुए इसे पार्टी और उसके नेतृत्व को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BSP की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से बौखलाए विरोधी दलों और मीडिया के एक वर्ग ने भ्रामक अभियान छेड़ रखा है।
मायावती का एक्स पर सीधा हमला
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि BSP 'बहुजन समाज' और अपरकास्ट समाज के गरीब, शोषित व उपेक्षित वर्गों के संवैधानिक हक और न्याय के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए रास्तों पर चलने वाली 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की ईमानदार अंबेडकरवादी पार्टी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BSP किसी बड़े पूंजीपति या धन्नासेठ के इशारे पर नहीं, बल्कि अपने लोगों के 'तन, मन और धन' के बलबूते चलती है।
उन्होंने आगे लिखा कि यही बात संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक और पूंजीवादी ताकतों को रास नहीं आती, इसीलिए वे चुनाव के नज़दीक आते ही तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर BSP और उसके नेतृत्व को बदनाम करने में जुट जाते हैं।
उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सफाई
मायावती ने पार्टी की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और बहुस्तरीय बताया। उन्होंने कहा कि BSP के पदाधिकारी संभावित प्रत्याशियों की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हैसियत के साथ-साथ पार्टी के प्रति उनकी वफादारी और टिकाऊपन को परखने के लिए 'कोर्ट में जिरह की तरह' सवाल-जवाब करते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपी स्टेट यूनिट के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल सहित पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी इस समय संगठन की मजबूती, जनाधार विस्तार और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग में लगे हैं। इस प्रक्रिया की गहराई को समझे बिना उसे 'फेस वैल्यू' पर अन्यथा लेना उचित नहीं है।
मीडिया और विरोधियों पर निशाना
BSP प्रमुख ने मीडिया के एक वर्ग पर आरोप लगाया कि वह दूसरी पार्टियों की 'चुनावी जुगाड़' से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए BSP के उम्मीदवार चयन पर सवालिया निशान खड़े करता है। उन्होंने कहा कि पार्टी को जो भी आर्थिक सहयोग मिलता है, वह उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने पर कानूनी रूप से खर्च किया जाता है — जो किसी से छिपा नहीं है।
मायावती के अनुसार, ऐसे में इसे लेकर षड्यंत्र के तहत अफवाहें फैलाना मीडिया को शोभा नहीं देता।
कार्यकर्ताओं से मिशन-2027 पर ध्यान केंद्रित रखने की अपील
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे विरोधी दलों के किसी भी प्रायोजित षड्यंत्र का शिकार न हों और मिशन 2027 के लक्ष्य में पूरी शक्ति से जुटे रहें। उन्होंने कहा कि BSP की जबरदस्त तैयारी देखकर ही विरोधियों की नींद उड़ी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब UP में 2027 के विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज़ होती जा रही हैं और सभी प्रमुख दल अपनी रणनीतियाँ साधने में लगे हैं।