26 जून 2026
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नशा-विरोधी अंतरराष्ट्रीय दिवस पर गुजरात पुलिस का अभियान: अहमदाबाद में साइक्लोथॉन, सूरत में रैली

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नशा-विरोधी अंतरराष्ट्रीय दिवस पर गुजरात पुलिस का अभियान: अहमदाबाद में साइक्लोथॉन, सूरत में रैली

सारांश

गुजरात पुलिस ने 26 जून को नशा-विरोधी अंतरराष्ट्रीय दिवस पर अहमदाबाद और सूरत में बड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। पाँच वर्षों में ₹13,600 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त और 5,346 गिरफ्तारियाँ — राज्य की कार्रवाई और जन-भागीदारी का यह संयोजन नशा-मुक्त भारत के संकल्प को नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

गुजरात पुलिस ने 26 जून 2026 को अहमदाबाद और सूरत में नशा-विरोधी अंतरराष्ट्रीय दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
एएनटीएफ ने साबरमती रिवरफ्रंट पर साइक्लोथॉन का आयोजन किया; डीजीपी जीएस मलिक ने हरी झंडी दिखाई।
सूरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत के नेतृत्व में जन-जागरूकता रैली में छात्र, एनजीओ और मीडिया शामिल हुए।
पिछले पाँच वर्षों में गुजरात पुलिस ने 3,700 से अधिक एनडीपीएस मामले दर्ज किए और 5,346 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस अवधि में ₹13,600 करोड़ से अधिक मूल्य के 1.36 लाख किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए गए।

गुजरात पुलिस ने 26 जून 2026 को 'नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस' पर अहमदाबाद और सूरत में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, छात्रों, एनजीओ प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। राज्य सरकार ने इस अवसर पर पिछले पाँच वर्षों के नशा-विरोधी अभियान के आँकड़े भी सार्वजनिक किए।

अहमदाबाद में साइक्लोथॉन का आयोजन

अहमदाबाद में गुजरात पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने साबरमती रिवरफ्रंट पर एक साइक्लोथॉन का आयोजन किया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जीएस मलिक ने इस कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई, जिसमें पुलिसकर्मी, अधिकारी, छात्र और आम जनता शामिल हुई।

मलिक ने कहा, "इस मौके पर यहाँ एक साइक्लोथॉन आयोजित की गई। इसमें पुलिस एसपी, अन्य कर्मचारियों के साथ-साथ निजी व्यक्तियों और आम जनता ने भी हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना था, क्योंकि नशीली दवाओं से संबंधित मुद्दे और चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।" यह साइक्लोथॉन एएनटीएफ की 'नशा-मुक्त भारत' पहल के तहत आयोजित की गई।

सूरत में जन-जागरूकता रैली

सूरत में शहर की पुलिस ने एक जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, स्कूलों और कॉलेजों के छात्र, स्थानीय निवासी, गैर-सरकारी संगठन और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। सूरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि शहर की पुलिस कई वर्षों से यह वार्षिक रैली आयोजित करती आ रही है।

गहलोत ने कहा, "इस दिन हम अपनी एकता और संकल्प दिखाते हैं कि आने वाले पूरे साल हम नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ते रहेंगे और सख्त कार्रवाई करेंगे।" रैली का उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरों के प्रति जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करना था।

पाँच वर्षों के नशा-विरोधी अभियान के आँकड़े

ये जागरूकता कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा पिछले पाँच वर्षों की कार्रवाई के आँकड़े जारी करने के एक दिन बाद आयोजित किए गए। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इस अवधि में पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 3,700 से अधिक मामले दर्ज किए, 5,346 आरोपियों को गिरफ्तार किया और ₹13,600 करोड़ से अधिक मूल्य के 1.36 लाख किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए।

राज्य का नशा-विरोधी ढाँचा

अधिकारियों ने बताया कि गुजरात ने नशा-मुक्ति और पुनर्वास पहलों के साथ-साथ समर्पित बलों, तकनीक-आधारित जाँच और सूचना देने वालों के लिए इनाम योजनाओं के माध्यम से अपने नशा-विरोधी ढाँचे को मजबूत किया है। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में और तेज हुआ है जब देशभर में नशीली दवाओं की तस्करी के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य पुलिस की यह कोशिश सामुदायिक भागीदारी को कानून-प्रवर्तन के साथ जोड़ने का प्रयास है, जो आगे भी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

600 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त — प्रभावशाली हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इन जब्तियों ने राज्य में नशे की उपलब्धता और उपभोग को वास्तव में कम किया है। जागरूकता रैलियाँ और साइक्लोथॉन दृश्यता बनाते हैं, पर पुनर्वास और माँग में कमी के आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए। आपूर्ति-पक्ष की कार्रवाई के साथ-साथ माँग-पक्ष की नीति — स्कूल-स्तरीय हस्तक्षेप, परामर्श केंद्र, पुनर्वास दर — को भी उतनी ही पारदर्शिता से सामने रखना होगा, तभी 'नशा-मुक्त भारत' का संकल्प महज वार्षिक रस्म से आगे जाएगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26 जून को नशीली दवाओं के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस क्यों मनाया जाता है?
संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 26 जून को प्रतिवर्ष 'नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस' मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नशे के खतरों के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प को मजबूत करना है।
गुजरात पुलिस ने 26 जून 2026 को कौन-से कार्यक्रम आयोजित किए?
गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर एएनटीएफ की ओर से साइक्लोथॉन और सूरत में जन-जागरूकता रैली आयोजित की। दोनों कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारी, छात्र, एनजीओ और आम नागरिक शामिल हुए।
गुजरात में पिछले पाँच वर्षों में नशीली दवाओं के खिलाफ कितनी कार्रवाई हुई?
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, गुजरात पुलिस ने पिछले पाँच वर्षों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 3,700 से अधिक मामले दर्ज किए, 5,346 आरोपियों को गिरफ्तार किया और ₹13,600 करोड़ से अधिक मूल्य के 1.36 लाख किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए।
एएनटीएफ क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
एएनटीएफ यानी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स गुजरात पुलिस की एक विशेष इकाई है जो नशीली दवाओं की तस्करी और दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई करती है। यह बल तकनीक-आधारित जाँच, सूचना-तंत्र और जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से राज्य में नशे की समस्या से निपटता है।
गुजरात सरकार ने नशा-मुक्ति के लिए क्या कदम उठाए हैं?
गुजरात सरकार ने समर्पित नशा-विरोधी बलों, तकनीक-आधारित जाँच, सूचना देने वालों के लिए इनाम योजनाओं और नशा-मुक्ति एवं पुनर्वास पहलों के माध्यम से अपना नशा-विरोधी ढाँचा मजबूत किया है। वार्षिक जागरूकता अभियान इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
राष्ट्र प्रेस
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