नशा-विरोधी अंतरराष्ट्रीय दिवस पर गुजरात पुलिस का अभियान: अहमदाबाद में साइक्लोथॉन, सूरत में रैली
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात पुलिस ने 26 जून 2026 को 'नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस' पर अहमदाबाद और सूरत में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, छात्रों, एनजीओ प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। राज्य सरकार ने इस अवसर पर पिछले पाँच वर्षों के नशा-विरोधी अभियान के आँकड़े भी सार्वजनिक किए।
अहमदाबाद में साइक्लोथॉन का आयोजन
अहमदाबाद में गुजरात पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने साबरमती रिवरफ्रंट पर एक साइक्लोथॉन का आयोजन किया। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जीएस मलिक ने इस कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाई, जिसमें पुलिसकर्मी, अधिकारी, छात्र और आम जनता शामिल हुई।
मलिक ने कहा, "इस मौके पर यहाँ एक साइक्लोथॉन आयोजित की गई। इसमें पुलिस एसपी, अन्य कर्मचारियों के साथ-साथ निजी व्यक्तियों और आम जनता ने भी हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना था, क्योंकि नशीली दवाओं से संबंधित मुद्दे और चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।" यह साइक्लोथॉन एएनटीएफ की 'नशा-मुक्त भारत' पहल के तहत आयोजित की गई।
सूरत में जन-जागरूकता रैली
सूरत में शहर की पुलिस ने एक जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, स्कूलों और कॉलेजों के छात्र, स्थानीय निवासी, गैर-सरकारी संगठन और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। सूरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि शहर की पुलिस कई वर्षों से यह वार्षिक रैली आयोजित करती आ रही है।
गहलोत ने कहा, "इस दिन हम अपनी एकता और संकल्प दिखाते हैं कि आने वाले पूरे साल हम नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ते रहेंगे और सख्त कार्रवाई करेंगे।" रैली का उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरों के प्रति जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करना था।
पाँच वर्षों के नशा-विरोधी अभियान के आँकड़े
ये जागरूकता कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा पिछले पाँच वर्षों की कार्रवाई के आँकड़े जारी करने के एक दिन बाद आयोजित किए गए। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इस अवधि में पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 3,700 से अधिक मामले दर्ज किए, 5,346 आरोपियों को गिरफ्तार किया और ₹13,600 करोड़ से अधिक मूल्य के 1.36 लाख किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए।
राज्य का नशा-विरोधी ढाँचा
अधिकारियों ने बताया कि गुजरात ने नशा-मुक्ति और पुनर्वास पहलों के साथ-साथ समर्पित बलों, तकनीक-आधारित जाँच और सूचना देने वालों के लिए इनाम योजनाओं के माध्यम से अपने नशा-विरोधी ढाँचे को मजबूत किया है। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में और तेज हुआ है जब देशभर में नशीली दवाओं की तस्करी के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य पुलिस की यह कोशिश सामुदायिक भागीदारी को कानून-प्रवर्तन के साथ जोड़ने का प्रयास है, जो आगे भी जारी रहेगी।