सतीश पूनिया बने BJP के पंजाब प्रभारी, बोले — जनता AAP से त्रस्त, भाजपा को देगी मौका
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 19 अगस्त 2025 को वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को पंजाब प्रभारी नियुक्त किया — यह नियुक्ति उनके राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने के महज एक दिन बाद हुई। पूनिया को 17 अगस्त को नितिन नवीन की टीम में राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पार्टी की ओर से लगातार दो बड़ी जिम्मेदारियाँ मिलने पर पूनिया ने कहा कि पंजाब में भाजपा के पक्ष में 'अंडर करंट' है और आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी साफ दिख रही है।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि
सतीश पूनिया राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और हरियाणा चुनाव प्रबंधन में भी उनकी भूमिका रही है। उन्होंने कहा, 'हमने हरियाणा में खूब सीखा और जमीन पर उतारा। वहाँ अच्छी टीम मिली और केंद्र का भी पूरा वरदहस्त था।' उनके अनुसार प्रधानमंत्री की सभाओं का जनता पर 'अद्भुत आकर्षण' होता है, जो हरियाणा की जीत का एक अहम कारक रहा।
पंजाब में भाजपा की रणनीति
पूनिया ने स्पष्ट किया कि पंजाब में भाजपा दोहरी चुनौती का सामना करेगी — एक तरफ सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और दूसरी तरफ कांग्रेस का पुराना संगठनात्मक ढाँचा। उन्होंने कहा, 'आम आदमी पार्टी की सरकार बनने का कारण यह था कि लोग विकल्प की तलाश में थे। आज भाजपा विकल्प के तौर पर पंजाब की जनता के सामने है।' पूनिया के अनुसार पार्टी एक सुविचारित रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और 'अपनी खूबियों से सत्ता में आने' की कोशिश करेगी।
AAP पर हमला और कांग्रेस की स्थिति
पूनिया ने आम आदमी पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में जो वादे किए गए, उन्हें लेकर पार्टी जनता के सामने 'बेनकाब' हो गई और 'पंजाब में तो और जल्दी बेनकाब हो गए।' उन्होंने कहा कि 'आप' ने पंजाब की जनता को जो भरोसा दिलाया था, वह टूट चुका है। वहीं कांग्रेस के बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी में 'विग्रह' है, जिससे विपक्षी खेमा कमजोर है।
भाजपा का व्यापक विस्तार — संदर्भ
पूनिया ने भाजपा के हालिया राजनीतिक विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 'वजूद को तोड़ा', महाराष्ट्र में वापसी की और बिहार में भी अच्छा प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि पंजाब वह राज्य है जहाँ भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनाव में अकेले दम पर चुनाव लड़ा था और महज 2 सीटें जीती थीं। ऐसे में नई नियुक्ति पार्टी की 2027 के चुनावों के लिए दीर्घकालिक तैयारी का संकेत मानी जा रही है।
आगे की राह
पूनिया ने कहा कि पंजाब की जनता 'सुख-शांति और तरक्की' चाहती है और भाजपा 'एक अच्छा शासन देने में पूरी तरह सक्षम' है। उन्होंने 'पुराना पंजाब लौटाने' का संकल्प दोहराया। पार्टी अब जमीनी संगठन को मजबूत करने और गठबंधन की संभावनाओं को तलाशने पर ध्यान केंद्रित करेगी।