14 जुलाई 2026
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पीयूष गोयल की न्यूयॉर्क में 50+ बिजनेस लीडर्स से मुलाकात, भारत-अमेरिका ट्रेड और सप्लाई-चेन साझेदारी पर मंथन

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पीयूष गोयल की न्यूयॉर्क में 50+ बिजनेस लीडर्स से मुलाकात, भारत-अमेरिका ट्रेड और सप्लाई-चेन साझेदारी पर मंथन

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का यह दोहरा दौरा — न्यूयॉर्क में 50+ बिजनेस लीडर्स से राउंडटेबल और टोरंटो में कनाडाई उद्योगपतियों को निवेश का न्यौता — भारत की उस कूटनीतिक-आर्थिक रणनीति को दर्शाता है जो वैश्विक सप्लाई-चेन पुनर्गठन के बीच देश को प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना चाहती है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में भारतीय कॉन्सुलेट जनरल और यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के सहयोग से आयोजित बैठक में 50 से अधिक बिजनेस लीडर्स से मुलाकात की।
बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार, निवेश, इनोवेशन और सप्लाई-चेन साझेदारी को गहरा करने पर चर्चा हुई।
गोयल ने कनाडा के टोरंटो में भी कारोबारियों को भारत में निवेश का आमंत्रण दिया, जहाँ व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू भी उपस्थित रहे।
CEPA (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) को भारत-कनाडा व्यापार संबंधों का अहम उत्प्रेरक बताया गया।
गोयल ने भारत के सुधार-प्रेरित कारोबारी माहौल और वैश्विक निवेशकों के लिए बढ़ते अवसरों को रेखांकित किया।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में भारतीय कॉन्सुलेट जनरल द्वारा यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के सहयोग से आयोजित एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल बैठक में 50 से अधिक प्रमुख बिजनेस और इंडस्ट्री लीडर्स से मुलाकात की। इस बैठक में भारत-अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश, इनोवेशन और सप्लाई-चेन साझेदारी को और गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुई चर्चा

गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि इस राउंडटेबल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के मजबूत आर्थिक विकास, सुधार-प्रेरित कारोबारी माहौल और वैश्विक निवेशकों के लिए उभरते अवसरों को रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा, 'भारत-अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश, इनोवेशन और सप्लाई-चेन पार्टनरशिप को और अधिक गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की गई ताकि साझा समृद्धि हासिल की जा सके।'

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नई गति देने की कोशिशें जारी हैं और वैश्विक सप्लाई-चेन पुनर्गठन के बीच भारत एक प्रमुख विकल्प के रूप में उभर रहा है।

कनाडा दौरे में भी दिया निवेश का न्यौता

न्यूयॉर्क बैठक से पहले पीयूष गोयल कनाडा के दौरे पर भी रहे, जहाँ उन्होंने टोरंटो में कारोबारियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में गोयल ने व्यापार को सरल बनाने और निवेशक-अनुकूल माहौल तैयार करने के भारत के निरंतर प्रयासों का उल्लेख किया।

गोयल ने कनाडाई व्यवसायिक और औद्योगिक लीडर्स को भारत की विकास गाथा में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह समझौता भारत-कनाडा व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊँचाई देने में एक अहम उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।

भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों पर भरोसा

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी का अगला अध्याय विश्वास की बुनियाद पर आगे बढ़ेगा, जिससे दोनों देशों की समृद्धि में इजाफा होगा। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में राजनयिक तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिशें जारी रही हैं।

आगे की राह

गोयल का यह विदेश दौरा भारत सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत प्रमुख वैश्विक बाजारों में निवेश आकर्षित करने और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। भारत-अमेरिका और भारत-कनाडा दोनों मोर्चों पर हुई इन बैठकों के नतीजे आने वाले महीनों में व्यापार वार्ताओं की दिशा तय करने में सहायक होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इन राउंडटेबल चर्चाओं से ठोस निवेश प्रतिबद्धताएँ कब और कितनी आकार लेती हैं। भारत-कनाडा संबंधों में हालिया राजनयिक खटास के बाद CEPA पर जोर देना एक सोची-समझी रणनीति है, लेकिन इस समझौते की वार्ता वर्षों से अधर में लटकी है। वैश्विक सप्लाई-चेन पुनर्गठन का यह क्षण भारत के लिए एक बड़ा अवसर है — सवाल यह है कि क्या नीतिगत निरंतरता और क्रियान्वयन की गति इस अवसर को भुनाने के लिए पर्याप्त होगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में किनसे और किस उद्देश्य से मुलाकात की?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में भारतीय कॉन्सुलेट जनरल और यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम के सहयोग से आयोजित राउंडटेबल में 50 से अधिक प्रमुख बिजनेस और इंडस्ट्री लीडर्स से मुलाकात की। इस बैठक का उद्देश्य भारत-अमेरिका व्यापार, निवेश, इनोवेशन और सप्लाई-चेन साझेदारी को मजबूत करना था।
भारत-अमेरिका ट्रेड बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई?
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के आर्थिक विकास, सुधार-प्रेरित कारोबारी माहौल और वैश्विक निवेशकों के लिए अवसरों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही भारत-अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश, इनोवेशन और सप्लाई-चेन पार्टनरशिप गहरी करने के तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ।
पीयूष गोयल के कनाडा दौरे का क्या महत्व है?
गोयल ने टोरंटो में कनाडाई व्यवसायिक और औद्योगिक लीडर्स को भारत की विकास गाथा में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू की मौजूदगी में यह दौरा हाल के राजनयिक तनाव के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को पुनर्जीवित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
भारत-कनाडा CEPA क्या है और यह क्यों अहम है?
CEPA यानी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित एक व्यापक व्यापार समझौता है। गोयल ने इसे दोनों देशों के व्यापार और निवेश संबंधों का अहम उत्प्रेरक बताया, जो विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।
इन बैठकों से भारत को क्या फायदा होने की उम्मीद है?
इन बैठकों से भारत को अमेरिका और कनाडा से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने, वैश्विक सप्लाई-चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है। आने वाले महीनों में इन चर्चाओं के ठोस परिणाम व्यापार वार्ताओं की दिशा तय करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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