पीयूष गोयल की न्यूयॉर्क में मास्टरकार्ड, मॉर्गन स्टेनली समेत 50+ बिजनेस लीडर्स से मुलाकात, भारत निवेश पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 29 मई 2026 को न्यूयॉर्क में शीर्ष अमेरिकी कारोबारी नेताओं के साथ एक के बाद एक बैठकें कीं, जिनका केंद्रबिंदु भारत में निवेश के विस्तार और द्विपक्षीय व्यापार साझेदारी को नई ऊँचाई देना रहा। कनाडा की सफल यात्रा के तुरंत बाद की गई यह अमेरिकी यात्रा मोदी सरकार की 'इन्वेस्ट इन इंडिया' कूटनीति का हिस्सा है।
मुख्य द्विपक्षीय बैठकें
गोयल ने मास्टरकार्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीबैक माइकल से मुलाकात की और डिजिटल कॉमर्स, डिजिटल सुरक्षा तथा अगली पीढ़ी के भुगतान समाधानों में साझेदारी को और गहरा करने पर विचार-विमर्श किया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत का डिजिटल भुगतान बाज़ार विश्व के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में शुमार है।
इसके बाद उन्होंने एमनेल फार्मास्युटिकल्स के सह-संस्थापक और सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिंटू पटेल से भेंट की। दोनों के बीच भारत के फार्मास्युटिकल क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं और नवाचार को प्रोत्साहन देने के रास्तों पर गहन चर्चा हुई।
वारबर्ग पिंकस के अध्यक्ष चिप काय के साथ बैठक में गोयल ने बदलते वैश्विक निवेश परिदृश्य और विकास एवं नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में भारत के उभरने पर चर्चा की। वारबर्ग पिंकस भारत में पहले से ही कई क्षेत्रों में सक्रिय निवेशक है।
मॉर्गन स्टेनली के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेड पिक से हुई बैठक में भारत में दीर्घकालिक निवेश और संस्थागत साझेदारी को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित रहा। साथ ही यह पता लगाया गया कि मॉर्गन स्टेनली देश के विभिन्न उभरते क्षेत्रों में अवसरों का किस प्रकार लाभ उठा सकता है।
राउंडटेबल: 50 से अधिक कारोबारी नेताओं से संवाद
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम के सहयोग से आयोजित राउंडटेबल बैठक में 50 से अधिक प्रमुख कारोबारी और उद्योग नेता शामिल हुए। इस बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार, निवेश, नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने पर व्यापक विमर्श हुआ।
गोयल ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, "न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम के सहयोग से आयोजित राउंडटेबल बैठक में 50 से अधिक प्रमुख बिजनेस और इंडस्ट्री लीडर्स के साथ बातचीत की।"
उन्होंने आगे लिखा, "इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की मज़बूत विकास गति, सुधार-प्रेरित कारोबारी माहौल और वैश्विक निवेशकों के लिए बढ़ते अवसरों पर प्रकाश डाला गया।"
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह यात्रा भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के उस दौर में हो रही है जब दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि निवेश बैठकों का असली मापदंड वास्तविक प्रतिबद्धताओं में तब्दील होने वाली घोषणाएँ होंगी, न कि केवल संवाद।
आगे क्या
गोयल की इस यात्रा से भारत-अमेरिका व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। उद्योग जगत की नज़रें अब इस बात पर होंगी कि इन बैठकों के बाद कितनी ठोस निवेश प्रतिबद्धताएँ सामने आती हैं।