पीयूष गोयल: भारत-अमेरिका स्वाभाविक साझेदार, 6 महीनों में $60 अरब निवेश प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 21 मई 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका केवल कूटनीतिक सहयोगी नहीं, बल्कि तकनीक, रक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम कंप्यूटिंग और मेडिकल डिवाइसेज़ जैसे क्षेत्रों में स्वाभाविक साझेदार के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने भारत में $60 अरब से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
निवेश की लहर: अमेजन से गूगल तक
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के वार्षिक लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए गोयल ने बताया कि अमेजन और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों के बड़े डेटा सेंटर निवेश इस प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की कंपनियों को भरोसेमंद कारोबारी माहौल, विशाल बाज़ार, कुशल प्रतिभा और तेज़ी से बढ़ते अवसर उपलब्ध करा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कंपनियाँ चीन पर निर्भरता घटाकर वैकल्पिक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्रों की तलाश में हैं।
भारत की ताकत: प्रतिभा, बाज़ार और विश्वसनीयता
गोयल ने कहा कि अमेरिका एक भरोसेमंद साझेदार की तलाश में है और भारत ने बौद्धिक संपदा अधिकारों का सम्मान करते हुए समय पर उच्च गुणवत्ता वाला उत्पादन देकर अपनी विश्वसनीयता साबित की है। उन्होंने 140 करोड़ की आबादी के विशाल बाज़ार को अमेरिकी नवाचारों के लिए नई गति का स्रोत बताया। मंत्री के अनुसार, दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएँ परस्पर पूरक हैं और उनके बीच प्रतिस्पर्धा न्यूनतम है, जो इस साझेदारी को भविष्य की मज़बूत सप्लाई चेन के निर्माण के लिए आदर्श बनाती है।
'भव्य' योजना: 100 नए औद्योगिक पार्क
गोयल ने बताया कि सरकार क्षेत्र-आधारित औद्योगिक मॉडल पर काम कर रही है। 'भव्य' योजना के तहत देश भर में 100 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें उद्योगों के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए आवास, मनोरंजन और सामाजिक सुविधाएँ भी होंगी। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कम लॉजिस्टिक लागत और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को नई मज़बूती मिल रही है।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डिजिटल परिवर्तन
मंत्री ने बताया कि कोविड महामारी के बाद वैश्विक कंपनियाँ अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) भारत में स्थापित करने को प्राथमिकता दे रही हैं। वर्तमान में भारत में 2,117 GCC संचालित हो रहे हैं, जो करीब 23.5 लाख लोगों को रोज़गार दे रहे हैं और लगभग $98 अरब का कारोबार पैदा कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले एक दशक में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2 गीगावाट से बढ़कर 150 गीगावाट से अधिक हो चुकी है।
विकास दर और 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य
गोयल ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.5% किया गया है। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के तहत प्रति व्यक्ति आय को $20,000 तक पहुँचाने और मज़बूत औद्योगिक व डिजिटल अर्थव्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के ज़रिए एमएसएमई को अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन दिलाकर वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की योजना है। उद्योग जगत और निवेशकों से भारत की विकास यात्रा पर भरोसा करने की अपील करते हुए गोयल ने कहा कि जो इस यात्रा में शामिल होंगे, वे आने वाले वर्षों में सबसे बड़े लाभार्थी होंगे।