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पीयूष गोयल: भारत-अमेरिका स्वाभाविक साझेदार, 6 महीनों में $60 अरब निवेश प्रतिबद्धता

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पीयूष गोयल: भारत-अमेरिका स्वाभाविक साझेदार, 6 महीनों में $60 अरब निवेश प्रतिबद्धता

सारांश

अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के मंच से पीयूष गोयल का संदेश साफ था — भारत अब असेंबली लाइन नहीं, नवाचार का वैश्विक केंद्र है। $60 अरब की निवेश प्रतिबद्धता, 2,117 GCC और 'भव्य' योजना के 100 औद्योगिक पार्क — यह भारत-अमेरिका आर्थिक धुरी के गहराते रिश्तों की तस्वीर है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 21 मई 2026 को AmCham लीडरशिप समिट में भारत-अमेरिका को स्वाभाविक साझेदार बताया।
पिछले 6 महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने भारत में $60 अरब से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई, जिसमें अमेजन और गूगल के डेटा सेंटर शामिल हैं।
भारत में 2,117 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर सक्रिय, 23.5 लाख रोज़गार और $98 अरब कारोबार।
'भव्य' योजना के तहत देश भर में 100 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।
भारत की विकास दर अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.5% किया गया; सौर ऊर्जा क्षमता 2 GW से 150 GW+ तक पहुँची।
'विकसित भारत 2047' के तहत प्रति व्यक्ति आय $20,000 तक पहुँचाने का लक्ष्य।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 21 मई 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका केवल कूटनीतिक सहयोगी नहीं, बल्कि तकनीक, रक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम कंप्यूटिंग और मेडिकल डिवाइसेज़ जैसे क्षेत्रों में स्वाभाविक साझेदार के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने भारत में $60 अरब से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

निवेश की लहर: अमेजन से गूगल तक

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के वार्षिक लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए गोयल ने बताया कि अमेजन और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों के बड़े डेटा सेंटर निवेश इस प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की कंपनियों को भरोसेमंद कारोबारी माहौल, विशाल बाज़ार, कुशल प्रतिभा और तेज़ी से बढ़ते अवसर उपलब्ध करा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कंपनियाँ चीन पर निर्भरता घटाकर वैकल्पिक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्रों की तलाश में हैं।

भारत की ताकत: प्रतिभा, बाज़ार और विश्वसनीयता

गोयल ने कहा कि अमेरिका एक भरोसेमंद साझेदार की तलाश में है और भारत ने बौद्धिक संपदा अधिकारों का सम्मान करते हुए समय पर उच्च गुणवत्ता वाला उत्पादन देकर अपनी विश्वसनीयता साबित की है। उन्होंने 140 करोड़ की आबादी के विशाल बाज़ार को अमेरिकी नवाचारों के लिए नई गति का स्रोत बताया। मंत्री के अनुसार, दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएँ परस्पर पूरक हैं और उनके बीच प्रतिस्पर्धा न्यूनतम है, जो इस साझेदारी को भविष्य की मज़बूत सप्लाई चेन के निर्माण के लिए आदर्श बनाती है।

'भव्य' योजना: 100 नए औद्योगिक पार्क

गोयल ने बताया कि सरकार क्षेत्र-आधारित औद्योगिक मॉडल पर काम कर रही है। 'भव्य' योजना के तहत देश भर में 100 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनमें उद्योगों के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए आवास, मनोरंजन और सामाजिक सुविधाएँ भी होंगी। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कम लॉजिस्टिक लागत और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को नई मज़बूती मिल रही है।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डिजिटल परिवर्तन

मंत्री ने बताया कि कोविड महामारी के बाद वैश्विक कंपनियाँ अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) भारत में स्थापित करने को प्राथमिकता दे रही हैं। वर्तमान में भारत में 2,117 GCC संचालित हो रहे हैं, जो करीब 23.5 लाख लोगों को रोज़गार दे रहे हैं और लगभग $98 अरब का कारोबार पैदा कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले एक दशक में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2 गीगावाट से बढ़कर 150 गीगावाट से अधिक हो चुकी है।

विकास दर और 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य

गोयल ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास दर का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.5% किया गया है। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के तहत प्रति व्यक्ति आय को $20,000 तक पहुँचाने और मज़बूत औद्योगिक व डिजिटल अर्थव्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के ज़रिए एमएसएमई को अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन दिलाकर वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की योजना है। उद्योग जगत और निवेशकों से भारत की विकास यात्रा पर भरोसा करने की अपील करते हुए गोयल ने कहा कि जो इस यात्रा में शामिल होंगे, वे आने वाले वर्षों में सबसे बड़े लाभार्थी होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'प्रतिबद्धता' और वास्तविक निवेश के बीच की खाई को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — भारत में घोषित FDI और वास्तव में आया FDI अक्सर एकसमान नहीं होता। 2,117 GCC और 23.5 लाख रोज़गार की संख्या ठोस है, लेकिन यह मुख्यतः उच्च-कौशल सेवा क्षेत्र में केंद्रित है, जबकि विनिर्माण रोज़गार — जो बड़े पैमाने पर कार्यबल को लाभ देते हैं — अभी भी अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाए हैं। 'भव्य' योजना के 100 औद्योगिक पार्क महत्वाकांक्षी हैं, परंतु समयसीमा और क्रियान्वयन ढाँचे की स्पष्टता के बिना यह पिछली कई घोषणाओं की कतार में खड़ी दिखती है। असली परीक्षा यह है कि क्या ये साझेदारियाँ मध्यम-कौशल रोज़गार तक पहुँचती हैं या सिर्फ तकनीकी अभिजात वर्ग को लाभ देती हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका साझेदारी के बारे में क्या कहा?
गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका तकनीक, रक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम कंप्यूटिंग और मेडिकल डिवाइसेज़ में स्वाभाविक साझेदार हैं। उन्होंने आपसी विश्वास और साझा आर्थिक हितों को इस रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत बताया।
पिछले 6 महीनों में भारत में अमेरिकी निवेश कितना रहा?
गोयल के अनुसार, पिछले छह महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने भारत में $60 अरब से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें अमेजन और गूगल के बड़े डेटा सेंटर निवेश भी शामिल हैं।
'भव्य' योजना क्या है और इसमें क्या शामिल है?
'भव्य' योजना के तहत भारत में 100 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में उद्योगों के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए आवास, मनोरंजन और सामाजिक सुविधाएँ भी होंगी, ताकि एक समग्र औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार हो सके।
भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की मौजूदा स्थिति क्या है?
वर्तमान में भारत में 2,117 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) संचालित हो रहे हैं, जो करीब 23.5 लाख लोगों को रोज़गार दे रहे हैं और लगभग $98 अरब का कारोबार पैदा कर रहे हैं। कोविड महामारी के बाद से वैश्विक कंपनियाँ भारत में GCC स्थापित करने को प्राथमिकता दे रही हैं।
'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य क्या है?
'विकसित भारत 2047' के तहत भारत को विकसित राष्ट्र बनाने, प्रति व्यक्ति आय $20,000 तक पहुँचाने और मज़बूत औद्योगिक व डिजिटल अर्थव्यवस्था तैयार करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के ज़रिए एमएसएमई को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की योजना भी है।
राष्ट्र प्रेस
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