भारत-अमेरिका 'स्वाभाविक साझेदार': राजदूत सर्जियो गोर बोले — हर क्षेत्र में असीम संभावनाएं
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका को 'असीम संभावनाओं वाले स्वाभाविक साझेदार' करार दिया है। वाशिंगटन में दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन प्रौद्योगिकी, रक्षा, निवेश और उभरते क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सक्रिय रूप से कार्यरत है। गोर के अनुसार इस साझेदारी की सबसे मजबूत नींव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध हैं।
भारत में छह महीने: राजदूत का अनुभव
राजदूत गोर ने बताया कि वे एक दिन पूर्व ही भारत से लौटे हैं और पिछले छह महीने उनके लिए अत्यंत समृद्ध रहे। उन्होंने कहा, 'मैंने भारत के खूबसूरत हिस्सों की यात्रा की और देशभर में कई प्रेरणादायक लोगों से मुलाकात की।' उनके अनुसार भारत की विविधता, तीव्र आर्थिक विकास और अमेरिका के साथ प्रगाढ़ होते संबंधों ने द्विपक्षीय रिश्तों के भविष्य को लेकर उनके विश्वास को और दृढ़ किया है।
भारत की विविधता को रेखांकित करते हुए गोर ने कहा, 'भारत की सबसे खास बात यह है कि हर सौ किलोमीटर पर आपको एक बिल्कुल अलग क्षेत्र देखने को मिलता है — हर जगह का अपना इतिहास, अपनी पृष्ठभूमि, अपनी भाषा और अपनी बोली है। भारत की यह विविधता अद्भुत है और दुनिया में इसकी कोई मिसाल नहीं है।'
व्यापार और निवेश: अरबों डॉलर की घोषणाएं
गोर ने दोनों देशों के बीच तेज़ी से बढ़ते व्यावसायिक संबंधों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अमेजन ने हाल ही में भारत में $40 अरब से अधिक के निवेश की घोषणा की है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां भी भारत में लगातार निवेश बढ़ा रही हैं। दूसरी ओर, भारतीय कंपनियां और प्रतिभाएं भी तेज़ी से अमेरिका पहुंच रही हैं।
राजदूत ने गर्व के साथ बताया कि अमेरिका में निवेश आकर्षित करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में रही है और भारत स्थित अमेरिकी दूतावास इस मामले में विश्वभर के अमेरिकी दूतावासों में पहले स्थान पर रहा। उन्होंने कहा, 'हमारी भागीदारी से एक वर्ष में $20 अरब से अधिक के नए निवेश की घोषणा हुई।'
मोदी-ट्रंप संबंध: साझेदारी की धुरी
गोर ने प्रधानमंत्री मोदी को 'बेहद ऊर्जावान, सक्रिय और परिणाम देने वाले नेता' बताया। उन्होंने कहा कि कई मायनों में उन्हें मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप में काफी समानताएं दिखती हैं — दोनों अपने काम में पूरी तरह समर्पित हैं और परिणाम हासिल करने पर जोर देते हैं। उनके अनुसार दोनों नेताओं की सोच मिलती-जुलती है और दोनों अपने-अपने देशों के लिए ठोस परिणाम देना चाहते हैं।
भविष्य की प्राथमिकताएं: व्यापार समझौता और 'पैक्स सिलिका'
भविष्य की प्राथमिकताओं पर गोर ने कहा कि उनका ध्यान द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने, रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने तथा 'पैक्स सिलिका' जैसी पहलों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले दो दशकों में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी रक्षा से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों तक फैल चुकी है। गौरतलब है कि आज यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में वाशिंगटन के सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक मानी जाती है।
गोर ने अपनी कार्यशैली के बारे में कहा, 'मैं हर सप्ताह अपनी टीम से पूछता हूं कि इस सप्ताह हम क्या हासिल करेंगे और क्या परिणाम देंगे — यही सोच आगे भी जारी रहेगी।' आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता और रक्षा सौदों की दिशा इस साझेदारी की वास्तविक परीक्षा होगी।